कृषि विभाग के उद्यान निदेशालय द्वारा वर्ष 2026-27 से बागवानी योजनाओं के आवेदन की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। अब तक जहां किसान उद्यान निदेशालय वेबसाइट के माध्यम से विभिन्न योजनाओं के लिए आवेदन करते थे, वहीं इस नए सत्र से आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह "बिहार कृषि ऐप" पर स्थानांतरित कर दिया गया है। सरकार का उद्देश्य आवेदन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और डिजिटल बनाना है, लेकिन शुरुआती दौर में यह व्यवस्था किसानों के लिए कई सवाल और परेशानियां खड़ी करती दिखाई दे रही है।
वर्तमान में मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर (MIDH) के अंतर्गत फलोत्पादन योजनाओं के लिए आवेदन लिए जा रहे हैं। विभाग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 21 अप्रैल 2026 से 12 जून 2026 तक किसान आम, लीची, पपीता, अमरूद एवं टिश्यू कल्चर केला के बाग लगाने हेतु आवेदन कर सकते हैं। योजना के अंतर्गत पात्र किसानों को निर्धारित मानकों के अनुसार 75% अनुदान का लाभ दिया जाना है।
एक से अधिक फसलों के लिए आवेदन नहीं
योजना के संचालन के दौरान सबसे बड़ी समस्या यह सामने आ रही है कि किसान केवल एक ही फल/कंपोनेंट के लिए आवेदन कर पा रहे हैं। वे किसान जो आम, लीची या अन्य फल फसलों के लिए आवेदन करना चाहते हैं, उन्हें बिहार कृषि ऐप में यह सुविधा नहीं मिल रही है। वही उद्यान निदेशालय का वेबसाइट के माध्यम से विभिन्न योजनाओं के लिए आवेदन कर पाते थे।
कई किसानों का कहना है कि आवेदन जमा करने के बाद दूसरा फल/कंपोनेंट चयन करने का विकल्प उपलब्ध नहीं हो रहा है। इससे यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि सरकार ने नियमों में कोई बदलाव किया है या फिर यह बिहार कृषि ऐप की तकनीकी समस्या है।
रोहतास जिले के किसान ज्योति प्रकाश का कहना है कि आम के लिए आवेदन जमा करने के बाद जब वे लीची, अमरूद, केला या पपीता जैसे अन्य कंपोनेंट के लिए आवेदन करने का प्रयास करते हैं, तो पोर्टल पर संदेश प्रदर्शित होता है "आपका पहले जमा किया गया आवेदन प्रक्रियाधीन है। कृपया अपडेट की प्रतीक्षा करें।" इसके बाद नया आवेदन दर्ज करने का विकल्प उपलब्ध नहीं है।
प्रखंड से जिला स्तर तक स्पष्ट जवाब नहीं
स्थिति की गंभीरता इस बात से समझी जा सकती है कि प्रखंड स्तर के उद्यान पदाधिकारी से लेकर जिला स्तर के अधिकारी भी किसानों को स्पष्ट जानकारी देने की स्थिति में नहीं हैं। कई स्थानों पर किसानों को केवल प्रतीक्षा करने या पुनः प्रयास करने की सलाह दी जा रही है।
किसान संजय सिंह का कहना है कि यदि वास्तव में एक किसान को केवल एक ही कंपोनेंट में आवेदन की अनुमति है, तो निदेशालय को इसकी स्पष्ट अधिसूचना जारी करनी चाहिए। वहीं यदि यह तकनीकी त्रुटि है तो आवेदन अवधि समाप्त होने से पहले इसका समाधान आवश्यक है, ताकि हम लोग योजनाओं से वंचित न रह जाएं।
उद्यान निदेशालय निदेशक अभिषेक कुमार ने बताया कि, यदि किसानों को आवेदन के दौरान ऐसी किसी प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ रहा है, तो निदेशालय इसकी जांच कराएगा। किसान योजना के विभिन्न फल/कंपोनेंट के लिए आवेदन कर सकते हैं। यदि ऐप में कोई तकनीकी बाधा है तो उसे दूर करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल किसानों की निगाहें उद्यान निदेशालय की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि निदेशालय द्वारा जांच के बाद तकनीकी खामी दूर कर दी जाती है, तो किसानों एक से अधिक पात्र बागवानी कंपोनेंट्स के लिए आवेदन कर सकेंगे और योजना का लाभ व्यापक रूप से प्राप्त कर पाएंगे।
Share your comments