Rural Industry

धूपबत्ती उद्द्योग की जानकारी

धूपबत्ती उद्योग खूब फल-फूल रहा है। हिन्दू धर्म में धूपबत्ती का प्रयोग देवताओं आदि को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। धूपबत्ती की सुगन्ध के बिना पूजा अधूरी सी मानी जाती है। यह वह उद्योग है, जिसको अधिकतर महिलाएं चलाती हैं।

धूपबत्ती का काम आप बहुत ही कम पैसे से कर सकते हो 10 से 20 हजार में आप धूपबत्ती का अच्छा काम चला सकते है !

शुरुआती हुनर :-

धूपबत्ती उद्योग को शुरू करने के लिए आपको डिग्री/डिप्लोमा की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इसके लिए व्यावहारिक ज्ञान, मार्केट की समझ और इस क्षेत्र से संबंधित कुछ जनकारी की ही जरूरत पड़ती है। भारत सरकार ने महिलाओं के व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं, मसलन योग्यता/अनुभव (संबंधित क्षेत्र) के आधार पर कई बैंक महिलाओं को वित्तीय सहायता प्रदान कर रहे हैं।

धूपबत्ती की शुरुआत :-

अगर आपके पास दो, तीन कमरों की जगह है तो आप आसानी से इस व्यवसाय को शुरू कर सकती हैं। यह पूरी तरह से प्रदूषण रहित लघु कुटीर व्यवसाय है। खुली जगहों पर इसे न करें, क्योंकि धूपबत्ती की खुशबू के उड़ने का डर रहता है। इस व्यवसाय के लिए आपको कच्चे माल की आवश्यकता पड़ेगी इसके अलावा परात, टब और लकड़ी की चौकीनुमा मेज की भी जरूरत पड़ती है, जो आसानी से आपको नजदीकी दुकानों से मुहैया हो जएंगे।

प्रशिक्षण :-

धूपबत्ती उद्योग को शुरू करने के लिए अगर आप किसी परंपरागत संस्थान से यह हुनर सीख लें तो बेहतर होगा। इसके लिए आप किसी सरकारी या निजी संस्थान को चुन सकती हैं। दिल्ली के आंचलिक बहुउद्देशीय प्रशिक्षण केन्द्र खादी ग्रामोद्योग आयोग, गांधी दर्शन राजघाट पर धूपबत्ती बनाने के लिए प्रशिक्षण दिया जाताहै।

सुविधा :-

अगर आप खादी ग्राम उद्योग से प्रशिक्षण लेती हैं तो आपको काम शुरू करने के लिए संस्थान से काफी सुविधा मिल सकती है। यहां से आप सरकारी संस्थान के अंतर्गत प्राप्त कर सकती हैं। अगर आपके पास धूपबत्ती का काम ज्यादा मात्रा में है तो संस्था आपका माल भी खरीद लेगी। धूपबत्ती का रॉ-मैटेरियल भी कम दामों में यहां से उपलब्ध हो जता है।

दूसरों को भी रोजगार दे सकती हैं :-

धूपबत्ती का रोजगार सबसे पहले आप अपने घर के सदस्यों के साथ मिल कर शुरू कर सकती हैं। अगर एक व्यक्ति के पास इसकी जनकारी है तो वह दूसरों से शेयर करके काम को आगे बढ़ा सकते हैं। अगर आपको लगता है कि काम बड़े स्तर पर शुरू करना है तो आप मुहल्ले की औरतों का एक समूह बना लें और उनको काम की कुछ जनकारी दे दें और अपना काम शुरू कर दें। ऐसा करने से आप तो कमाएंगी ही दूसरों को रोजगार भी दे सकेंगी। 

धूपबत्ती बनाने की बिधि :-

  1. धूपलकड़ी का चूरा
  2. नागरमोथा 
  3. सुगधीमसाले
  4. बनस्पतिघी 
  5. लकड़ीका कोयला 
  6. सुगधदेने के लिए कस्तूरी , गुलाब चन्दन मोगरा 

इन सब को मिला कर बारीक पीसने वाली मशीन से अच्छी तरह बारीक पाउडर तैयार करना पड़ता है ! फिर इस में थोड़ा बनस्पति घी डाल कर मिलाना पड़ता है  इस मिश्रण को थोड़ा सुखाने के बाद एक साफ टेबल पर डाल दे ! इस के बाद जैसे हम रोटी को बेलते है बेल दे ! अब आप इस से जितनी बडी छोटी (आकर और बजन में ) धूप बत्ती तैयार करना चाहते है चाकू से काट ले और काटे हुए पीस को  अपने हाथो से गोल कर ले , आप की धूपबत्ती तैयार है !
धूपबत्ती को सुगंध देने के लिए मिश्रण करते समय उस में कस्तूरी, गुलाब चन्दन मोगरा का भी इस्तेमाल कर सकते है ! 

पैकिंग करना :-

धुपबत्ती को पैकिंग करने के लिए आप अपने हिसाब से छोटे बड़े बॉक्स बनवा सकते हो ! मार्किट - धूपबत्ती सभी प्रकार के किराना स्टोर पर बेचीं जा सकती है ! आप घर - घर जा कर भी धूपबत्ती की अच्छी सेल कर सकते है |



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