दिल्ली सरकार ने किसानों को बड़ी खुशखबरी दी है. अक्सर देखा जाता था भारी बारिश आंधी-तूफान आने के कारण किसान भाइयों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ता था. उनकी फसलें खराब हो जाती थी और जो किसानों को सरकार की ओर से मदद जदी जाती थी. उससे उस नुकसान की भरपाई नहीं हो पाती थी. इसी परेशानी को देखते हुए रेखा गुप्ता सरकार ने कैबिनेट बैठक में फसल नुकसान पर मिलने वाला मुआवजा बढ़ाकर 75,000 रुपये प्रति हेक्टेयर करने का ऐलान कर दिया है. साथ ही किसानों के लिया गया यह फैसला किसी राहत से कम नहीं.
कितने किसान परिवारों को मिलेगी ये मुआवजा राशि?
दिल्ली के आस पास के इलाकों में ऐसे किसान परिवार है, जो सिर्फ खेती पर ही निर्भर है. ऐसे में दिल्ली सरकार का यह ऐलान किसी राहत से कम नहीं, क्योंकि दिल्ली के आसपास के गांव में अगर कोई भी प्रकृति आपदा आती है, तो उनकी फसल उत्पादन में कमी आने के साथ उनकी आय पर भी फ्रक पड़ता है. इसी को देखते हुए सरकार ने इस फैसले के अंर्तगत 10,000 किसान परिवारों को यह मुआवजा राशि प्रदान करने का ऐलान किया है. इसके लिए सरकार कुल ₹33.32 करोड़ खर्च करेगी.
पहले कितनी मुआवजा राशि मिलती थी?
अगर हम साल 2015 से फसल नुकसान की बात करें तो उस समय किसानों को सरकार की ओर से 20 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से मदद दी जाती थी, जो लगभग 49,421 रुपये प्रति हेक्टेयर के बराबर थी.
इसी को देखते हुए सरकार ने फसल की बढ़ती लागत को देखते हुए यह फैसला लिया, जिसके तहत अब दिल्ली के आस-पास के गांव के किसान परिवारों को सहायता राशि बढ़ाकर 75 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर तक मदद दी जाएगी.
किन किसान को मिलेगी यह सहायता?
दिल्ली सरकार ने यह फैसला किसानों की खेती की बढ़ती लगात को देखते हुए लिया है, जिससे किसान परिवारों को बेहद ही राहत मिली है. साथ ही बता दे कि इस मुआवजे का लाभ केवल इन लोगों को ही मिल पाएंगा जिनमें हैं-
-
यह सहायता केवल भूमि के रिकॉर्ड में दर्ज मालिक किसानों को मिलेगी.
-
कंपनियों के स्वामित्व वाली भूमि.
-
ग्राम सभा की जमीन और पक्की चारदीवारी वाले फार्महाउस इस योजना के दायरे में नहीं होंगे. वह किसान परिवार ही इस सरकारी मदद का लाभ उठा सकेंगे.
लेखक: रवीना सिंह
Share your comments