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Israel Farming: किसानों को इस तकनीक से मिलेगी विशाल और बंपर पैदावार, भारत ने की ये नयी पहल

हम सभी ने हमेशा देखा है कि इजराइली खेती ने पूरी दुनिया में अपना दबदबा बनाया हुआ है. यहां के फल व सब्जियां इतने विशाल होते हैं कि हर कोई इनकी तकनीक को जानना और अपनाना चाहता है. ऐसे में भारत ने भी इस खेती को अपनाने की एक नयी पहल की है.

रुक्मणी चौरसिया

अगर विश्व में इजराइली तरह से खेती (Israel Farming Technique) होने लग जाये, तो खाद्य पदार्थों की आने वाले समय में कमी होने की संभावना ना के बराबर हो जाएगी. दरअसल, भारत से कुछ अधिकारी इजराइल के एग्रीकल्चर टूर (Israel Agriculture Tour) पर जा रहे हैं, ताकि वहां की तकनीक को सीख सकें और भारत में आकर इसको किसानों पर लागू कर सकें. इससे सभी किसानों को अपने आय बढ़ाने के साथ-साथ कृषि क्षेत्र में खेती करने की एक नयी दिशा (New Revolution in Agriculture Sector) भी मिलेगी.

इजरायल दौरे पर होंगे भारत के 7 राज्य (7 states of India will be on Israel tour)

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत से 7 अलग-अलग राज्यों के कृषि अधिकारी (Agriculture Officer) इस क्षेत्र में नए दृष्टिकोणों और विज्ञानों का अध्ययन (Study of new perspectives and sciences) करने के लिए 15 दिनों के दौरे पर इजरायल जा रहे हैं, जो किसानों के लिए फायदेमंद हो सकता है.

इन 7 राज्यों में हरियाणा, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, असम और मिजोरम के प्रतिनिधि शामिल हैं. इससे किसानों को उपज में सुधार करने में सहायता के साथ बढ़ते कृषि विज्ञान (Agriculture Science) को समझने में मदद मिल सकेगी.

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इंडो-इज़राइल फैसिलिटीज़ ऑफ़ एक्सीलेंस (COE) के 18 कृषि अधिकारी "उत्कृष्टता की प्रबंधन सुविधाएं: किसानों के लिए बढ़ते मूल्य" (Management Facilities of Excellence: Increasing Value for Farmers) नामक एक राज्य पाठ्यक्रम (State Course) में भाग ले रहे हैं. इसका आयोजन माशव कृषि कोचिंग सेंटर (MASHAV Agriculture Coaching Center) द्वारा किया जा रहा है.

पाठ्यक्रम के लक्ष्य (Course Goals)

पाठ्यक्रम का लक्ष्य सहयोगी देशों के कृषि अधिकारियों को समूह, प्रशासन और इज़राइल के विशिष्ट क्षेत्रीय कृषि अनुसंधान एवं विकास मॉडल की चुनौतियों से अवगत कराना है. 

साथ ही पाठ्यक्रम का उद्देश्य कृषि क्षेत्र की जरूरतों और चुनौतियों पर विचार करते हुए नए तरीकों, दृष्टिकोणों और अनुप्रयुक्त विज्ञानों को लागू करने और अपनाने की व्यवहार्यता का आकलन करना है.

इजरायली अधिकारियों का कहना है कि "इजरायल में भारतीय अधिकारियों को इस्राइली कृषि तकनीक के बारे में अध्ययन करते हुए देखना उत्साहजनक है. यह पाठ्यक्रम इज़राइल की बेहतर कृषि जानकारी के प्रसार के लिए एक दीर्घकालिक मंच प्रस्तुत करेगा. हम आशा करते हैं कि जल्द या बाद में हम ऐसे कई कार्यक्रम आयोजित करते रहेंगे जिससे भारतीय किसानों को लाभ हो सकता है".

MASHAV, वर्ल्डवाइड ग्रोथ कोऑपरेशन के लिए इज़राइल की कंपनी, अंतर्राष्ट्रीय मंत्रालय के सहयोग से सुधार और योजना में इज़राइल की विशेषज्ञता के साथ अंतरराष्ट्रीय स्थानों को बनाने की आपूर्ति करने का लक्ष्य रख रही है.

रोनी येडिडिया क्लेन ने कहा कि "जैसा कि हमने भारत-इज़राइल राजनयिक संबंधों (India-Israel diplomatic relations) के 30 वर्षों का आनंद लिया है. हम महामारी के कारण लंबे समय तक अनुपस्थिति के बाद कृषि के क्षेत्र में इज़राइल में भारतीय अधिकारियों के शारीरिक कार्यों को फिर से शुरू करते हुए देखकर खुश हैं".

इसके अतिरिक्त कृषि अनुप्रयुक्त विज्ञान का विकल्प इज़राइल और भारत की साझेदारी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. यह दोनों देशों को अपने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त अवसर दे सकता है.

English Summary: Israel Farming, Farmers will get huge and bumper yields, now in Israel farming will be done in India Published on: 11 April 2022, 12:17 PM IST

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