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Garlic Varieties: लहसुन की ये पांच किस्में देती हैं बेहतर उपज, 140 दिनों में हो जाती हैं तैयार

लहसुन की ये पांच किस्में यमुना सफेद-2 (जी-50), टाइप 56-4 किस्म, जी 282 किस्म, सोलन किस्म और एग्रीफाउंड सफेद (जी-41) खेत में 140-170 दिनों में तैयार हो जाती हैं और ये सभी किस्में प्रति हेक्टेयर 200 क्विंटल तक पैदावार देने में सक्षम हैं.

लोकेश निरवाल
लहसुन की उन्नत किस्में  (Image Source: Pixabay)
लहसुन की उन्नत किस्में (Image Source: Pixabay)

लहसुन की खेती करके किसान कम समय में अपनी आमदनी को सरलता से बढ़ा सकते हैं. देखा जाए तो लहसुन की फसल से ही किसान 10-15 लाख रुपये तक की कमाई आसानी से कर सकते हैं. लेकिन लहसुन की फसल से अच्छा उत्पादन प्राप्त करने के लिए किसानों को इससे जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियों के बारे में पता होना चाहिए. दरअसल, लहसुन की खेती न तो अधिक गर्म और न अधिक ठंडे सीजन में होती है. ऐसे में देखा जाए तो लहसुन के लिए अक्टूबर-नवंबर का महीना उत्तम है, क्योंकि इस महीने में न अधिक ठंड न अधिक गर्मी होती है. अगर आप भी इस सीजन में लहसुन की खेती करना चाहते हैं, तो आज हम आपके लिए लहसुन की टॉप पांच उन्नत किस्में लेकर आए हैं, जो 140-170 दिनों में तैयार हो जाती हैं, और साथ ही 125-200 क्विंटल/हेक्टेयर तक उपज देने में सक्षम हैं.

बता दें कि लहसुन की इन पांच उन्नत किस्मों का नाम यमुना सफेद-2 (जी-50), टाइप 56-4 किस्म, जी 282 किस्म, सोलन किस्म और एग्रीफाउंड सफेद (जी-41) है. आइए इन किस्मों के बारे में विस्तार से जानते हैं-

लहसुन की टॉप पांच उन्नत किस्में/ Top Five Improved Varieties of Garlic

यमुना सफेद-2 (जी-50)-  लहसुन की इस किस्म का कंद काफी ठोस होता है और इसका गूदा क्रीमी रंग का होता है. किसान इस किस्म से उपज 165-170 दिन के अंदर पा सकते हैं, जो प्रति हेक्टेयर 130-140 क्विंटल तक पैदावार देती है.

टाइप 56-4 किस्म- लहुसन की टाइप 56-4 किस्म को पंजाब कृषि विश्वविधालय ने तैयार किया है. इस लहसुन की गांठें सफेद और वहीं आकार में छोटी होती है. इस किस्म में 25-34 कलियां होती है. यह प्रति हेक्टेयर 150-200 क्विंटल तक बढ़िया उपज देती है.

जी 282 किस्म- इस किस्म की लहसुन काफी सफेद रंग की होती है, जिसके गांठे बड़े-बड़े होते हैं. किसान जी 282 किस्म से प्रति हेक्टेयर 175-200 क्विंटल तक पैदावार प्राप्त कर सकते हैं. यह किस्म खेत में 140-145 दिन में पककर तैयार हो जाती है.

सोलन किस्म - लहसुन की सोलन किस्म हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय में तैयार की गई है. इस किस्म की लहसुन काफी मोटी होती है. वैज्ञानिकों का कहना है कि लहसुन की सोलन किस्म अन्य किस्मों से कहीं अधिक पैदावार देने में सक्षम है.

ये भी पढ़ें: लहसुन की खेती करने का तरीका और उन्नत किस्में

एग्रीफाउंड सफेद (जी-41)-  लहसुन की इस किस्म के कंद में 20-25 कलिया होती है. यह खेत में 160-165 दिन में ही तैयार होकर बाजार में बिकना शुरू कर देती है. लहसुन की एग्रीफाउंड सफेद (जी-41) से किसान प्रति हेक्टेयर 125-130 क्विंटल तक उपज प्राप्त कर सकते हैं.

English Summary: top five improved varieties of garlic farming garlic variety will yield 200 quintals/hectare price of garlic Published on: 31 October 2023, 06:40 PM IST

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