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खरीफ 2026 से पहले किसानों को बड़ी राहत: देश में खाद का बंपर स्टॉक, कीमतें रहेंगी स्थिर

Kharif Fertilizer Prices: खरीफ सीजन की शुरुआत हो गई है और इस सीजन में किसानों की चिंता होती है कि कई यूरिया पर दाम न बढ़ जाए. ऐसे में इस बार केंद्र सरकार ने खाद को लेकर क्या एक्शन लिया है उर्वरक महंगे हो जाएंगे या फिर पुराने रेट पर मिलेंगे इस सवाल का जवाब. आइए यहां जानें..

KJ Staff
urea
खाद की कीमत रहेंगी स्थिर (Image Source-AI generate)

खरीफ सीजन में फसलों की बुवाई से पहले किसानों के मन में यह सवाल है कि क्या उर्वरक महंगे होंगे या फिर पुराने रेट पर मिलेंगे. ऐसे में केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि इस बार खाद Fertilizer की कोई कमी नहीं होगी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ने के बावजूद किसानों को पुराने रेट पर ही उर्वरक उपलब्ध कराया जाएगा. यानी की सरकार की इस तैयारी से करोड़ों किसानों को सीधे तौर पर फायदा मिलने की उम्मीद है.

खरीफ सीजन में फर्टिलाइजर विभाग की क्या तैयारी है?

फर्टिलाइजर विभाग की अतिरिक्त सचिव अनुसार, सरकार ने खरीफ के लिए कुल 390.54 लाख मीट्रिक टन खाद की आवश्यकता का अनुमान लगाया है. अच्छी बात यह है कि इस लक्ष्य के मुकाबले अभी से करीब 190 लाख मीट्रिक टन खाद का स्टॉक उपलब्ध है, जो कुल जरूरत का लगभग 49% है. आमतौर पर इस समय तक सिर्फ 33% स्टॉक ही उपलब्ध रहता है, लेकिन इस बार पहले से की गई रणनीति और बेहतर प्रबंधन के कारण स्थिति काफी मजबूत है.

पिछले साल के मुकाबले हर खाद में इतना इजाफा

सरकारी आकड़ों के अनुसार, इस बार किसानों को खाद की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा, क्योंकि इस बार उर्वरक भंडार पिछले साल की तुलना में अधिक है- 

  • अगर पिछले साल की बात करें तो यूरिया 70.67 लाख मीट्रिक टन था. इस वक्त यूरिया का स्टॉक बढ़कर 71.58 लाख मीट्रिक टन हो गया है.

  • डीएपी (DAP) पिछले साल 15.07 लाख मीट्रिक टन था, जबकि इस समय स्टॉक 22.35 लाख मीट्रिक टन पहुंच गया है.

  • वहीं, एनपीके (NPK) का भंडार 57.56 लाख मीट्रिक टन हो गया है, जो पिछले साल 44.49 लाख मीट्रिक टन था. यानी की कुल मिलाकर देश में अभी 190.21 लाख मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है, जो पिछले साल के 169.24 लाख मीट्रिक टन से काफी अधिक है, जिससे यह साफ है की इस बार किसान भाइयों को खाद की कोई कमी नहीं होगी.

वर्तमान में कितना यूरिया उपलब्ध है?

अगर वर्तमान में यूरिया की उपलब्धता की बात करें, तो इस बार किसानों की जरुरत से ज्यादा यानी की  71 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा है. इसी तरह डीएपी, एमओपी और एनपीके में भी पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, जिससे बुवाई के समय किसी तरह की परेशानी नहीं आएगी. किसान भाई बिना किसी परेशानी के खरीफ फसलों की बुवाई कर सकते हैं.

कीमतों में कितनी होगी बढ़ोतरी

सरकार ने खाद कीमतों को लेकर यह स्पष्ट किया है कि किसानों पर महंगाई का बोझ नहीं डाला जाएगा. अंतरराष्ट्रीय बाजार में यूरिया की कीमत ₹4000 प्रति बैग से ऊपर पहुंच चुकी है, लेकिन भारत में किसानों को यह सिर्फ ₹266.5 प्रति बैग में मिलता रहेगा. यानी की किसान कम कीमत में खाद खरीद खरीफ सीजन में खेती कर बढ़िया मुनाफा कमा सकते हैं.

किसानों को किस रेट पर खाद मिलता रहेगा

किसान अगर खरीफ सीजन फसलों की बुवाई करने जा रहे हैं, तो वह इस बात से बिल्कुल भी न घबराएं की खाद कीमत में बढ़ोतरी कर दी जाएगी. यानी की किसानों को इन दामों पर ही उर्वरक मिलते रहेंगे इस प्रकार-

  • यूरिया: ₹266.5 प्रति बैग

  • डीएपी (DAP): ₹1350 प्रति बैग

  • टीएसपी (TSP): ₹1300 प्रति बैग

सरकार इन उर्वरकों पर भारी सब्सिडी देकर कीमतों को स्थिर बनाए रखेगी, ताकि किसानों की लागत न बढ़े और खेती लाभदायक बनी रहे.

देश में उत्पादन और आयात दोनों पर जोर

भारत ने उर्वरक के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी तेजी से कदम बढ़ाए हैं. इस साल देश में 59.01 लाख मीट्रिक टन खाद का उत्पादन किया गया है. इसके अलावा, जरूरत को पूरा करने के लिए 13.96 लाख मीट्रिक टन खाद का आयात भी किया गया है.

निगरानी में है पूरी व्यवस्था

सरकार का उच्चस्तरीय समूह (EGoS) लगातार उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण पर नजर बनाए हुए है. अधिकारियों का कहना है कि पूरे देश में सप्लाई चेन को सुचारू रखा जा रहा है, ताकि किसी भी राज्य या क्षेत्र में कमी की स्थिति न बने और हर जरुरतमंद किसान को पुराने रेट पर ही खाद मिलता रहे.

लेखक: रवीना सिंह

English Summary: government Relief farmers Kharif Fertilizer Availability Urea Dap Prices stable Published on: 28 April 2026, 03:10 PM IST

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