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गन्ना किसानों को बड़ी सौगात! स्प्रेयर खरीदने पर मिलेगी 50% सब्सिडी की छूट, जानें पूरी जानकारी

UP News: योगी सरकार ने किसानों को राहत की खबर दी है कि गन्ना खेती में आधुनिक तकनीक और स्मार्ट उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए सरकार राज्य के किसानों को 50 प्रतिशत सब्सिडी की छूट पर एडवांस्ड स्प्रेयर उपलब्ध कराएंगी. पूरी खबर पर नजर डालें.

KJ Staff
Sugarcane kisan
गन्ना किसानों को बड़ी सौगात! स्प्रेयर खरीदने पर मिलेगी 50% सब्सिडी (Image Source-AI generate)

यूपी किसानों को राज्य सरकार ने बड़ी खुशखबरी दी है और घोषणा की है. मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप, प्रदेश में पारंपरिक खेती के तौर-तरीकों को आधुनिकता से जोड़ने और रसायनों के अंधाधुंध उपयोग पर लगाम लगाने के लिए "स्मार्ट कृषि-सशक्त किसान" पहल के तहत गन्ना किसानों को 50 प्रतिशत की भारी सब्सिडी पर एडवांस्ड स्प्रेयर उपलब्ध कराए जाने का निर्णय लिया गया है.

इस महत्वाकांक्षी योजना के लागू होने से न केवल गन्ना किसानों की इनपुट कॉस्ट खेती की लागत आधी हो जाएगी, बल्कि खेतों में नैनो और लिक्विड फर्टिलाइजर्स की कार्यक्षमता में भी अभूतपूर्व सुधार देखने को मिलेगा.

कितने किसानों को उपकरण वितरण किए जाएंगे?

गन्ना विकास विभाग और भारतीय किसान उर्वरक सहकारी लिमिटेड (IFFCO) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित एक उच्च स्तरीय वर्चुअल कार्यशाला में इस वितरण नीति को अंतिम रूप दिया गया. इस बैठक की अध्यक्षता आयुक्त, गन्ना एवं चीनी द्वारा की गई, जिसमें राज्य भर की चीनी मिलों के प्रतिनिधियों, गन्ना समितियों और शीर्ष कृषि वैज्ञानिकों ने भाग लिया.

सरकार द्वारा स्वीकृत योजना के तहत प्रदेश भर की सहकारी गन्ना समितियों के माध्यम से कुल 15,000 आधुनिक स्प्रेयर बांटे जाएंगे. इस लक्ष्य को दो श्रेणियों में विभाजित किया गया है-

उपकरण का प्रकार

वितरित होने वाली कुल संख्या

सरकारी अनुदान (सब्सिडी)

पावर स्प्रेयर (मशीनीकृत)

5,000 यूनिट्स

50%

बैटरी चालित स्प्रेयर

10,000 यूनिट्स

50%

 

पारंपरिक खाद से 'स्मार्ट उर्वरक' की ओर बढ़ता यूपी

इस कार्यशाला में इफको (IFFCO) के मृदा विशेषज्ञों और कृषि वैज्ञानिकों ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि रासायनिक उर्वरकों (जैसे दानेदार यूरिया और डीएपी) के अत्यधिक और असंतुलित उपयोग के कारण उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में मिट्टी की प्राकृतिक उर्वरता और स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है.

इसका समाधान प्रस्तुत करते हुए सरकार अब निम्नलिखित स्मार्ट और टिकाऊ कृषि उत्पादों को मुख्यधारा में लाने जा रही है-

  •  नैनो यूरिया प्लस और नैनो डीएपी: कम मात्रा में अधिक प्रभावशीलता.

  •  सागरिका (समुद्री शैवाल का अर्क): पौधों की रोग प्रतिरोधक क्षमता और विकास को बढ़ाने वाला जैविक उत्पाद.

  • वॉटर सॉल्युबल फर्टिलाइजर: पानी में पूरी तरह घुलनशील पोषक तत्व जो सीधे पौधों की जड़ों और पत्तों तक पहुँचते हैं.

चीनी मिल क्षेत्रों में स्थापित होंगे 'लाइव डिमॉन्स्ट्रेशन' प्लॉट

किसानों के मन से नई तकनीक के प्रति झिझक को दूर करने के लिए विभाग ने एक अनूठी रणनीति तैयार की है. राज्य की प्रत्येक चीनी मिल के कार्यक्षेत्र में पांच-पांच प्रदर्शन प्लॉट (Demonstration Plots) विकसित किए जाएंगे. इन विशेष प्लॉट्स पर आधुनिक कृषि तकनीकों और स्मार्ट उर्वरकों का लाइव इस्तेमाल किया जाएगा.

  1. लाइव मॉनिटरिंग: किसान खुद आकर देख सकेंगे कि नैनो खादों का फसलों पर क्या असर हो रहा है.

  2. किसान गोष्ठियां: फसल तैयार होने के चरण में इन स्थानों पर कृषि चौपालों और गोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा.

  3. विशेषज्ञ संवाद: इन गोष्ठियों में कृषि वैज्ञानिक मौके पर मौजूद रहकर किसानों के सवालों के जवाब देंगे और उन्हें स्प्रेयर चलाने तथा लिक्विड खाद के सटीक अनुपात की ट्रेनिंग देंगे.

नकली और अधोमानक कीटनाशकों पर पूर्ण प्रतिबंध

किसानों के हितों की रक्षा के लिए गन्ना विकास विभाग ने चीनी मिलों और वितरकों के लिए कड़े दिशानिर्देश जारी किए हैं. बैठक में सख्त लहजे में निर्देश दिए गए कि गन्ना समितियों या चीनी मिल काउंटरों से किसानों को केवल वही कीटनाशक और खाद बेचे जाएंगे जो सरकारी मानकों पर खरे और स्वीकृत हों.

यदि कोई भी संस्थान अधोमानक (Substandard) या बिना सिफारिश वाले रसायनों की बिक्री करते पाया गया, तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी. सरकार का विजन स्पष्ट है- गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा.

लेखक: रवीना सिंह

English Summary: Sugarcane Farmers 50 Percent Subsidy on Sprayer Purchase Know Full Details Published on: 10 June 2026, 04:39 PM IST

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