आप के समय में किसान एक प्रगतिशील किसान बन चुका है और इसके पीछे का कारण है. पीएम किसान योजना जैसी सरकारी स्कीम का शुरु होना. बता दे इस समय इस सरकारी योजना का लाभ देश के करोड़ों किसानों को मिल रहा है. अब किसानों की नजर है 23वीं किस्त पर की सरकार इस किस्त को कब जारी करेंगी, क्योंकि इस किस्त की राशि किसानों की खेती की लागत में कमी आती है और मुनाफे की संभावना बढ़ती है. आगे इस लेख में जानें किस तारीख को मिल सकती है ये सौगात.
कैसे मिलती है योजना की किस्त?
पीएम किसान योजना की राशि किसानों के खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर DBT के माध्यम से सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाती है. यानी की इस बीच बिचौलियों की भूमिका खत्म होती है और किसान भाइयों केम खाते में योजना की रकम उनके खाते में पहुंच जाती है. साथ ही इस स्कीम का पैसा चार महीने में 2,000 रुपये की किस्त किसानों के खाते में पहुंचती है, जिससे खेती से जुड़े छोटे-बड़े खर्चों को पूरा करने में मदद मिलती है.
e-KYC नहीं किया तो अटक सकती है किस्त
सरकार ने साफ कर दिया है कि अगली किस्त का लाभ उठाने के लिए किसानों को e-KYC अनिवार्य रूप से पूरा करना होगा. जिन किसानों ने अभी तक e-KYC नहीं कराया है, उनकी 23वीं किस्त में आ सकती है रुकावट.
e-KYC प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए सरकार ने कई विकल्प उपलब्ध कराए हैं-
-
OTP आधारित e-KYC (आधार से लिंक मोबाइल पर OTP)
-
बायोमेट्रिक e-KYC (CSC सेंटर पर)
-
फेस ऑथेंटिकेशन e-KYC (मोबाइल ऐप के जरिए)
इसके अलावा, किसान अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर या आधिकारिक पोर्टल और मोबाइल ऐप के माध्यम से यह प्रक्रिया आसानी से पूरी कर सकते हैं.
लाभार्थी सूची में नाम कैसे करें चेक?
अगर किसान यह जानना चाहते हैं कि उन्हें अगली किस्त मिलेगी या नहीं, तो वे घर बैठे अपनी स्थिति चेक कर सकते हैं. इसके लिए उन्हें योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर “Beneficiary Status” विकल्प चुनना होगा. वहां आधार नंबर, मोबाइल नंबर या बैंक खाता नंबर दर्ज कर भुगतान की स्थिति देखी जा सकती है.
कब जारी हो सकती है 23वीं किस्त?
अगर पिछले वर्षों के ट्रेंड पर नजर डालें, तो सरकार हर चार महीने के अंतराल पर किस्त जारी करती है. हाल ही में 22वीं किस्त 13 मार्च 2026 को जारी की गई थी. ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि 23वीं किस्त जून के अंत से जुलाई 2026 के बीच किसानों के खातों में ट्रांसफर की जा सकती है. हालांकि, अभी तक केंद्र सरकार की ओर से इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है.
विशेषज्ञों का मानना है कि खरीफ सीजन के दौरान किसानों की आर्थिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सरकार समय पर किस्त जारी कर सकती है, ताकि बीज, खाद और अन्य कृषि कार्यों में किसानों को मदद मिल सके.
लेखक: रवीना सिंह
Share your comments