देश के किसानों के लिए सरकार कई सरकारी योजना चला रही है, जिसका फायदा करोड़ों किसान भाइयों को हो रहा है. इसी क्रम में महाराष्ट्र के किसानों को राज्य सरकार ने राहत की खबर देते हुए पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर शेतरकी कर्जमुक्ति योजना को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत लगभग राज्य के 56 लाख किसानों को बड़ा फायदा पहुंचेगा यानी की योजना के माध्यम से 56 लाख किसानों का कर्ज माफ किया जाएगा. आइए आगे जानें किन किसानों को मिलेगा इस योजना का लाभ.
किन किसानों को मिलेगा योजना का लाभ?
योजना के तहत उन किसानों को कर्ज माफी का लाभ मिलेगा जिनका अल्पकालिक फसल ऋण मूलधन और ब्याज सहित 2 लाख रुपये तक है. यदि किसान का कुल बकाया ऋण 2 लाख रुपये या उससे कम है, तो उसे पूरा कर्ज माफ कर दिया जाएगा.
हालांकि इसके लिए कुछ शर्तें निर्धारित की गई हैं. संबंधित ऋण 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2025 के बीच लिया गया होना चाहिए. इसके अलावा यह कर्ज 30 सितंबर 2025 तक बकाया होना चाहिए और 31 मार्च 2026 तक उसका भुगतान नहीं किया गया हो.
2 लाख से अधिक कर्ज वालों के लिए भी राहत
इस सरकारी योजना में खास बात है कि जिन किसानों पर 2 लाख रुपये से अधिक का कर्ज है, उनके लिए सरकार ने एकमुश्त निपटान (OTS) का विकल्प दिया है. इस व्यवस्था के तहत किसान को 2 लाख रुपये से अधिक की राशि स्वयं जमा करनी होगी.
उदाहरण के लिए यदि किसी किसान पर 2.80 लाख रुपये का बकाया कर्ज है, तो उसे पहले 80,000 रुपये का भुगतान करना होगा. इसके बाद शेष 2 लाख रुपये की राशि सरकार द्वारा माफ कर दी जाएगी. इससे बड़े कर्ज वाले किसानों को भी राहत मिलने का रास्ता खुल गया है.
नियमित भुगतान करने वालों को मिलेगा 50,000 रुपये का इनाम
सरकार ने केवल कर्ज माफी ही नहीं बल्कि ईमानदारी से ऋण चुकाने वाले किसानों को भी प्रोत्साहित करने का फैसला किया है. योजना के प्रोत्साहन लाभ घटक के तहत ऐसे किसानों को 50,000 रुपये तक की राशि दी जाएगी जिन्होंने 2022-23 से 2024-25 के बीच तीन वित्तीय वर्षों में कम से कम दो वर्षों तक निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना ऋण चुकाया हो.
यह राशि सीधे किसानों के बैंक खाते में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी जाएगी. हालांकि यह लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा जिन पर कोई बकाया ऋण नहीं होगा और जिन्होंने समय पर भुगतान किया होगा.
किन किसानों को मिलेगा योजना का लाभ?
योजना का लाभ मुख्य रूप से उन किसानों को मिलेगा जिन्होंने कृषि कार्यों के लिए अल्पकालिक फसल ऋण लिया है और निर्धारित शर्तों को पूरा करते हैं. सरकार का उद्देश्य छोटे और मध्यम किसानों को आर्थिक राहत प्रदान करना है ताकि वे खेती में निवेश जारी रख सकें.
लेखक: रवीना सिंह
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