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अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी अनुराग रघुवंशी पहुंचे बस्तर, बने 'मां दंतेश्वरी हर्बल समूह’ के सदस्य

अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी अनुराग रघुवंशी कोंडागांव स्थित ‘मां दंतेश्वरी हर्बल समूह’ से जुड़े और खेती व गांव से जुड़ने की इच्छा जताई. उन्होंने फार्म की नवाचार पद्धतियों, काली मिर्च, स्टीविया और हर्बल चाय की सराहना की. वे अब किसानों के साथ काम करने और युवा हॉकी खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने का संकल्प ले रहे हैं, साथ ही अन्य खेलों को भी समान सम्मान देने की बात कही.

KJ Staff
international hockey player Anurag Raghuvanshi joins maa danteshwari herbal group bastar
अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी अनुराग रघुवंशी कोंडागांव स्थित ‘मां दंतेश्वरी हर्बल समूह’ से जुड़े
  • 35 से अधिक अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले हॉकी खिलाड़ी ने कोंडागांव पहुंचकर ली ‘मां दंतेश्वारी हर्बल समूह’ की सदस्यता

  • विदेश में करियर बना सकता था, अब गांव लौटकर खेती करना चाहता हूं - अनुराग रघुवंशी

  • बस्तर की काली मिर्च, 25 गुना मीठी स्टीविया पत्ती और विश्वस्तरीय हर्बल चाय ने खिलाड़ी दल को किया प्रभावित

  • क्रिकेट केंद्रित खेल संस्कृति पर सवाल, हॉकी सहित अन्य खेलों के खिलाड़ियों को समान सम्मान देने की उठी मांग

  • बस्तर के होनहार हॉकी खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन में सहयोग देंगे अनुराग रघुवंशी

भीषण गर्मी के बीच 27 अप्रैल को हजारों किलोमीटर की सड़क यात्रा तय कर अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी अनुराग रघुवंशी अपने युवा साथियों के साथ ‘मां दंतेश्वरी हर्बल फार्म’ कोंडागांव बस्तर छत्तीसगढ़ पहुंचे. 35 से अधिक अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके अनुराग रघुवंशी का यह दौरा केवल औपचारिक भ्रमण नहीं रहा, बल्कि खेती, गांव, मिट्टी और किसानों के प्रति एक गहरी आत्मीयता का परिचायक बनकर सामने आया.

फार्म भ्रमण के दौरान उन्होंने खेतों में जाकर मिट्टी को छुआ, विभिन्न औषधीय और व्यावसायिक फसलों को नजदीक से देखा तथा खेती की नवीन पद्धतियों को गंभीरता से समझा. भ्रमण के दौरान समूह के निदेशक अनुराग कुमार, समूह की मुखिया दशमती नेताम जी तथा भाई शंकर नाग ने उन्हें फार्म की विभिन्न परियोजनाओं की संबंधित खेतों पर खड़े होकर.

विस्तार से जानकारी दी. उन्हें बस्तर की विशेष उच्च उत्पादकता वाली काली मिर्च मां दंतेश्वरी काली मिर्च -16 (MDBP-16), शक्कर से लगभग 25 गुना अधिक मीठी प्राकृतिक स्टीविया पत्ती तथा देश-विदेश में अपनी सुगंध और औषधीय गुणों के कारण चर्चित हो चुकी बस्तर की हर्बल चाय के बारे में विस्तार से बताया गया. खिलाड़ी दल ने हर्बल चाय का स्वाद भी लिया और उसकी विशेषताओं की सराहना की.

Rajaram Tripathi

अनुराग रघुवंशी ने चर्चा के दौरान कहा कि उनका परिवार वर्षों से गांव और खेती से जुड़ा रहा है. उन्होंने स्वीकार किया कि हॉकी ने उन्हें पहचान दी, अनेक देशों की यात्रा कराई और जीवन के महत्वपूर्ण अनुभव दिए, किंतु अब उनका मन पुनः अपनी जड़ों की ओर लौटने का है. उन्होंने कहा कि हाकी के खिलाड़ियों की नई पौध तैयार करने के साथ ही साथ अब वह गांव में रहकर खेती करना चाहते हैं तथा किसानों को लाभकारी और टिकाऊ कृषि पद्धतियों से जोड़ने के लिए काम करना चाहते हैं. उन्होंने विशेष रूप से ‘मां दंतेश्वरी हर्बल समूह’ द्वारा विकसित कृषि नवाचारों में रुचि दिखाई और कहा कि ऐसी पद्धतियों को गांव-गांव तक पहुंचाने की आवश्यकता है.

 दौरे का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष यह रहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व कर चुके अनुराग रघुवंशी और उनके कई साथी औपचारिक रूप से ‘मां दंतेश्वरी हर्बल समूह’ के सदस्य भी बने.  कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ने की यह पहल क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है. लंबे समय से आदिवासी क्षेत्रों में जैविक खेती, औषधीय पौधों और किसानों के प्रशिक्षण पर कार्य कर रहे समूह से समाज के विभिन्न क्षेत्रों के लोगों का लगातार जुड़ना एक बड़े सामाजिक परिवर्तन के संकेत के रूप में देखा जा रहा है.

Dr Rajaram Tripathi

इस अवसर पर चर्चा के दौरान यह विषय भी प्रमुखता से उभरा कि देश में क्रिकेट को अत्यधिक लोकप्रियता और संसाधन मिलने के कारण हॉकी सहित अनेक अन्य खेलों के खिलाड़ी अपेक्षित सम्मान और अवसरों से वंचित रह जाते हैं. उपस्थित लोगों ने कहा कि हॉकी देश का गौरवशाली खेल रहा है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की पहचान बनाने वाले खिलाड़ियों को भी समान सामाजिक सम्मान, मीडिया स्थान और संस्थागत सहयोग मिलना चाहिए. खेलों के बीच यह असंतुलन केवल खिलाड़ियों के मनोबल को प्रभावित नहीं करता, बल्कि देश की खेल संस्कृति को भी सीमित करता है.

बताया गया कि अनुराग रघुवंशी ने बस्तर के युवा हॉकी खिलाड़ियों के मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और प्रोत्साहन के लिए आगे ठोस कार्ययोजना बनाने में सहयोग देने की सहमति भी व्यक्त की है. इस विषय पर आगामी बैठक में विस्तृत चर्चा की जाएगी.

दौरे के अंत में अनुराग रघुवंशी ने आत्मीयता स्वरूप डॉ. राजाराम त्रिपाठी को जैकेट, ट्रैक सूट और टी-शर्ट भेंट की. समूह की परंपरा के अनुसार व्यक्तिगत भेंट स्वीकार करने में प्रारंभिक संकोच के बावजूद, खिलाड़ी के स्नेहपूर्ण आग्रह को सम्मानपूर्वक स्वीकार किया गया. पूरे कार्यक्रम में औपचारिकता की बजाय आत्मीय संवाद, गांव-खेती की चर्चा और जमीन से जुड़ाव की भावना प्रमुख रूप से दिखाई दी.

English Summary: international hockey player Anurag Raghuvanshi joins maa danteshwari herbal group bastar Published on: 06 May 2026, 05:14 PM IST

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