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नाखून के रंग-बनावट बताते हैं सेहत का राज, जानिए कैसे करें बीमारी की पहचान

कंचन मौर्य
कंचन मौर्य
Health Care

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अगर आपके नाखूनों का रंग बदलता है या फिर कुछ अजीब लगता है, आप अपने नाखूनों के रंग और बनावट से सेहत के बारे में पता कर सकते हैं. जी हां, नाखून के बदलते रंग बताते हैं कि आपका शरीर किन बीमारियों का शिकार हो रहा है, इसलिए हम सभी को अपने नाखूनों पर विशेष ध्यान देना होता है. इस लेख में है, नाखूनों से जुड़ी अहम जानकारियाँ. नाखून से जुड़े किन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, यह जानने के लिए  इस लेख को एक बार जरूर पढ़ लें.

टूटे नाखून

अगर शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की कमी होती है, तो नाखून तिरछे ढंग से टूटते लगते हैं. इसे ओनिकोस्चिजिया कहते हैं. इसके अलावा नाखून बढ़ने वाली दिशा में ही टूटने लगते हैं, जिसे ओनीकोरहेक्सिस कहा जाता है.

फीके नाखून

अगर आपके नाखूनों का रंग हल्का पड़ गया है, तो ये उम्र बढ़ने का सामान्य संकेत माना जा सकता है या ये किसी बीमारी के भी संकेत हो सकते हैं. जैसे कि शरीर में खून की कमी, कुपोषण, या लीवर की बीमारी.

सफेद नाखून

कभी-कभी चोट लगने की वजह से भी नाखून सफेद पड़ जाते हैं, लेकिन अगर ऐसा हो, तो डॉक्टर से इसके बारे में बात जरूर करें. अगर सफेद नाखून के सिरे पर गुलाबी लाइन दिखाई देने लगे. तो इसे टेरीज नेल कहते हैं. ये लीवर की समस्या, क्रोनिक किडनी, और कंजेस्टिव हार्ट फेलियर जैसी बीमारियों का संकेत हो सकता है.

पीले नाखून

यह ज्यादातर फंगल इंफेक्शन की वजह से होता हैं, साथ ही सोरायसिस, थायराइड और डायबिटीज का संकेत भी हो सकता है. ये बीमारी उन लोगों में पाई जाती हैं, जिन्हे फेफड़ों से जुड़ी कोई समस्या होती है या हाथ-पैरों में अक्सर सूजन रहती है. ये बीमारी विटामिन E युक्त पदार्थों के सेवन से दूर की जा सकती है.

नीले नाखून

अगर नाखूनों का रंग नीला पड़ जाए, तो इसे ब्लू पिगमेंटेशन नेल्स भी कहा जा सकता है. ऐसा चांदी के ज्यादा संपर्क में रहने से हो सकता है. एचआईवी( HIV) के मरीजों के नाखून नीले पड़ सकते हैं. बता दें कि मलेरिया के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाएं, दिल की धड़कन को नियंत्रित करने वाली दवाएं या फिर लिवर की दवाएं इसका कारण बन सकती हैं.

नाखून में गड्ढे बनना

अगर आपके नाखूनों पर छोटे-छोटे गड्ढे बन जाएं या फिर धंसने के निशान हो जाएं, तो ये सोरायसिस बीमारी का संकेत हो सकता है. बता दें कि ये डर्मेटाइटिस के मरीजों के नाखूनों पर दिखाई देता है. ये त्वचा से जुड़ी एक बीमारी है, जिसमें स्किन पर चकत्ते पड़ जाते हैं. इसके साथ ही तेज खुजली, जलन और सूजन भी आ जाती है.

नाखूनों के नीचे गहरे रंग की रेखाएं

यह स्किन कैंसर का एक लक्षण भी हो सकता है. इसकी जांच बायोप्सी करवाकर की जाती है.

(इस लेख में सामान्य जानकारी दी गई है, लेकिन नाखून से जुड़े ये छोटे-छोटे लक्षण दिखाई देने पर एक बार अपने डॉक्टर से संपर्क जरूर कर लें.)

English Summary: nail color and texture tell about health

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