आज के समय में किसान भाई सिर्फ खेती-बाड़ी तक ही सीमित नहीं रह गए है, वे पशुपालन की ओर भी बढ़ रहे है और अच्छी कमाई कर रहे हैं. इसी क्रम में मध्यप्रदेश सरकार किसानों और पशुपालकों के लिए नई योजना लेकर आई है, जिसके तहत 25 गायों की गौशाला स्थापित करने वाले पशुपालकों को 10 लाख रुपये प्रति यूनिट की सब्सिडी दी जाएगी, ताकि किसान, पशुपालक इस योजना का फायदा उठाकर डेयरी बिजनेस शुरु कर अपनी आमदनी में इजाफा कर सकें.
किसे मिलेगा योजना का लाभ?
इस सरकारी योजना का फायदा मध्य प्रदेश के मूल निवासी किसानों और पशुपालकों को दिया जाएगा. इसके अलावा, स्वयं सहायता समूह, सहकारी समितियां और डेयरी व्यवसाय शुरू करने के इच्छुक युवा भी योजना के लिए आवेदन कर सकेंगे.
हालांकि योजना की कोई गाइडलाइन अभी तक जारी नहीं हुई है, लेकिन इस योजना के अनुसार आवेदन करने वाले व्यक्ति के पास गौशाला संचालन के लिए पर्याप्त भूमि या स्थान होना जरूरी और साथ ही पास बैंक खाता और जरूरी दस्तावेज तभी वह इस योजना का लाभ उठा सकेंगे.
छोटे पशुपालकों को मिलेगा सहारा
इस सरकारी योजना का फायदा खासतौर पर छोटे और मध्यम स्तर के पशुपालकों को मिलेगा, क्योंकि अक्सर देखा जाता है कि गांव में सीमित संसाधनों के कारण डेयरी व्यवसाय बड़े स्तर तक नहीं बढ़ा पाते. अब सरकार की आर्थिक मदद से वे आधुनिक गौशाला बनाकर बेहतर तरीके से दूध उत्पादन कर सकेंगे.
इसके अलावा, इस सरकारी योजना से मिलने वाली राशि से पशुपालक शेड निर्माण करने के साथ चारा व्यवस्था, पानी की सुविधा और डेयरी से जुड़ी अन्य बुनियादी जरूरतों को पूरा कर सकेंगे.
आवेदन प्रक्रिया जल्द होगी शुरू
मध्य प्रदेश सरकार जल्द ही योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर सकती है. आवेदन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से लिए जाने की संभावना है, ताकि किसानों को अप्लाई करते दौरान किसी परेशानी का सामना करना न पड़े.
ऑनलाइन आवेदन की शुरुआत होने के बाद इच्छुक आवेदक राज्य सरकार या पशुपालन विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर फॉर्म भर सकेंगे. वहीं ऑफलाइन आवेदन के लिए जिला पशुपालन विभाग, उप संचालक कार्यालय या स्थानीय पशु चिकित्सा केंद्र में संपर्क कर योजना का लाभ उठा सकते हैं.
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदकों को कुछ जरूरी दस्तावेज तैयार रखने होंगे, जो कुछ इस प्रकार है- आधार कार्ड
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निवास प्रमाण पत्र
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बैंक पासबुक की कॉपी
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पासपोर्ट साइज फोटो
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भूमि संबंधी दस्तावेज और आधार से लिंक मोबाइल नंबर शामिल हो सकते हैं.
डेयरी सेक्टर को मजबूत करने की तैयारी
किसानों और पशुपालकों के हित में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सम्मेलन में यह भी कहा कि राज्य सरकार डेयरी सेक्टर को मिशन मोड में विकसित कर रही है. उन्होंने बताया कि प्रदेश को “मिल्क कैपिटल” बनाने के लिए कई नई योजनाएं शुरू की जा रही हैं.
सरकार पहले से संचालित डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के तहत भी आधुनिक डेयरी यूनिट स्थापित करने के लिए आर्थिक सहायता दे रही है. इसके अलावा गौवंश के चारे के लिए दी जाने वाली सहायता राशि को 20 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये प्रतिदिन प्रति पशु कर दिया गया है.
लेखक: रवीना सिंह
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