Success Stories

किसान ने 5 एकड़ किन्नू के बाग में की नींबू, चना, पपीता और गेंदा की खेती, हो रहा लाखों रुपए का मुनाफ़ा

कोरोना और लॉकडाउन में भी कई सफल किसानों का चेहरा उभरकर सामने आ रहा है. यह कहानी  हरियाणा के रतिया जिले के गांव लालवास में रहने वाले युवा किसान अनिल कुमार बिश्नोई की है. यह किसान फल और फूलों की मिश्रित खेती करके प्रति एकड़ लाखों रुपए की कमाई कर रहा है. किसान ने 5 एकड़ में किन्नू के बाग लगा रखे हैं, जिसके बीच में नींबू, पपीता, गेंदे और चने की फसल भी लगा रखी है. इससे किसान को लाखों रुपए की आमदनी हो रही है.  

कई सालों से कर रहे परंपरागत खेती

किसान का कहना है कि वह कई सालों से अपने पिता के साथ मिलकर परंपरागत खेती कर रहे हैं.  वह आर्गेनिक खेती के साथ गोबर, गोमूत्र आधारित जीवामृत खेती भी करते हैं. किसान अनिल ने अपनी 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद बागवानी की ओर ध्यान देना शुरू कर दिया. साल  2015 में किसान अनिल ने 5 एकड़ में किन्नू के बाग लगाए, जिससे दीपावली तक उत्पादन मिलने की उम्मीद बनी हई है. बता दें कि किन्नू का फल 5 साल बाद लगता है. इसके बीच में नींबू व पपीते के पौधे लगाए हैं.

​ये खबर भी पढ़ें: किसान ने 2 एकड़ में की सब्जियों की खेती, लाखों रुपए की हुई आमदनी !

इतना लाख का बेचा चना

किसान किन्नू के ही बाग में ही चने की अगेती खेती कर रहे हैं. इस साल किसान ने चने का भाव 80 रुपए प्रति किलो के हिसाब से बेचने वाले हैं. किसान की मानें, तो उन्होंने सवा एकड़ से 1 लाख रुपए तक का मुनाफ़ा हो सकता है.

इतने लाख का बेचा नींबू

किसान पिछले 3 सालों से नींबू की फसल से मुनाफ़ा कमा रहे हैं. इस बार किसान को 30 रुपए प्रति किलो के हिसाब से नींबू का भाव मिला है. इस तरह किसान ने नींबू की फसल से 1 लाख रुपए से ज्यादा मुनाफ़ा कमाया है. इसके अलावा पपीता की फसल से 50 हजार रुपए तक की आमदनी हुई है. किसान इन फसलों को पंजाब के मानसा और हरियाणा की रतिया, फतेहाबाद की मंडियों में बेचते हैं.

​ये खबर भी पढ़ें: राज्य सरकार कामधेनु डेयरी योजना के तहत डेयरी लगाने के लिए देगी 90 प्रतिशत तक लोन, जानें शर्तें और आवेदन की प्रक्रिया

गेंदा की भी करते हैं खेती

किन्नू, नींबू और पपीता के साथ किसान गेंदा की बुवाई भी करते हैं. इससे उन्हें काफी अच्छी कमाई मिलती है. इसके अलावा गेंदे के फूल पर आने वाले कीट किन्नू की फसल के लिए काफी फायदेमंद माने जाते हैं. बता दें कि किन्नू पर लगने वाले कीटों को गेंदा की फसल पर लगने वाले कीट आसानी से खा जाते हैं.  

खेती के साथ पालते हैं देसी गाय

किसान अनिल ने खेती के साथ-साथ देसी गाय भी पाल रखी है. इसके गोबर और गोमूत्र से जीवामृत तैयार करते हैं. किसान का दावा है कि वह आर्गेनिक खेती करते हैं, जब तक खेती में ज़रूरत न पड़े, तब तक वह कीटनाशक दवा का उपयोग नहीं करते हैं.

ये खबर भी पढ़ें: Business Ideas for Women: महिलाएं कम लागत में शुरू करें ये 3 बिजनेस, घर बैठे होगी बंपर कमाई



English Summary: Haryana farmer earn lakhs of rupees by cultivating kinnu, lemon, gram, papaya and marigold in 5 acres

Share your comments


Subscribe to newsletter

Sign up with your email to get updates about the most important stories directly into your inbox

Just in