भारत में धान (चावल) सिर्फ एक फसल नहीं बल्कि किसान भाइयों की आजीविका का आधार है. ऐसे में इस खरीफ सीजन किसान भाई ICAR द्वारा विकसित धान की इन उन्नत किस्मों, जिनमें पूसा बासमती 1121, पूसा बासमती 1509, पूसा बासमती 6, पूसा 1612, पूसा बासमती 1592 को अपनाते हैं, तो बढ़िया मुनाफा कमा सकते हैं. हाल ही में जारी जानकारी के अनुसार, कुछ बासमती धान की किस्में किसानों के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद साबित हो रही हैं.
आइए जानते हैं धान की टॉप 5 किस्मों के बारे में, जिनसे मिलेगा तगड़ा उत्पादन-
1.पूसा बासमती 1121
पूसा बासमती 1121 भारत की सबसे प्रसिद्ध और ज्यादा मांग वाली बासमती किस्मों में से एक है. अगर किसान इस उत्तम किस्म का चुनाव करते हैं, तो वह धान की इस किस्म से लगभग 140 दिनों में करीब 50 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं. साथ ही इस किस्म की खासियत है कि इसके लंबे और पतले दाने हैं, जो पकने के बाद और भी लंबे हो जाते हैं. इसके अलावा,इसकी खुशबू और गुणवत्ता इसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी लोकप्रिय बनाती है.
2.पूसा बासमती 1509
पूसा बासमती 1509 यह किस्म पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली के किसान भाइयों के लिए अच्छा विकल्प साबित हो सकती है. बासमती की यह किस्म जल्दी पकने वाली बासमती धान की श्रेणी में आती है. लगभग 120 दिनों में तैयार होने वाली यह किस्म किसानों को जल्दी फसल लेने का अवसर देती है, जिससे वे अगली फसल समय पर लगा सकते हैं. इसका औसत उत्पादन लगभग 60 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक होता है, जो इसे अधिक लाभकारी बनाता है. लंबे और पतले दाने तथा अच्छी खुशबू इसकी खास पहचान है.
3.पूसा बासमती 6
पूसा बासमती 6 पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड, जम्मू- कश्मीर के किसानों के लिए अच्छा विकल्प साबित हो सकती है. साथ ही यह किस्म किसानों के बीच काफी लोकप्रिय है, जो लगभग 150 दिनों के भीतर ही पककर तैयार हो जाती है और किसानों को इस किस्म से लगभग 55 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उत्पादन मिल सकता है.
4.पूसा 1612
पूसा 1612 एक उन्नत और रोग प्रतिरोधक बासमती किस्म है. यह लगभग 120 दिनों में तैयार हो जाती है और किसानों को इसका औसत उत्पादन 51 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक प्राप्त हो जाता है. इस किस्म में ब्लास्ट रोग के प्रति प्रतिरोधक क्षमता पाई जाती है, जिससे फसल का नुकसान कम होता है. इसके दाने लंबे, पतले और खुशबूदार होते हैं, जो इसे बाजार में खास बनाते हैं. यानी अगर किसान भाई इस खरीफ सीजन इस किस्म की खेती करते हैं, तो बढ़िया मुनाफा कमा सकते हैं.
5.पूसा बासमती 1592
पूसा बासमती 1592 पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड, जम्मू- कश्मीर यह किस्म इन क्षेत्रों के किसानों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है. इसके अलावा, बासमती की यह किस्म किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है. इसकी सबसे बड़ी विशेषता है बैक्टीरियल ब्लाइट जैसे रोगों के प्रति प्रतिरोधक क्षमता. यह लगभग 120 दिनों में तैयार हो जाती है और किसान इससे औसत उत्पादन करीब 47.3 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक प्राप्त कर सकते हैं और बाजार में बेचकर इस किस्म से अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.
किसानों के लिए क्यों खास हैं ये किस्में?
इन सभी धान किस्मों की सबसे बड़ी खासियत है – अधिक उत्पादन, कम समय में तैयार होना और रोगों के प्रति बेहतर प्रतिरोधक क्षमता. इससे किसानों की लागत कम होती है और मुनाफा बढ़ता है. साथ ही, बासमती चावल की अंतरराष्ट्रीय मांग होने के कारण किसानों को निर्यात से भी अच्छा लाभ मिलता है.
धान (बासमती) से संभावित आय
बासमती धान की उन्नत किस्मों जैसे पूसा 1121, 1509 और 1612 से किसानों को अच्छी आमदनी हो सकती है. औसतन 1 हेक्टेयर में 45 से 60 क्विंटल तक उत्पादन मिलता है, और बाजार भाव ₹2500 से ₹4000 प्रति क्विंटल के बीच रहता है. इस हिसाब से कुल आय लगभग ₹1.2 लाख से ₹2 लाख तक हो सकती है. यदि खेती का खर्च ₹40,000 से ₹70,000 निकाल दिया जाए, तो किसान को करीब ₹70,000 से ₹1.4 लाख तक का शुद्ध मुनाफा मिल सकता है. सही तकनीक, समय पर बुवाई और अच्छी देखभाल से यह मुनाफा और भी बढ़ाया जा सकता है.
लेखक: रवीना सिंह
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