देश में बढ़ती ऊर्जा की कमी को लेकर लोगों के बीच हाहाकार मची हुई है और इसी को देखते हुए ऊर्जा आपूर्ति को संतुलित करने और गैस की उपलब्धता को सही तरीके से वितरित करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने एलपीजी (LPG) को लेकर एक अहम फैसला लागू किया है. अब नियम के अनुसार एक कनेक्शन’ नीति को सख्ती से लागू किया जा रहा है, जिससे उन परिवारों पर फ्रक पड़ेगा जो PNG और LPG दोनों कनेक्शन का फायदा लें रहे हैं.
क्या है नया नियम?
सरकार के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, जिन घरों में PNG कनेक्शन उपलब्ध है, वहां अब सब्सिडी वाला घरेलू LPG सिलेंडर रखने की अनुमति नहीं होगी. ऐसे उपभोक्ताओं को अपना LPG कनेक्शन सरेंडर करना होगा. यह नियम आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत किए गए संशोधनों के बाद लागू किया गया है. अगर कोई उपभोक्ता इन नियमों को अनदेखा करता हैं, तो उसे भारी हर्जाना भरना पड़ सकता है.
सरकार ने क्यों लिया यह फैसला?
सरकार के इस निर्णय के पीछे का कारण है वैश्विक स्तर पर ऊर्जा का संकट बढ़ना और जिस तरह से पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण गैस सप्लाई प्रभावित हो रही है. भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भर है. करीब 60% LPG, 50% प्राकृतिक गैस और 88% कच्चा तेल बाहर से आता है. ऐसे में सरकार चाहती है कि उपलब्ध संसाधनों का सही और न्यायसंगत उपयोग हो.
किन लोगों पर होगा असर?
सरकार का यह नियम खासतौर पर उन शहरी और अर्ध-शहरी इलाकों में लागू किया जा रहा है जहां सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के जरिए PNG की सप्लाई शुरू हो चुकी है. ऐसे उपभोक्ताओं को 3 महीने का समय दिया जा रहा है ताकि वे अपना LPG कनेक्शन बंद कर सकें.
कंपनियों के लिए क्या निर्देश?
यह नियम केवल उपभोक्ताओं तक सीमित नहीं है. तेल कंपनियों और गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे PNG वाले घरों को नया LPG कनेक्शन न दें और न ही उन्हें सिलेंडर की रिफिलिंग उपलब्ध कराएं. यानी नियम का उल्लंघन करने पर सप्लाई खुद ही रुक सकती है.
अब तक कितनों ने छोड़ा LPG?
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक 43,000 से ज्यादा उपभोक्ता स्वेच्छा से अपना LPG कनेक्शन सरेंडर कर चुके हैं और PNG का इस्तेमाल शुरू कर चुके हैं. हालांकि, सरकार का मानना है कि ऐसे परिवारों की वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है. इसलिए अब बड़े स्तर पर जांच और सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है.
नियम तोड़ने पर क्या होगा?
यदि कोई उपभोक्ता नियमों का पालन नहीं करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है. इसमें LPG सब्सिडी बंद होना, कनेक्शन रद्द होना या अन्य प्रशासनिक कदम शामिल हो सकते हैं.
लेखक: रवीना सिंह
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