बिहार सरकार किसानों के लिए कई ऐसी कल्याणकारी सरकारी योजनाएं चला रही है, जिससे किसानों को काफी हद तक मदद मिल रही है. इसी को देखते हुए किसान भाई-बहन खेती-बाड़ी करने के अलावा, अपना खुद का करोबार करने का विचार जरुर बनाते हैं, लेकिन ज्यादा खर्च के कारण बिजनेस की शुरुआत नहीं कर पाते. ऐसे में गया के किसानों के लिए बड़ा अवसर सामने आ रहा है कि झींगा, सिंघी और मोती पालन करने पर राज्य सरकार मत्स्य प्रजाति विविधिकरण योजना के तहत 60 प्रतिशत तक भारी अनुदान प्रदान कर रही है, जिससे कमाई होगी डबल.
कितना मिलेगा उत्पादन?
अगर आप झींगा पालन (Shrimp Farming) मछली का पालन करते हैं, तो इस बिजनेस में आप कम लागत में अच्छा मुनाफा अर्जित कर सकते हैं. अगर किसान भाई एक एकड़ तालाब में झींगा मछली पालन करते हैं तो वह एक फसल चक्र यानी की 3 से 4 महीने में लगभग 2 से 4 टन 2000 से 4000 किलो झींगा का उत्पादन प्राप्त कर अच्छा तगड़ा मुनाफा कमा सकते हैं.
झींगा मछली के क्यों फायदेमंद हैं?
अगर आप भी बिहार के किसान है और इस सरकारी कल्याणकारी योजना का फायदा उठा कर झींगा पालन करने की सोच रहे हैं, तो यह आपके लिए मुनाफे का सौदा साबित हो सकता है. इसमें मौजूद उच्च प्रोटीन, कम कैलोरी और ओमेगा-3 फैटी एसिड सेहत के लिए काफी लाभकारी साबित हो सकते हैं, जिससे शरीर का वजन कंट्रोल करने के साथ इम्युनिटी मजबूत करने के अलावा, कई फायदे मिल सकते हैं.
झींगा मछली पालन से कितना मुनाफा होगा?
आज के समय में किसान भाई खेती करे के साथ ऐसे छोटे बिजनेस की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे कम लागत में बड़ा मुनाफा कमा रहे हैं. इन्हीं में से एक है झींगा मछली पालन जिससे किसान एक एकड़ तालाब से करीबन 4 से 5 महीने के एक चक्र में लगभग ₹3 लाख से ₹4 लाख तक तगड़ा मुनाफा कमा सकते हैं.
कैसे करें योजना में अप्लाई?
अगर आप खेती करने के साथ झींगा मछली पालन करने का मन बना चुके हैं. यानी की इस बिजनेस की शुरुआत करने की सोच चुके हैं, तो आप इस सरकारी योजना में आवेदन करने के लिए आधिकारिक वेबसाइट fisheries.bihar.gov.in पर आवेदन कर इन योजनाओ का फायदा उठा सकते हैं और अपनी कमाई में बढ़ोतरी कर सकते हैं.
लेखक: रवीना सिंह
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