उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के मक्का किसानों की आय बढ़ाने और मक्का उत्पादकों को उचित मूल्य दिलाने दिशा में बड़ा कदम उठाया है. मक्का खरीद नीति को मंजूरी देकर, जिसके तहत पहली बार बड़े स्तर पर किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर मक्का की खरीद की जाएगी. इस फैसले से हजारों मक्का उत्पादक किसानों को बाजार में उचित दाम मिलने की उम्मीद है और बिचौलियों पर निर्भरता भी कम होगी.
MSP पर मिलेगा कितना दाम?
सरकार ने मक्का के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2,400 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है. MSP पर खरीद होने से किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य मिलेगा और उन्हें खुले बाजार में कम कीमत पर फसल बेचने की मजबूरी नहीं होगी. साथ ही मक्का की खेती करने वाले किसानों को अब अपनी उपज बेचने के लिए अधिक सुरक्षित और लाभकारी विकल्प उपलब्ध होगा.
कब तक होगी मक्का खरीद?
प्रदेश सरकार ने खरीद प्रक्रिया को समयबद्ध बनाने के लिए स्पष्ट कार्यक्रम जारी किया है. 15 जून से 31 जुलाई तक निर्धारित खरीद केंद्रों पर किसानों से मक्का की खरीद की जाएगी. किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल भुगतान प्रणाली को प्राथमिकता दी जाएगी और खरीद केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएंगी ताकि किसानों को लंबी कतारों या अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े. इसके अलावा अधिकारियों को खरीद प्रक्रिया की नियमित निगरानी करने के निर्देश भी दिए गए हैं.
किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
नई खरीद नीति का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य सीधे मिलेगा. सरकारी खरीद से निजी व्यापारियों द्वारा कम कीमत देने की समस्या भी काफी हद तक कम होगी. इसके साथ ही किसानों को ऑनलाइन पंजीकरण, खरीद केंद्रों की जानकारी और भुगतान की स्थिति जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी. इससे पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनेगी.
किसानों के लिए जरूरी सलाह
जो किसान MSP पर अपनी मक्का बेचना चाहते हैं, उन्हें समय रहते संबंधित खरीद केंद्रों पर पंजीकरण और आवश्यक दस्तावेज तैयार रखने जरुरी है. खरीद अवधि के दौरान निर्धारित तिथियों के भीतर अपनी उपज केंद्रों तक पहुंचाना भी जरूरी होगा, ताकि सरकारी खरीद का पूरा लाभ मिल सके.
साथ ही सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत खरीद केंद्रों पर ही अपनी उपज बेचें और किसी भी प्रकार की समस्या होने पर संबंधित कृषि विभाग या हेल्पलाइन से संपर्क करें.
लेखक: रवीना सिंह
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