आज के समय में खेती का स्वरुप तेजी से बदल रहा है, क्योंकि आज के किसान भाई सिर्फ पारंपरिक फसलों पर निर्भर नहीं रहना चाहते, बल्कि ऐसे फसलों का चुनाव कर रहे हैं, जिनसे कम लागत में अधिक मुनाफा हो और इसी कड़ी में चिया सीड्स Chia Seed Farming किसानों के लिए एक उभरता विकल्प बनकर सामने आ रही है, जो कम पानी, कम बीज और कम लागत में अधिक मुनाफा दे रही है, जिससे किसानों की कमाई में भी बड़ा इजाफा देखने को मिल रहा है.
क्यों बढ़ रही है चिया सीड्स की मांग?
स्वास्थ्य के प्रति लोगों की बढ़ती जागरूकता ने चिया सीड्स को बाजार में खास पहचान दिलाई है. ओमेगा-3 फैटी एसिड, फाइबर और प्रोटीन से भरपूर ये बीज हेल्थ फूड इंडस्ट्री में तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं. डाइट प्लान, आयुर्वेदिक उत्पाद और फिटनेस से जुड़े खाद्य पदार्थों में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है. यही कारण है कि इसे “सफेद सोना” भी कहा जाने लगा है.
कम लागत में ज्यादा फायदा
चिया सीड्स की खेती की सबसे बड़ी खासियत इसकी कम लागत है. एक एकड़ में इसकी खेती के लिए केवल 1.5 से 2 किलो बीज ही पर्याप्त होता है. साथ ही, इस फसल में ज्यादा खाद और कीटनाशकों की जरूरत नहीं पड़ती. प्राकृतिक गुणों के कारण जानवर भी इसे नुकसान नहीं पहुंचाते, जिससे अतिरिक्त सुरक्षा लागत भी बच जाती है.
पानी की कम जरूरत, सूखे इलाकों के लिए बेहतर
चिया की खेती रबी सीजन में आसानी से की जा सकती है और इसे ज्यादा सिंचाई की जरूरत नहीं होती. यही वजह है कि यह फसल उन क्षेत्रों के लिए भी उपयुक्त है जहां पानी की कमी रहती है. बुवाई के बाद हल्की सिंचाई और जरूरत के अनुसार पानी देना ही काफी होता है.
खेती की प्रक्रिया आसान
विशेषज्ञों के अनुसार, चिया की खेती की प्रक्रिया बेहद सरल है. खेत की हल्की जुताई कर भुरभुरी मिट्टी तैयार की जाती है. इसके बाद बीजों को छिटकवां विधि या कतारों में बोया जाता है. बीज बहुत छोटे होते हैं, इसलिए इन्हें ज्यादा गहराई में नहीं दबाया जाता. शुरुआती 20–25 दिनों में एक बार निराई-गुड़ाई करने से फसल अच्छी बढ़ती है.
कम बीमारी, कम जोखिम
चिया की फसल में कीट और रोगों का खतरा बहुत कम होता है. जरूरत पड़ने पर किसान नीम आधारित जैविक घोल का छिड़काव कर सकते हैं. कम जोखिम और कम देखभाल के कारण यह फसल छोटे और सीमांत किसानों के लिए भी फायदेमंद साबित हो रही है.
90–120 दिनों में तैयार फसल
चिया सीड्स की फसल लगभग 3 से 4 महीनों में तैयार हो जाती है. जब पौधों के फूल सूखने लगते हैं, तब कटाई का समय होता है. सही समय पर कटाई करना जरूरी है, ताकि बीज झड़ने से बच सकें. कटाई के बाद पौधों को सुखाकर बीज निकाले जाते हैं और अच्छी तरह साफ करके स्टोर किया जाता है.
बाजार में अच्छी कीमत
चिया सीड्स की कीमत बाजार में काफी अच्छी मिल रही है. वर्तमान में इसकी कीमत 14,000 से 18,000 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच रही है. एक एकड़ में 4 से 6 क्विंटल तक उत्पादन होने की संभावना रहती है. इस हिसाब से किसान कम लागत में अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.
लेखक: रवीना सिंह
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