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राज्य सरकार ने खोला अपना खजाना, अब हर दिन 50 क्विंटल से अधिक होगी धान की खरीद

प्राची वत्स
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paddy

Paddy

यूपी में धान की खरीदारी शुरू होने से पहले यूपी सरकार ने किसानों को बड़ी राहत दी है. किसानों के हित में सोचते हुए अब हफ्ते के हर दिन 50 क्विंटल से अधिक धान खरीदा जाएगा.

इतना ही नहीं किसानों को अब 100 कुंतल तक धान बेचने के लिए तहसीलों से सत्यापन कराने की कोई जरुरत नहीं है. बिना सत्यापन किसान अब अपना फसल स्वतंत्र रूप से बेच पाएंगे. इससे पहले 50 क्विंटल तक धान बेचने वाले किसानों को भी तहसीलदारों से सत्यापन करवाना पड़ता था. जिस वजह से किसानों को परेशानियां उठानी पड़ती थी.

इस संबंध में खाद्य एवं रसद विभाग की ओर से आदेश जारी किया गया है. अभी तक किसानों को 50 क्विंटल से अधिक धान बेचने पर रजिस्ट्रेशन के बाद संबंधित तहसील से वैरिफिकेशन कराना होता था. यह सत्यापन रकबा और उपज को लेकर किया जाता था.

अब सरकार द्वारा दिए गए नए आदेश के मुताबिक, अगर किसान 100 क्विंटल तक धान बेचना चाहता है, तो सत्यापन की जरूरत नहीं होगी. हालांकि भूलेख में अगर दर्ज नाम से रजिस्टर्ड किसान का नाम न मिलने जैसी स्थिति में वैरिफिकेशन कराना होगा.

इतना ही नहीं अब किसान की समस्या का समाधान निकालते हुए सरकार ने किसानों की समस्या को ख़तम कर दिया. अब कोई भी किसान अपने जिले या बगल के जिले के किसी भी क्रय केंद्र में जाकर बिना अनुमति के धान बेच सकेगा. पहले डीएम या संबंधित जिले के डीएम से विचार-विमर्श के बाद धान बेचने की इजाजत होती थी, इसमें एक लम्बा समय निकल जाता था. नियमों में बदलाव करते हुए, अब किसानों को किसी भी केंद्र से धान का टोकन प्राप्त कर उपज को बेचने की सुविधा होगी.

राजधानी लखनऊ में 1 नवंबर से होगी धान की खरीद

लखनऊ में 1 नवंबर से धान की खरीद शुरू को शुरू किया जा रहा है. यह खरीद प्रक्रिया पूरे 4 महीने यानि फरवरी तक चलेगी. धान खरीद के लिए सरकार द्वारा कुल 23 केंद्र बनाए गए हैं. जिला खरीद अधिकारी/एडीएम ट्रांस गोमती हिमांशु कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में गुरुवार को धान खरीद के संबंध में कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक हुई. इसमें तीनों क्रय एजेंसियों का धान खरीद लक्ष्य तय कर दिया गया है.

जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी निश्चल आनंद के मुताबिक,  इस बार किसानों के लिए ऑनलाइन टोकन की व्यवस्था की गई है. कोरोना महामारी को मद्दे नजर रखते हुए ऑनलाइन टोकन की व्यवस्था की गयी है, ताकि एक जगह ज्यादा लोग इकट्ठे न हो पाएं. वहीं जिले को कुल 23,900 टन धान खरीद का लक्ष्य मिला है. जिले में एफसीआई, मार्केटिंग और पीसीएफ को धान खरीद करनी है. इन तीनों एजेंसियों के कुल मिलाकर 23 केंद्र जिले के आठों ब्लॉकों में बनाए गए हैं. सभी केंद्र सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक धान की खरीदी के लिए खुला रहेगा.

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धान खरीद अधिकारी ने जिले में एफसीआई को 1000, मार्केटिंग को 10,500 और पीसीएफ को 12,400 टन धान खरीद का लक्ष्य देते हुए  उम्मीद जताई कि पिछले साल के मुकाबले में इस बार अधिक धान की खरीद होगी.

इसके लिए कृषि विभाग, पंचायतीराज और राजस्व विभाग के कर्मचारियों के माध्यम से गांव-गांव में कैंपेन लगाकर लोगों में जागरूकता फैलाई जा रही है.

English Summary: UP government opened treasury for farmers, now more than 50 quintals of paddy will be bought every day

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