एलोवेरा (ग्वारपाठा) एक बहुत ही लोकप्रिय फसल है, जिसका इस्तेमाल आज के समय में कॉस्मेटिक और सौंदर्य उत्पादों में बड़े पैमाने पर किया जा रहा है और एलोवेरा के ब्यूटी प्रोडक्ट्स की मांग बाजारों में हमेशा बनी रहती है, जिसका सीधा फायदा किसानों को हो रहा है. ऐसे में अगर किसान भाई इस औषधीय फसल की खेती ग्रीष्मकालीन में करते हैं, तो अच्छी आमदनी अर्जित कर सकते हैं. आइए इस लेख में जानें इस फसल से जुड़ी सभी जानकारी.
एलोवेरा (Aloe vera) क्या है और इसके क्या लाभ है?
एलोवेरा (Aloe vera), जिसे घृतकुमारी या ग्वारपाठा भी कहते हैं. साथ ही यह एक औषधीय और रसीला (succulent) पौधा है. इसकी मोटी, हरी और कांटेदार पत्तियों के अंदर पारदर्शी जेल होता है, जिसमें कई तरह के पोषक तत्व पाएं जाते हैं, जिनमें विटामिन, मिनरल और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में पाया जाता है.
इसके अलावा, इस औषधीय फसल का उपयोग त्वचा में नमी, घाव भरने, बालों की देखभाल और विशेष तौर पर पाचन तंत्र के लिए यह पौधा बेहद ही लाभकारी माना जाता है.
एलोवेरा की खेती ऐसे शुरू करें
अगर आप भी इस औषधीय फसल की खेती करने का विचार बना रहे हैं, तो गर्मी का सुखा मौसम इस फसल के लिए उत्तम समय माना जाता है. साथ ही अगर आप इस फसल की खेती करने जा रहे हैं, तो विशेष रुप से यह ख्याल रखे रेतीली या दोमट मिट्टी एलोवेरा की खेती Aloe Vera Farming के लिए बेहतर मानी जाती है. ऐसे में अगर किसान इस औषधीय फसल की खेती जुलाई से अगस्त माह में करते हैं, तो अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं.
खेती की तैयारी और रोपाई
इस फसल की खेती करने के लिए सबसे पहले किसान भाई अपने खेत की अच्छे से जुताई कर लें. उसके बाद जुताई के समय अपने खेती की मिट्टी में 15 से 20 टन गोबर की खाद का मिश्रण कर लेंं, ताकि आपके खेत की मिट्टी उपजाऊ हो जाए.
अगर बात करें रोपाई की तो किसान रोपाई के लिए खेत में 3-4 महीने पुराने छोटे पौधों को एक लाइन में लगाएं और विशेष तौर पर यह ध्यान रखें कि 40 सेंटीमीटर की दूरी पर ही पौधे लगाएं. साथ ही बता दे कि 1 हेक्टेयर में करीब 50,000 पौधे ही लगाए, ताकि फसल से अच्छा उत्पादन मिल सकें.
सिंचाई और देखभाल कैसे करें?
एलोवेरा एक ऐसी औषधीय फसल है, जो कम पानी में ही किसानों को अच्छा उत्पादन दे देती है और साथ ही इस फसल को गर्मी के मौसम में हफ्ते में एक ही बार सिंचाई की जरुरत होती है. साथ ही अगर आप इस फसल की अधिक सिंचाई करते हैं, तो फसल की जड़े गलने की नौबत आ सकती है. यानी की जब मिट्टी सूखी नजर आए तभी फसल को पानी दे, जिससे फसल को नुकसान नहीं पहुंचता.
कितनी होगी कमाई?
अगर आपने एलोवेरा की खेती करने का मन बना लिया है, तो यह फसल आपके लिए सही विकल्प साबित हो सकती है. साथ ही इस फसल की शुरुआती लागत करीबन 50,000 रुपये तक आती है. ऐसे में अगर किसान इस फसल की खेती करते हैं, तो एक हेक्टेयर से लगभग 40 से 45 टन उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं. यानी की किसान भाई 1 एकड़ से सालाना ₹1.5 लाख से ₹3 लाख का मुनाफा आसानी से कमा सकते हैं.
लेखक: रवीना सिंह
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