देश में इस समय खरीफ सीजन चल रहा है और किसान भाई खरीफ फसलों की तैयारी करने में व्यस्त है. ऐसे में मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के किसानों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए 60 प्रतिशत तक मूंग उपार्जन करने का निर्णय लिया है, जिससे राज्य के किसानों को अपनी उपज बेचने में कुछ राहत मिलेगी. साथ सरकार ने मूंग उपार्जन की तारीखों में भी बड़ा बदलाव किया है और राज्य सरकार ने किसानों से यह अपील की है कि वह जल्द ही अपना स्लॉट बुकिंग करें.
60 प्रतिशत तक होगा मूंग उपार्जन
मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के किसानों के लिए 60 प्रतिशत तक मूंग उपार्जन करने का फैसला लिया है. यह फैसला खासतौर पर उन किसानों के लिए राहत भरा है, जो मूंग की फसल तैयार कर चुके हैं और सरकारी उपार्जन व्यवस्था के माध्यम से अपनी उपज बेचने की तैयारी कर रहे हैं.
साथ ही मूंग उपार्जन से जुड़े किसानों को सरकार ने सलाह दी है कि वे अपनी उपज, पंजीयन और स्लॉट बुकिंग से संबंधित जानकारी पहले से जांच लें. उपार्जन केंद्र पर किसी भी तरह की परेशानी से बचने के लिए किसानों को जरूरी दस्तावेज और पंजीयन से जुड़ी जानकारी अपने पास रखें, ताकि किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़े.
स्लॉट बुकिंग की अंतिम तारीख क्या हैं?
मूंग उपार्जन के लिए स्लॉट बुकिंग की अंतिम तारीख को भी बढ़ाया गया है. अब किसान 10 अगस्त तक स्लॉट बुकिंग कर सकते हैं. ऐसे किसान जिन्होंने अभी तक अपनी उपज बेचने के लिए स्लॉट बुक नहीं किया है, उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी.
इसके अलावा, स्लॉट बुकिंग उपार्जन प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है. इसके माध्यम से किसानों को अपनी उपज निर्धारित केंद्र पर ले जाने के लिए समय और व्यवस्था से जुड़ी जानकारी मिलती है. इसलिए किसानों को अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना जल्द से जल्द स्लॉट बुक करने की सलाह दी जा रही है.
मूंग उपार्जन की अंतिम तारीख 20 अगस्त
सरकार की जानकारी के अनुसार, मूंग उपार्जन की अंतिम तारिख 20 अगस्त निर्धारित की है. इसके अर्तंगत राज्य के किसान भाइयों को अपनी फसल बेचने की प्रक्रिया को पूरा करना होगा. साथ ही जिन किसानों ने अपनी मूंग की फसल तैयार कर ली है, तो वह जल्द ही संबंधित केंद्र की जानकारी समय रहते प्राप्त कर अपने स्लॉट बुकिंग के बाद निर्धारित तारीख और समय पर ही उपज लेकर उपार्जन केंद्र पहुंच जाए.
खाद वितरण व्यवस्था क्या रखी गई है?
मूंग उपार्जन के साथ ही किसानों के लिए खाद वितरण व्यवस्था को लेकर भी एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है. जानकारी के अनुसार, सुधार होने तक ई-टोकन के माध्यम से खाद वितरण की व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से स्थगित किया गया है.
ई-टोकन के जरिए खाद वितरण की व्यवस्था में बदलाव से किसानों को खाद प्राप्त करने के तरीके को लेकर नई जानकारी का इंतजार करना पड़ सकता है. ऐसे में किसानों को सलाह दी जाती है कि वे खाद वितरण से संबंधित ताजा जानकारी के लिए अपने जिले के कृषि विभाग, सहकारी समिति या संबंधित सरकारी केंद्र से संपर्क करते रहें, ताकि वक्त रहते आपको समय पर जानकारी मिलती रहे.
लेखक: रवीना सिंह
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