दक्षिण भारत में मानसून ने अपना ऐसा कहर बरपा रखा है कि दक्षिण ओडिशा के 10 जिलों में स्कूल बंद करने का ऐलान कर दिया गया है और भद्रक में तूफानी हवाओं से मछुआरों को काफी नुकसान का भी सामना करना पड़ा. इस दौरान अंडमान और निकोबार आइलैंड्स, ओडिशा, झारखंड, कोस्टल और साउथ अंदरूनी कर्नाटक और तेलंगाना में बहुत ज़्यादा बारिश दर्ज की गई. इसी के चलते मौसम विभाग IMD ने अगले 5 दिनों तक के लिए भारत के 22 से अधिक राज्यों में तेज बारिश का अलर्ट जारी कर दिया है.
उत्तर-पश्चिम इलाकों में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?
उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहे हैं. भारतीय मौसम विभाग IMD ने इस दौरान 28-30 सितंबर के दौरान जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुज़फ़्फ़राबाद में 27-28 सितंबर को हिमाचल प्रदेश और 26-28 सितंबर को उत्तराखंड में काफ़ी ज़्यादा से लेकर बड़े इलाके में बारिश के साथ आंधी-तूफ़ान और बिजली गिरने की संभावना जताई है. ऐसे में इलाके के लोग घरों से बाहर जाते वक्त सावधानी बरतें.
वहीं, मौसम विभाग IMD ने 26 सितंबर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में और 24-26 सितंबर के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में काफ़ी ज़्यादा से लेकर बड़े इलाके में बारिश के साथ आंधी-तूफ़ान और बिजली गिरने की आशंका जताई है.
मध्य और पूर्वी भारत क्षेत्रों में आंधी-तूफ़ान, बारिश का अलर्ट
मध्य भारत में मौसम ने करवट बदल ली है और इस दौरन भारतीय मौसम विभाग IMD ने पश्चिमी मध्य प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ, छत्तीसगढ़ में 29-30 सितंबर के दौरान में कुछ जगहों से लेकर छिटपुट जगहों पर बारिश के साथ आंधी-तूफ़ान और बिजली गिरने की संभावना जताई है.
पूर्वी राज्यों में IMD ने 25-30 सितंबर के दौरान अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में गरज-चमक और बिजली कड़कने के साथ काफ़ी ज़्यादा या व्यापक बारिश होने का अलर्ट जारी कर दिया है.
पूर्वोत्तर समेत दक्षिण इलाकों में अगले 5 दिनों तेज बारिश
पूर्वोतर राज्य में मौसम अपना मिजाज बदलता नजर आ रहा है. इस दौरान भारतीय मौसम विभाग IMD ने अरुणाचल प्रदेश के ज़्यादातर या सभी इलाकोअसम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिज़ोरम और त्रिपुरा में 25-30 सितंबर के दौरान बारिश होने की संभावना जताई है.
वहीं, IMD के अनुसार 24-30 सितंबर के दौरान रायलसीमा और तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कुछ जगहों पर बारिश होने की संभावना है और 27-30 सितंबर के दौरान केरल और माहे और लक्षद्वीप में 26-29 सितंबर के दौरान तटीय कर्नाटक 25-30 सितंबर के दौरान उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में भी ऐसे ही हालात रहने की उम्मीद है.
अगले 24 घंटों में इन इलाकों में बाढ़ का खतरा
भारतीय मौसम विभाग IMD के अनुसार अगले 24 घंटों में, नीचे सूचीबद्ध मौसम संबंधी उप-मंडलों के कुछ जलक्षेत्रों और आसपास के क्षेत्रों में अचानक बाढ़ का कम से मध्यम जोखिम होने की संभावना है, जिनमें-
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ओडिशा- अंगुल, बलांगीर, बालासोर, बारगढ़, भद्रक, कटक, देवगढ़, ढेंकनाल, गजपति, गंजाम, जगतसिंहपुर, जाजपुर, कालाहांडी, कंधमाल, केंद्रपाड़ा, क्योंझर, खोरधा, कोरापुट, मयूरभंज, नुआपाड़ा, नबरंगपुर, पुरी, रायगढ़ा, सोनेपुर और सुंदरगढ़ जिले.
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छत्तीसगढ़: सुकमा, नारायणपुर, बीजापुर, कांकेर, कोंडागांव, धमतरी, गरियाबंद, बालोद, दुर्ग, रायपुर, राजनांदगांव बेमेतरा, बलौदा बाजार, मुंगेली, कबीरधाम, गौरेला-पेंड्रा- मरवाही, कोरबा, सरगुजा, जशपुर, कोरिया और बलरामपुर जिले.
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पश्चिम बंगाल: पूर्वी मेदिनीपुर, दक्षिण 24 परगना, झाड़ग्राम, हावड़ा, कोलकाता, उत्तर 24 परगना और बांकुरा जिले.
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झारखंड: लोहरदगा, लातेहार, गुमला, खूंटी, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, और सरायकेला-खरसावां जिले.
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तटीय आंध्र प्रदेश और यनम: डॉ. बी.आर. अंबेडकर
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कोनासीमा, पश्चिम गोदावरी, एनटीआर जिला, एलुरु, पूर्व, गोदावरी, यानम, काकीनाडा, कृष्णा, श्री अल्लुरी
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सीताराम राजू जिला, अनाकापल्ली, पार्वतीपुरम मान्यम और श्रीकाकुलम जिले.
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तेलंगाना: खम्मम, भद्राद्री कोठागुडेम, मुलुगु, जयशंकर भूपालपल्ली, पेद्दापल्ली, करीमनगर, कोमाराम भीम, मंचेरियल, और जगतियाल जिले.
लेखक: रवीना सिंह
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