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Pink Mushroom: इस विधि से 20 दिन में तैयार होगी पिंक मशरूम, जानें लागत और मुनाफा

Pink Mushroom Cultivation: पिंक मशरूम आज के समय में भारतीय बाजार में किसानों की आय को डबल करने का सबसे अच्छा विकल्प है. दरअसल, बाजार में इसकी कीमत सफेद मशरूम से कहीं अधिक है. क्योंकि यह कैंसर जैसी बीमारियों से लड़ने में सक्षम है. किसान पिंक मशरूम की खेती से 15 दिनों के अंदर अच्छा उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं. यहां जानें इसकी पूरी विधि-

लोकेश निरवाल
20 दिन में तैयार होगी पिंक मशरूम (Image Source: Pixabay)
20 दिन में तैयार होगी पिंक मशरूम (Image Source: Pixabay)

Pink Mushroom Cultivation Method: मशरूम की मांग बाजार में सबसे अधिक है. देखा जाए तो मंडी व बाजार में सफेद रंग के ही ज्यादातर मशरूम मौजूद होते हैं और इनकी कीमत भी उच्च होती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि सफेद मशरूम से कहीं अधिक पिंक रंग के मशरूम के दाम उच्च होते हैं. दरअसल, इस अलग तरह के मशरूम को कैंसर और अन्य कई की खतरनाक बीमारियों के इलाज में भी इस्तेमाल की जाती है. क्योंकि इसमें 32 से 48 प्रतिशत कार्बोहाइड्रेट और 20 से 27 प्रतिशत प्रोटीन और वसा की मात्रा कम होती है. इसे गुलाबी मशरूम के नाम से भी जाना जाता है. यह मशरूम ऑयस्टर मशरूम की एक बेहतरीन प्रजाति है. ऐसे में आज हम आपको पिंक मशरूम की खेती की ऐसी विधि के बारे में बताएंगे, जो 15-20 दिन के अंदर ही पककर तैयार हो जाएगी.

इस पिंक मशरूम की खेती करना बेहद ही आसान है. किसान इसकी खेती को बहुत ही कम लागत और कम समय में अधिक से अधिक मुनाफा प्राप्त कर सकते हैं. आइए इस गुलाबी मशरूम के बारे में विस्तार से जानते हैं-

कम समय में तैयार होगी पिंक मशरूम

अगर आप अपने खेत में सही तरीके से पिंक मशरूम की खेती/ Mushroom Farming करते हैं, तो इस मशरूम को किसान 15-20 दिनों के अंदर अपने खेत में अच्छे से तैयार कर सकते हैं. किसान इसकी खेती गर्म जलवायु में अच्छे से करके अधिक पैदावार प्राप्त कर सकते हैं.

पिंक मशरूम को कैसे खेत में लगाएं?

पिंक मशरूम की खेती भी लगभग सफेद मशरूम की तरह ही होती है. इसे किसान धान के पुआल या फिर गेहूं के भूसे में करते हैं. इसके लिए पुआल को 3-5 सेंटीमीटर लंबे टुकड़ों में काट लिया जाता है. फिर इसे रातभर के लिए पानी में भिगोकर छोड़ दिया जाता है.

इसके बाद किसान को इसमें कीटनाशक, फफूंदनाशक दवाओं का इस्तेमाल करना चाहिए. ताकि मशरूम में किसी तरह का रोग न लग सके.

फिर आपको भिगो हुए भूसे को डलिया पर निचोड़ने के लिए छोड़ देना है. इसे आपको हल्की धूप में छोड़ना है, ताकि उसमें नमी बनी रहे.

इसके बाद इसमें स्पॉनिंग यानी की बीज डाले जाते है.

बीज डालने की सही प्रक्रिया

भूसे या पुआल में मशरूम के बीजों को एक तरफ भूसे में डालें. इस तरह से फिर एक बार बीज की प्रक्रिया को दोहराना है. इस विधि से किसान एक ही पॉलीथिन मे 5-6 परतों तक बीज डाले जा सकते हैं. इसके बाद 45-30 सेंटीमीटर आकार की पॉलिथीन थैलियों में दो तिहाई बीज के भूसे को भरकर ऊपर की तरफ बांध देना है.

ये भी पढ़ें: 6 बाय 6 की जगह में करें मशरूम की खेती, 10 गुना ज्यादा होगी कमाई

 

पिंक मशरूम में लागत और मुनाफा

भारतीय बाजार में किसान को करीब एक क्विंटल तक भूसा 700 रुपये, मशरूम के बीज 100 रुपये किलो आदि कार्यों में किसान के कम से कम 2,000 से 2,500 रुपये तक खर्च होंगे. इस तरह से आप 15-20 दिन में 100 बैग से लगभग 100 किलो पिंक मशरूम प्राप्त कर सकते हैं, जो बाजार में 100 से 200 रुपये किलो के हिसाब से बिकते हैं. अगर हिसाब लगाया जाए तो किसान पिंक मशरूम के 100 बैग से लगभग 15,000 रुपये तक की अच्छी कमाई कर सकते हैं. इसके अलावा, अगर आप पिंक मशरूम को बाजार में अच्छे से सूखा कर बेचते हैं, तो आप इससे डबल कमाई कर सकते हैं.

English Summary: pink mushroom cultivation price of pink mushroom will be ready in 15 days pink mushroom cultivation method Published on: 31 October 2023, 04:12 PM IST

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