केंद्र सरकार द्वारा शुरु की गई पीएम किसान योजना का लाभ करोड़ों किसानों को मिल रहा है. ऐसे में योजना से जुड़े लोगों के लिए बड़ी खबर सामने आ रही है. अगर आपके बैंक खाते में DBT यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर सुविधा सक्रिय नहीं है, तो आने वाली 23वीं किस्त अटक सकती है. सरकार किसानों के खाते में किस्त की राशि सीधे DBT माध्यम से भेजती है, इसलिए बैंक खाते में यह सुविधा चालू होना बेहद जरूरी है.
क्या है DBT और क्यों जरूरी है?
डीबीटी (Direct Benefit Transfer) व्यवस्था सरकार ने किसानों का काम आसान करने के लिए की थी. यानी इस व्यवस्था की सुविधा सरकार ने इसलिए की है, ताकि बिना किसी बिचौलिये के सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में पैसा ट्रांसफर हो. पीएम किसान योजना की हर किस्त इसी प्रक्रिया के तहत किसानों तक पहुंचती है. अगर किसी कारण वर्ष DBT/NPCI मैपिंग एक्टिव नहीं है, तो किस्त का पैसा ट्रांसफर नहीं हो पाता तो ऐसे में किस्त का पैसा रोका जा सकता है.
23वीं किस्त से पहले करें ये जरूरी काम
सरकार बार-बार किसानों से यह अपील कर रही है कि वे अपने बैंक खाते में आधार सीडिंग और NPCI मैपिंग की स्थिति जरूर चेक करें. जिन किसानों का बैंक खाता आधार से लिंक नहीं है या DBT बंद है, उन्हें तुरंत इसे अपडेट करवाना चाहिए. इस प्रकार-
पहला चरण
सबसे पहले उस बैंक शाखा में जाएं जहां आपका खाता है. वहां संबंधित अधिकारी से मिलकर बताएं कि आपको पीएम किसान योजना के लिए DBT सुविधा चालू करवानी है.
दूसरा चरण
बैंक की ओर से आपको आधार सीडिंग फॉर्म या NPCI मैपिंग फॉर्म दिया जाएगा. इस फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारी सही-सही भरें और बैंक रिकॉर्ड के अनुसार हस्ताक्षर करें.
तीसरा चरण
फॉर्म के साथ आधार कार्ड की फोटोकॉपी जमा करें. बैंक अधिकारी दस्तावेज सत्यापित करने के बाद प्रक्रिया पूरी करेगा. कुछ दिनों के भीतर आपके खाते में DBT सुविधा सक्रिय हो सकती है.
इन बातों का भी रखें जरुर ध्यान
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बैंक खाता आधार कार्ड से लिंक होना चाहिए
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मोबाइल नंबर बैंक खाते से अपडेट होना जरूरी है
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e-KYC प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए
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NPCI मैपिंग स्टेटस एक्टिव होना चाहिए
किसान अभी से करें तैयारी
पीएम किसान योजना की अगली किस्त का इंतजार कर रहे किसानों के लिए यह जरूरी है कि वे किसी भी तकनीकी गलती को समय रहते ठीक करवा लें. छोटी सी लापरवाही की वजह से 2,000 रुपये की किस्त अटक सकती है. इसलिए बैंक जाकर DBT और आधार लिंकिंग की स्थिति जरूर जांच लें.
लेखक: रवीना सिंह
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