मध्य प्रदेश में इन दिनों रबी सीजन की फसलों की कटाई चल रही है और राज्य के किसान भाई आधुनिक तकनीकों का उपयोग बड़े पैमाने पर कर रहे हैं. खासकर अप्रैल के महीने में किसान इन आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं, क्योंकि इस समय चना, गेहूं और अन्य रबी फसलों की कटाई अपने चरम पर है. ऐसे में पावर रीपर Power Reaper Machine मशीन किसानों के लिए एक मजबूत सहारा बनकर उभरी है. यह मशीन न केवल कटाई की गति को तेज करती है बल्कि लागत को भी काफी हद तक कम कर देती है.
पावर रीपर मशीन की खासियत
पावर रीपर मशीन की सबसे बड़ी खासियत इसकी तेज और सटीक कटाई है. यह फसल को जमीन के ठीक ऊपर से काटती है, जिससे दानों का नुकसान बहुत कम होता है. खासकर चने जैसी फसलों में यह तकनीक बेहद उपयोगी साबित हो रही है, क्योंकि पौधे की पूरी लंबाई सुरक्षित रहती है और बाद में इसे चारे के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है.
इसके अलावा, यह मशीन एक घंटे में लगभग एक एकड़ तक की कटाई कर सकती है, जो पारंपरिक तरीकों की तुलना में कई गुना ज्यादा है. इससे किसान कम समय में अधिक काम कर पाते हैं और मौसम के बदलाव से होने वाले जोखिम को भी कम कर सकते हैं.
हर मौसम के लिए उपयोगी मशीन
पावर रीपर केवल एक फसल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मल्टी-क्रॉप मशीन के रूप में काम करती है. रबी सीजन में गेहूं, जौ, सरसों और चना जैसी फसलों की कटाई में यह बेहद कारगर है. वहीं खरीफ सीजन में धान, सोयाबीन, मक्का, बाजरा और ज्वार जैसी फसलों में भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है. यानी की किसानों को इस मशीन का डबल फायदा होगा. साथ ही किसान इस मशीन के माध्यम से लगभग एक फीट से लेकर 6-7 फीट तक ऊंची फसलों को आसानी से काट सकती है.
सरकारी सब्सिडी से बढ़ी पहुंच
अगर पावर रीपर मशीन की बाजार कीमत की बात करें, तो लगभग 75,000 से 80,000 रुपये के बीच होती है. हालांकि, यह कीमत छोटे किसानों के लिए थोड़ी चुनौतीपूर्ण हो सकती है, लेकिन सरकार की सब्सिडी योजनाओं ने इसे आसान बना दिया है.
ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल के माध्यम से किसानों को इस मशीन पर 40 से 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जा रही है. इससे किसानों पर आर्थिक बोझ कम हो रहा है.
लेखक: रवीना सिंह
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