चन्दर मोहन

चंद्र मोहन, विज्ञानं, कृषि और पर्यावरण विषयों पर 1968 से लिखते आ रहे हैं.आई आई टी में पोस्ट हार्वेस्ट टेक्नोलॉजी दवारा फल और सब्जी की समय अवधि को बढ़ाने के लिए कार्य किया व नेशनल रिसर्च डेवलपमेंट कारपोरेशन की आविष्कार और इन्वेंशन इंटेलिजेंस जैसी पत्रिकाओं का प्रकाशन करते हुए.आजकल कृषि जागरण में सीनियर वी पी और वरिष्ठ एग्जीक्यूटिव एडिटर हैं. कृषि जागरण पोर्टल व पत्रिका में भी लिखने पर अच्छी पकड़ है. सामाजिक विज्ञानं में स्नातकोत्तर डिग्री के इलावा भी हिंदी भाषा में भी स्नातकोतर पढ़ाई के अतिरिक्त विभिन सरकारी विभागों में कार्य करने का अनुभव भी इनके काम में झलकता है. केंद्रीय अन्वेषण अकादमी के अंतरगत स्कूलों में इनोवेशन को स्कूल पाठयक्रम में जोड़ने पर भी कार्य किया. दृष्टिहीनों के लिए विज्ञानं में रूचि को बढ़ावा देने के लिए ब्रेल में `विज्ञानं दृष्टि` पत्रिका का प्रकाशन जैसे कार्यों के लिए दिल्ली गौरव सम्मान से भी इन्हें नवाजा गया. सत्तर साल के हो जाने वाले यह नौजवान की सोच, और कार्यषैली किसी नवयुवक से कम नहीं.

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