देश के किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार ने पीएम किसान योजना की शुरुआत की ताकि किसानों की थोड़ी सहायता हो सकें. योजना के तहत अब तक देश के करोड़ों किसान बहन-भाइयों को 23 किस्तों को लाभ मिल चुका है. इसी के चलते किसानों को लिए बड़ी खुशखबरी सामने आ रही है. मोदी कैबिनेट ने पीएम-किसान योजना पांच साल बढ़ाने को मंजूरी दे दी है और इसमें 3.15 लाख करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिली है.
किसानों को कितनी मिलेगी सालाना?
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र भूमिधारक किसान परिवारों को हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है. यह राशि किसानों के बैंक खातों में सीधे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए भेजी जाती है. किसानों को यह रकम एक साथ नहीं, बल्कि 2,000 रुपये की तीन समान किस्तों में दी जाती है. ऐसे में सरकार का यह कदम ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब खेती की लागत लगातार बढ़ रही है और किसानों को बीज, खाद, सिंचाई, कीटनाशक और अन्य कृषि जरूरतों पर अधिक खर्च करना पड़ रहा है.
मोदी कैबिनेट ने क्या लिया बड़ा फैसला?
पीएम किसान योजना को लेकर केंद्रीय मंत्रिमंडल के इस फैसले की जानकारी देते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि पीएम किसान योजना को वित्त वर्ष 2030-31 तक आगे बढ़ाने की मंजूरी दी गई है. इसके लिए कुल 3,15,614 करोड़ रुपये के वित्तीय परिव्यय को मंजूरी प्रदान की गई है.
साथ ही सरकार का मानना है कि योजना को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने से किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी और खेती में आधुनिक तकनीक अपनाने, उत्पादकता बढ़ाने और कृषि से जुड़े जोखिमों को कम करने में मदद मिलने की संभावना जताई है.
पात्र किसानों के लिए जरूरी है रिकॉर्ड अपडेट रखना
अगर आप पीएम किसान योजना के लाभार्थियों को अपनी पात्रता और दस्तावेजों से जुड़े रिकॉर्ड अपडेट रखना जरूरी है. किसानों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनका आधार बैंक खाते से लिंक हो, बैंक खाते की जानकारी सही हो और योजना से संबंधित जरूरी सत्यापन प्रक्रिया पूरी हो.
अगर किसी किसान के रिकॉर्ड में नाम, बैंक खाता, आधार या अन्य जानकारी में गलती है नहीं हो, लेकिन ऐसे में कोई किसान इन कामों को पूरा नहीं करता है, तो वह इस सरकारी योजना की 24वीं किस्त व अगली किस्त की राशि का लाभ भी नहीं लें पाएगा.
लेखक: रवीना सिंह
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