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मछली पालकों के बीच वितरित किए गए 278 वाहन

बिहार के मुंगेर के पोलो मैदान में बिहार सरकार पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग और मत्स्य निदेशालय पटना की ओर से प्रमंडल स्तरीय वाहन वितरण का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मत्स्य निदेशालय के निदेशक निशात अहमद, उप मत्स्य निदेशक दिलीप कुमार सिंह, संयुक्त निदेशक मुख्यालय सहित संयुक्त निदेशक मुंगेर एवं भागलपुर प्रक्षेत्र के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्जविलत कर किया गया।  कार्यक्रम को संबोधित करते हुए निदेशक ने कहा कि समाज का अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग आर्थिक रूप से सबसे कमजोर है।

सरकार की मंशा है कि इस योजना को लागू कर समाज के मत्स्य पालकों का आर्थिक उत्थान कर उन्हें स्वाबलंबी बनाया जाए। जिंदा मछली की बाजार में सबसे अधिक मांग है तथा उसका अधिक मूल्य भी मिलता है। इस वाहन की मदद से तिरपाल या प्लास्टिक से मछली को पानी के साथ ढंक कर जीवित ही बाजार पहुंचाया जा सकता है। इससे मछली के वजन में कमी भी नहीं होगी तथा उन्हें अच्छा आय भी प्राप्त हो सकेगा। जिला मत्स्य पदाधिकारी गणोश राम ने बताया कि सभी लाभुकों का चयन समाचार पत्नों में विज्ञापन प्रकाशित कर किया गया। इसमें भी मत्स्यजीवी सहयोग समिति के अनुसूचित जाति एवं जनजाति के सदस्यों को प्राथमिकता दी गई है। इसके बाद खगड़िया के मत्स्य पदाधिकारी ने स्वागत भाषण में कहा कि इस योजना के तहत अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के मत्स्य पालकों को 90 प्रतिशत अनुदान पर मछलियों के विपणन के लिए वाहन वितरण किया गया है। इसके माध्यम से मत्स्य पालक मछलियों को सही समय पर बाजार पहुंचा सकते हैं तथा अच्छी आमदनी प्राप्त कर सकते हैं।

इसके माध्यम से मत्स्य विपणन कार्य से जुड़े हुए मत्सय पालकों को मोपोड-आईस बॉक्स, थ्री व्हीलर एवं फोर व्हीलर वाहन उपलब्ध कराया गया है। इसके लिए मत्स्य पालकों को कुल कीमत का मात्र 0 प्रतिशत राशि खर्च करना है। इस क्र म में मुंगेर एवं भागलपुर प्रमंडल के सभी आठ जिलों के कुल 78 मत्स्य पालकों के बीच वाहन का वितरण किया गया। इसमें मुंगेर प्रमंडल के 79 एवं भागलपुर प्रमंडल के 99 मत्स्य पालक शामिल हैं। मौके पर सैकड़ों मत्स्य उत्पादक थे।



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