देश के किसानों के हित में नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में केंद्र सरकार ने कई अहम फैसले लिए है, जिनका असर कृषि, उद्योग और टेक्नोलॉजी जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर एक साथ देखने को मिलेगा. साथ ही सरकार के इन निर्णय से किसानों की आय बढ़ने के अलावा, देश को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन करने में मदद मिलेगी.
गन्ना किसानों के लिए राहत भरी खबर
गन्ना किसानों के लिए कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (CCEA) ने 2026-27 सीजन के लिए गन्ने का फेयर एंड रेम्यूनरेटिव प्राइस (FRP) 365 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है. यह मूल्य 10.25% रिकवरी रेट के आधार पर निर्धारित किया गया है. यदि रिकवरी इससे अधिक होती है, तो किसानों को हर 0.1% की वृद्धि पर 3.56 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे.
साथ ही सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि यदि रिकवरी 9.5% से नीचे चली जाती है, तब भी किसानों को 338.3 रुपये प्रति क्विंटल का न्यूनतम मूल्य मिलेगा. यह निर्णय देश के लगभग 5 करोड़ गन्ना किसानों और उनके परिवारों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
कपास क्षेत्र में बड़ा निवेश
सरकार ने कपास उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 5659 करोड़ रुपये की “मिशन फॉर कॉटन प्रोडक्टिविटी” योजना को मंजूरी दी है. बता दें यह योजना 2026-27 से 2030-31 तक लागू रहेगी. इसका उद्देश्य कपास की पैदावार और गुणवत्ता दोनों में सुधार करना है.
इस मिशन के तहत बेहतर बीज विकसित किए जाएंगे और आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा दिया जाएगा और जिनिंग व प्रोसेसिंग यूनिट्स को अपग्रेड किया जाएगा. इसके अलावा, सरकार “कस्तूरी कॉटन भारत” ब्रांड के माध्यम से भारतीय कपास को वैश्विक बाजार में नई पहचान दिलाने की दिशा में भी काम कर रही है. इस सरकारी योजना के माध्यम से लगभग 32 लाख किसानों को सीधा लाभ मिलने की संभावना है.
सेमीकंडक्टर सेक्टर को मिलेगी मजबूती
सरकार ने भारत को तकनीक के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के लिए सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में बड़ा कदम उठाया है. साथ ही सरकार ने 3900 करोड़ रुपये से अधिक निवेश वाली दो नई सेमीकंडक्टर यूनिट्स को मंजूरी दी है. सरकार का यह फैसला इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण उद्योग को मजबूती देगा और आयात पर निर्भरता बेहद ही कम कर देगा, जिससे देश में रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा.
समग्र विकास की दिशा में अहम कदम
सरकार के यह निर्णय केवल एक सेक्टर तक ही सीमित नहीं है. कृषि से लेकर हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर तक, हर क्षेत्र में संतुलित निवेश किया जा रहा है, जिससे किसानों की आय बढ़ाने में मदद करेंगे बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी नई गति देंगे. रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, निवेश को बढ़ावा मिलेगा और भारत आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा.
लेखक: रवीना सिंह
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