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हापुड़ के 'शुद्धग्राम' में रचा गया इतिहास: "वाइब्रेंट विलेज 2026" में जुटे देशभर के कृषि विशेषज्ञ और पर्यावरण प्रेमी, 'खेत से थाली' की शुद्धता पर हुआ महामंथन

हापुड़ के शुद्धग्राम ऑर्गेनिक फार्म में आयोजित "वाइब्रेंट विलेज 2026" सम्मेलन में किसानों, कृषि विशेषज्ञों, पर्यावरण प्रेमियों और उपभोक्ताओं ने प्राकृतिक खेती, शुद्ध भोजन, ग्रामीण उद्यमिता और 'खेत से थाली' की पारदर्शी व्यवस्था पर चर्चा की. आयोजन ने किसान-उपभोक्ता संवाद, आत्मनिर्भर गांव और स्वस्थ भारत के संकल्प को नई दिशा दी.

KJ Staff
Vibrant village 2026 held at shuddhgram organic farm hapur
शुद्धग्राम ऑर्गेनिक फार्म हापुड में आयोजित हुआ वाइब्रेंट विलेज 2026

आधुनिकता के इस दौर में जहां मिलावटखोरी और रसायनों के अत्यधिक प्रयोग ने मानव स्वास्थ्य और मिट्टी दोनों को गंभीर संकट में डाल दिया है, वहीं देश के ग्रामीण अंचलों को पुनर्जीवित करने और शुद्ध भोजन की अलख जगाने के लिए एक ऐतिहासिक पहल की शुरुआत हो चुकी है. जनपद हापुड़ के गाँव हैदरपुर में स्थित प्रसिद्ध 'शुद्धग्राम ऑर्गेनिक फार्म' पर रविवार को एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन "वाइब्रेंट विलेज 2026" का भव्य और अत्यंत सफल आयोजन किया गया.

इस गौरवमयी कार्यक्रम की मेजबानी 'श्री शुद्ध देसी' एवं 'शुद्धग्राम ऑर्गेनिक' संस्थाओं द्वारा संयुक्त रूप से की गई. इस आयोजन का मुख्य और दूरगामी उद्देश्य देश के अन्नदाताओं (किसानों) और शहरी उपभोक्ताओं को एक ही लोकतांत्रिक मंच पर लाकर भोजन की मौलिक शुद्धता, प्राकृतिक कृषि पद्धतियों, स्वस्थ जीवनशैली और केंद्र सरकार के 'जीवंत ग्राम' (वाइब्रेंट विलेज) की अवधारणा को धरातल पर मजबूत करना था.

कृषि क्षेत्र और मीडिया जगत की नामचीन हस्तियों का रहा जमावड़ा

इस वृहद और वैचारिक रूप से समृद्ध कार्यक्रम का खाका 'शुद्धग्राम ऑर्गेनिक' के दूरदर्शी संस्थापक गौरव एम. त्यागी, 'श्री शुद्ध देसी' की संस्थापिका ज्योति त्यागी तथा सह-संस्थापक विवेक त्यागी के कुशल नेतृत्व में तैयार किया गया था. इस अभियान को राष्ट्रव्यापी बनाने और कार्यक्रम को सफलता के शिखर पर पहुंचाने में देश के जाने-माने कृषि स्टार्टअप्स और डिजिटल इन्फ्लुएंसर्स ने आयोजक के रूप में कंधे से कंधा मिलाकर काम किया.

इनमें मुख्य रूप से 'रवि ज़ोन फार्मिंग लीडर' के प्रणेता रवि त्यागी व रमन त्यागी, 'सात्विक फूड्स' के शांतनु अत्रिश, 'वाक्षी ऑर्गेनिक्स' के वरुण सिंगला, 'पृथ्वी रूह' संस्था से अंशिका शर्मा, 'सौंधी सुगंध' के प्रतिनिधि तथा 'वनव्य कंसल्टिंग' के रणनीतिकार स्वप्निल पांडे शामिल रहे. इसके अलावा, भारतीय कृषि पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में किसानों की बुलंद आवाज बन चुके देश के लोकप्रिय मंच 'खबर किसान की' (Khabar Kisan Ki) के संस्थापक अंकित शर्मा भी कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में विशेष रूप से उपस्थित रहे. अंकित शर्मा ने कार्यक्रम के दौरान विभिन्न राज्यों से आए प्रगतिशील किसानों, ग्रामीण महिला उद्यमियों और युवा कृषि-स्टार्टअप्स के संचालकों से सीधा संवाद स्थापित किया और उनके जमीनी अनुभवों को साझा किया.

लाइव फार्म टूर: उपभोक्ताओं ने खुद देखा 'खेत से थाली तक' का सफर

"वाइब्रेंट विलेज 2026" की सबसे अनूठी और व्यावहारिक विशेषता इसका 'लाइव फार्म विज़िट' सत्र रहा. दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम जैसे महानगरों से आए प्रबुद्ध उपभोक्ताओं और परिवारों ने शुद्धग्राम ऑर्गेनिक फार्म का विस्तृत भ्रमण किया. इस दौरान उपस्थित लोगों को यह प्रत्यक्ष देखने का अवसर मिला कि किस प्रकार बिना किसी रासायनिक खाद (यूरिया/डीएपी) और हानिकारक कीटनाशकों के, पूर्णतः प्रकृति के सिद्धांतों पर आधारित 'जीवामृत' और 'घनजीवामृत' के सहारे जैविक फसल प्रबंधन किया जाता है.

प्रतिभागियों को फसल की बुआई से लेकर कटाई, उसके बाद होने वाले पारंपरिक प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग), कड़े वैज्ञानिक गुणवत्ता नियंत्रण (Quality Control) और अंततः पैकेजिंग के बाद सीधे रसोईघर (थाली) तक पहुंचने की पूरी पारदर्शी प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया. शहरी उपभोक्ताओं के लिए मिट्टी की गंध और शुद्ध खेती को इतने करीब से देखने का यह पहला और बेहद भावुक कर देने वाला अनुभव था.

गंभीर विषयों पर वैचारिक संगोष्ठी: 'फूड लेबल' के सच से उठा पर्दा

दोपहर के तकनीकी सत्र में एक उच्चस्तरीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें प्राकृतिक खेती के अर्थशास्त्र, शुद्ध भोजन की समाज में अनिवार्यता, बाजार में बिकने वाले उत्पादों पर लिखे भ्रामक 'फूड लेबल' की तकनीकी समझ और ग्रामीण उद्यमिता जैसे विषयों पर तीखी और सार्थक बहस हुई. विशेषज्ञों ने बताया कि किस तरह 'ऑर्गेनिक' और 'नेचुरल' के नाम पर बाजार में पैकेज्ड फूड्स की मिस-ब्रांडिंग की जा रही है और एक जागरूक उपभोक्ता बनकर ही इससे बचा जा सकता है. इस अवसर पर देश के विभिन्न कोनों से आए जैविक किसानों ने अपने-अपने स्वदेशी उत्पादों (जैसे पारंपरिक अनाज, शुद्ध सरसों तेल, ए-2 घी, मसाले और कबीलाई उत्पाद) के स्टॉल भी लगाए, जहां उपभोक्ताओं ने बिचौलियों के बिना सीधे उत्पादकों से शुद्ध सामग्री की खरीदारी की.

मुख्य वक्ताओं के विचार: विश्वास, पारदर्शिता और आत्मनिर्भरता की त्रिवेणी

गौरव एम. त्यागी (संस्थापक, शुद्धग्राम ऑर्गेनिक) ने अपने मुख्य संबोधन में कहा: "भारत के भीतर शुद्ध और प्रामाणिक भोजन का भविष्य केवल तब तक सुरक्षित है, जब तक हमारा किसान और शहर का उपभोक्ता सीधे एक-दूसरे के संपर्क में हैं. जब तक बीच के व्यापारिक सिंडिकेट को खत्म नहीं किया जाएगा, न तो किसान को सही दाम मिलेगा और न ही उपभोक्ता को शुद्धता. 'वाइब्रेंट विलेज' महज एक मेला नहीं, बल्कि शहरी और ग्रामीण भारत के बीच अटूट विश्वास और पारदर्शिता का एक राष्ट्रीय सेतु है."

ज्योति त्यागी (संस्थापिका, श्री शुद्ध देसी) ने स्वास्थ्य के प्रति सचेत करते हुए कहा: "एक निरोगी और सशक्त समाज की बुनियाद केवल और केवल शुद्ध एवं सुरक्षित भोजन पर ही टिकी हो सकती है. आज की जीवनशैली जनित बीमारियों का एकमात्र इलाज अपनी जड़ों की ओर लौटना है. किसान और उपभोक्ता के बीच का सीधा संवाद इस दिशा में सबसे बड़ा और प्रभावी हथियार है."

विवेक त्यागी (सह-संस्थापक) ने आयोजन के विजन को रेखांकित करते हुए कहा: "वाइब्रेंट विलेज केवल एक ऑर्गेनिक फार्मर मार्केट नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी जीवंत विचारधारा है जहां प्रगतिशील किसान, जागरूक उपभोक्ता, एग्री-स्टार्टअप्स, कॉरपोरेट उद्यमी और नीति निर्माता एक मंच पर आते हैं. हमारा लक्ष्य देश के गांवों को केवल अनाज उगाने का केंद्र न बनाकर, उन्हें आर्थिक रूप से समृद्ध और पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाना है."

आगामी रणनीति: देश के हर राज्य में गूंजेगी 'वाइब्रेंट विलेज' की गूंज

सम्मेलन में आए सैकड़ों गणमान्य नागरिकों, पर्यावरणविदों और डॉक्टरों ने इस सामूहिक प्रयास की मुक्तकंठ से सराहना की. प्रतिभागियों का स्पष्ट मत था कि इस प्रकार के आयोजन शहरों और गांवों के बीच के फासले को पाटते हैं और नई पीढ़ी को कृषि के प्रति सम्मान सिखाते हैं.

समारोह के समापन पर मुख्य आयोजक मंडल ने भविष्य की रूपरेखा साझा करते हुए घोषणा की कि हापुड़ की इस ऐतिहासिक सफलता और जन-आंदोलन के रूप में उभरे उत्साह के बाद, "वाइब्रेंट विलेज" के अगले चरणों का आयोजन देश के विभिन्न राज्यों (जैसे हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, गुजरात और राजस्थान) में भी चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा, ताकि शुद्ध भोजन, आत्मनिर्भर किसान और समृद्ध भारत के इस महा-अभियान को एक अखिल भारतीय आंदोलन का रूप दिया जा सके.

English Summary: Vibrant village 2026 held at shuddhgram organic farm hapur promotes natural farming and farm to-plate transparency Published on: 06 July 2026, 04:09 PM IST

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