1. Home
  2. ख़बरें

सहारनपुर की ‘गार्गी’ बनी दुग्ध उत्पादन की मिसाल, रोजाना 23 लीटर से ज्यादा दूध देकर रचा इतिहास

Gargi Buffalo: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के मोहम्मदपुर गांव की ‘गार्गी’ नामक भैंस इन दिनों पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बनी हुई है. अपनी उत्कृष्ट दुग्ध उत्पादन क्षमता के दम पर इस भैंस ने राज्य स्तर पर पहला स्थान हासिल किया है और अपने मालिक का नाम रोशन किया है. आइए पूरी खबर पढ़ें..

KJ Staff
buffalo
सहारनपुर की ‘गार्गी’ बनी दुग्ध उत्पादन की मिसाल (Image Source-AI generate)

देश के किसान और पशुपालक डेयरी व्यवसाय की ओर बढ़ अधिक मुनाफा कमा रहे हैं. इसी के चलते बड़ी खबर सामने आ रही है कि उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के मोहम्मदपुर गांव की ‘गार्गी’ नामक भैंस ने रोजाना 23.375 लीटर दूध देकर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है. पूर्व जिला पंचायत सदस्य चौधरी विक्रम सिंह की इस मुर्रा नस्ल भैंस को कृषि एवं पशुपालन संघ ने सम्मानित किया, जिसके चलते पशुपालन दुनिया में खुशी की लहर दौड़ चुकी है.

बता दे कि यह उपलब्धि साधारण नहीं है, क्योंकि प्रदेशभर से आए आंकड़ों में गार्गी ने अन्य भैंसों को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान प्राप्त किया. दूसरे स्थान पर रहने वाली भैंस का उत्पादन 21.700 लीटर और तीसरे स्थान पर 21.200 लीटर दर्ज किया गया.

सम्मान समारोह में मिली पहचान

उत्तर प्रदेश की भैंस की इस अव्वल नस्ल ने प्रदेश का नाम रोशन किया है, बल्कि पशुपालकों दुग्ध उत्पादन को भी बढ़ावा दिया है. बता दे कि इस उपलब्धि के बाद उत्तर प्रदेश कृषि एवं पशुपालन संघ के पदाधिकारियों और पशु चिकित्सा विशेषज्ञों की टीम मोहम्मदपुर गांव पहुंची. यहां गार्गी के मालिक चौधरी विक्रम सिंह को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया. इस मौके पर विशेषज्ञों ने भैंस की देखभाल, नस्ल और पोषण प्रबंधन की सराहना की.

चार साल की उम्र में बना रिकॉर्ड

आपको जानकर हैरानी होगी की  ‘गार्गी’ नामक भैंस की उम्र अभी मात्र चार साल ही है और इतनी कम उम्र में अन्य भैंसों की तुलना में अधिक दूध देना इस नस्ल की अलग पहचान दिखाती है. साथ ही विशेषज्ञों का मानना है कि सही देखभाल और संतुलित आहार के कारण ही यह संभव हो पाया है.

इस नस्ल की पहचान?

पशुपालकों के लिए यह जानना बेहद ही जरुरी है कि इस नस्ल की पहचान कैसे करें, तो बता दे कि गार्गी की ऊंचाई लगभग साढ़े पांच फीट बताई जाती है और उसका शरीर मजबूत व स्वस्थ है. उसके पिछले दो प्रसवों में जन्मे बछड़े (कटिया और कटरा) भी स्वस्थ और अच्छी नस्ल के हैं, जो भविष्य में बेहतर दुग्ध उत्पादन की उम्मीद जगाते हैं.

मुर्रा नस्ल का कमाल

गार्गी मुर्रा नस्ल की भैंस है, जिसे भारत की सबसे उन्नत दुग्ध देने वाली नस्लों में गिना जाता है. इस नस्ल की विशेषता है कि यह उच्च गुणवत्ता का दूध देती है और इसकी सहनशीलता भी बेहतर होती है. साथ ही आपको बता दे कि गार्गी का कृत्रिम गर्भाधान हरियाणा के प्रसिद्ध मुर्रा नस्ल के भैंसे ‘भीम’ से कराया गया था, जो अपनी श्रेष्ठ आनुवंशिक विशेषताओं के लिए जाना जाता है. यही कारण है कि गार्गी में भी उत्कृष्ट गुण देखने को मिल रहे हैं.

वैज्ञानिक तरीके से हुई जांच

गार्गी के दूध उत्पादन की पुष्टि के लिए लखनऊ की एक टीम ने दिसंबर के अंतिम सप्ताह में लाइव टेलीकास्ट के जरिए इसकी निगरानी की थी. यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और वैज्ञानिक तरीके से की गई, जिससे प्राप्त परिणामों की विश्वसनीयता बनी रही. एक सप्ताह पहले घोषित परिणामों में गार्गी को प्रथम स्थान मिला, जिसके बाद यह खबर तेजी से फैल गई और पशुपालकों के लिए प्रेरणा बन गई.

लेखक: रवीना सिंह

English Summary: Up Saharanpur Gargi Buffalo Milk Production Record 23 Liters Daily Published on: 18 May 2026, 02:05 PM IST

हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें. कृषि से संबंधित देशभर की सभी लेटेस्ट ख़बरें मेल पर पढ़ने के लिए हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें.

Subscribe Newsletters

Latest feeds

More News