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Zydex द्वारा बाराबंकी के मिर्जापुर में किसान गोष्ठी का सफल आयोजन, किसानों ने सीखी आधुनिक कृषि तकनीक

बाराबंकी के मिर्जापुर गाँव में Zydex द्वारा किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, मिट्टी सुधार और जल संरक्षण की जानकारी दी गई. कार्यक्रम में ज़ायटॉनिक उत्पादों के उपयोग, फसल उत्पादन बढ़ाने और सिंचाई कम करने के उपाय समझाए गए. किसानों ने नई तकनीकों में रुचि दिखाई और 26 किसानों ने उत्पाद अपनाने की सहमति दी.

KJ Staff

20 मई 2026 को उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जनपद की तहसील रामनगर अंतर्गत ग्राम मिर्जापुर में ज़ायडेक्स कंपनी की ओर से एक सफल किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम का संचालन ज़ायडेक्स प्रतिनिधि सुरेन्द्र यादव द्वारा किया गया, जिसमें क्षेत्र के अनेक किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. गोष्ठी की विशेष बात यह रही कि इसमें ज़ायटॉनिक टेक्नोलॉजी आधारित उत्पादों का उपयोग कर रहे 7 अनुभवी किसान भी उपस्थित रहे, जिन्होंने अपने अनुभव अन्य किसानों के साथ साझा किए.

कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, मिट्टी सुधार, जल संरक्षण और फसल उत्पादन बढ़ाने के उपायों की जानकारी देना था. किसानों को यह बताया गया कि वैज्ञानिक खेती और संतुलित पोषण प्रबंधन अपनाकर कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है. गोष्ठी के दौरान किसानों ने नई कृषि तकनीकों के प्रति गहरी रुचि दिखाई और आधुनिक खेती को अपनाने की इच्छा भी व्यक्त की.

किसानों को दी गई आधुनिक खेती की जानकारी

कार्यक्रम के दौरान ज़ायडेक्स कंपनी के सेल्स ऑफिसर संजीत वर्मा ने किसानों को कंपनी के एग्रो डिवीजन और उसके विजन के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि कंपनी किसानों को टिकाऊ खेती की ओर प्रेरित करने के लिए लगातार नई तकनीकों और उत्पादों पर कार्य कर रही है. साथ ही यह भी जानकारी दी गई कि कंपनी केवल कृषि क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी आधुनिक तकनीकों के माध्यम से कार्य कर रही है.

किसानों को यह समझाया गया कि वर्तमान समय में खेती केवल परंपरागत तरीकों से नहीं की जा सकती, बल्कि वैज्ञानिक सोच और आधुनिक तकनीकों को अपनाना बेहद आवश्यक हो गया है. मिट्टी की गुणवत्ता, जल प्रबंधन और पौधों के संतुलित पोषण पर विशेष ध्यान देने से खेती अधिक लाभकारी बन सकती है.

प्रमुख फसलों में ज़ायटॉनिक उत्पादों के उपयोग पर चर्चा

गोष्ठी में क्षेत्र की प्रमुख फसलों जैसे मक्का, मिर्च, मेंथा और गन्ना में ज़ायटॉनिक उत्पादों के उपयोग को लेकर विस्तार से चर्चा की गई. किसानों को बताया गया कि इन फसलों में ज़ायटॉनिक उत्पादों का बेसल डोज और मेन फील्ड में प्रयोग करने से मिट्टी की संरचना में सुधार होता है और सिंचाई की आवश्यकता कम होती है.

विशेषज्ञों ने किसानों को बताया कि ज़ायटॉनिक टेक्नोलॉजी मिट्टी की जल धारण क्षमता बढ़ाने में मदद करती है, जिससे फसल को लंबे समय तक नमी मिलती रहती है. इसके अलावा पौधों की जड़ें अधिक मजबूत बनती हैं और पौधों की बढ़वार तेजी से होती है. किसानों को यह भी जानकारी दी गई कि इन उत्पादों के प्रयोग से उत्पादन में वृद्धि के साथ फसल की गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिलता है.

किसानों को प्रमुख उत्पादों की दी गई जानकारी

कार्यक्रम में किसानों को ज़ायटॉनिक एम, ज़ायटॉनिक नर्सरी किट, ज़ायटॉनिक जिंक, ज़ायटॉनिक एनपीके, ज़ायटॉनिक के, ज़ायटॉनिक एक्टिव, ज़ायटॉनिक सुरक्षा, ज़ायटॉनिक नीम, ज़ायटॉनिक बायोबूस्टर और ज़ायटॉनिक प्रोम प्लस जैसे प्रमुख उत्पादों की विस्तृत जानकारी दी गई.

किसानों को इन उत्पादों के उपयोग की सही मात्रा, समय और विधि के बारे में समझाया गया. विशेषज्ञों ने बताया कि यदि किसान इन उत्पादों का सही तरीके से उपयोग करते हैं, तो वे मिट्टी की उर्वरता को लंबे समय तक बनाए रख सकते हैं और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम कर सकते हैं.

इसके साथ ही किसानों को ज़ायटॉनिक गोधन के माध्यम से गोबर की खाद तैयार करने की विधि भी बताई गई. किसानों को समझाया गया कि जैविक खाद मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और लंबे समय तक खेती को टिकाऊ बनाए रखने में मदद करती है.

कीटनाशकों और अन्य कृषि उत्पादों के साथ उपयोग की जानकारी

गोष्ठी में किसानों को यह भी बताया गया कि ज़ायटॉनिक एक्टिव को कीटनाशकों, फंजीसाइड, हर्बिसाइड और अन्य टॉनिक के साथ मिलाकर भी प्रयोग किया जा सकता है. किसानों को इसके सुरक्षित और प्रभावी उपयोग के तरीके समझाए गए.

विशेषज्ञों ने बताया कि इस तकनीक के माध्यम से अन्य कृषि उत्पादों की कार्यक्षमता में भी सुधार होता है और फसल पर उनका प्रभाव अधिक समय तक बना रहता है. इससे किसानों को दवाओं के बेहतर परिणाम मिलते हैं और खेती की लागत को नियंत्रित करने में भी सहायता मिलती है.

ग्लास डेमो के माध्यम से तकनीक की सरल व्याख्या

कार्यक्रम का सबसे आकर्षक हिस्सा ग्लास डेमो रहा, जिसके माध्यम से किसानों को ज़ायटॉनिक टेक्नोलॉजी को बेहद सरल और प्रभावी तरीके से समझाया गया.

विशेषज्ञों ने किसानों को बताया कि सही पीएच स्तर और संतुलित पोषण फसल की अच्छी बढ़वार के लिए अत्यंत आवश्यक है. किसानों ने इस डेमो को बड़ी रुचि के साथ देखा और तकनीक को व्यवहारिक रूप में समझा. इसके अलावा धान की फसल को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई और किसानों को आने वाले खरीफ सीजन के लिए उपयोगी सुझाव दिए गए.

ग्लास डेमो के माध्यम से किसानों में उत्पादों और तकनीक के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हुआ तथा उन्होंने इसे आधुनिक खेती के लिए उपयोगी बताया.

किसानों में दिखा उत्साह और सकारात्मक सोच

पूरे कार्यक्रम के दौरान किसानों की सहभागिता बेहद सराहनीय रही. किसानों ने आधुनिक खेती और ज़ायटॉनिक उत्पादों के प्रति सकारात्मक रुचि दिखाई. गोष्ठी के अंत में लगभग 26 किसानों ने ज़ायटॉनिक उत्पादों का उपयोग शुरू करने की सहमति दी.

किसानों ने बताया कि वे खेती में ऐसी तकनीकों को अपनाना चाहते हैं, जिससे लागत कम हो, मिट्टी की गुणवत्ता बनी रहे और उत्पादन में वृद्धि हो. कार्यक्रम ने किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें वैज्ञानिक खेती की दिशा में प्रेरित भी किया.

यह किसान गोष्ठी न केवल किसानों के लिए ज्ञानवर्धक साबित हुई, बल्कि क्षेत्र में टिकाऊ और आधुनिक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.

English Summary: Zydex farmer meeting organized in Mirzapur Barabanki UP Published on: 21 May 2026, 02:41 PM IST

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