आज के समय में जिस तरह से किसान मिट्टी में मिलकर खेती करते हैं और अपनी आमदनी आर्जित करते हैं. इसी के चलते अगर किसान भाई अपने गांवों में अपना स्टेबल बिजनेस शुरू करते हैं. यानी की खाद, बीज और कीटनाशक की दुकान खोलते हैं, तो अपनी इनकम डबल कर सकते हैं.साथ-साथ ग्रामीण युवाओं के लिए भी कम लागत में शुरू होने वाला एक लाभदायक बिजनेस बन सकता है. हालांकि, इस कारोबार को शुरू करने से पहले सरकार द्वारा निर्धारित नियमों, लाइसेंस प्रक्रिया और पात्रता को समझना जरूरी है.
गांव में क्यों बढ़ रही है कृषि केंद्रों की मांग?
आज के समय में खेती हर किसान की पहली जरुरत बन गई है और समय के साथ खेती आधुनिक तकनीकों पर आधारित होती जा रही है. यानी की किसान भाइयों को हर सीजन में उर्वरक, प्रमाणित बीज, कीटनाशक और सूक्ष्म पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है. ऐसे में गांवों में यह सुविधा नहीं होने की वजह से किसानों को शहर या फिर बड़ी मंडियों तक जाना पड़ता है. यहीं कारण है कि ग्रामीण क्षेत्रों में खाद-बीज की दुकानों की मांग लगातार बढ़ रही है.
कौन खोल सकता है खाद-बीज की दुकान?
सरकार ने खाद, बीज और कीटनाशक बेचने के लिए कुछ न्यूनतम योग्यताएं तय की हैं, ताकि किसानों तक गुणवत्तापूर्ण उत्पाद पहुंच सकें, कुछ इस तरह से हैं-
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अगर किसान अपनी खुद की खाद की दुकान खोलना चाहता है तो उसकी उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए. कई राज्यों में स्थानीय नियमों के अनुसार अतिरिक्त शर्तें लागू हो सकती हैं.
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शैक्षणिक योग्यता के तौर पर 10वीं या 12वीं पास होने के साथ कृषि विषय में डिप्लोमा या बीएससी (एग्रीकल्चर) जैसी योग्यता को प्राथमिकता दी जाती है. तभी किसान खाद की बिजनेस की शुरआत कर सकता है.
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यदि आवेदक के पास कृषि की डिग्री नहीं है, तो वह कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) या राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान से निर्धारित अवधि का प्रशिक्षण प्राप्त कर भी पात्रता हासिल कर सकता है.
लाइसेंस के लिए किन दस्तावेजों की होगी जरूरत?
खाद-बीज की दुकान खोलने के लिए आवेदन करते समय कई आवश्यक दस्तावेज जमा करने होते हैं. इनमें शामिल हैं-
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आधार कार्ड
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पैन कार्ड
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पासपोर्ट साइज फोटो
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बैंक पासबुक की प्रति
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दुकान के स्वामित्व संबंधी दस्तावेज या किरायानामा
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शैक्षणिक प्रमाण पत्र
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कृषि प्रशिक्षण प्रमाण पत्र
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इसके अलावा जिस कंपनी के उत्पाद बेचना चाहते हैं, उससे अधिकृत विक्रेता (Authorisation Letter/Principal Certificate) का प्रमाण भी देना पड़ सकता है.
ऐसे करें लाइसेंस के लिए आवेदन
खाद और उर्वरक का कारोबार बिना लाइसेंस के संचालित नहीं किया जा सकता. आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से उपलब्ध है.
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ऑनलाइन आवेदन के लिए संबंधित राज्य के कृषि विभाग या डीबीटी (DBT) कृषि पोर्टल पर पंजीकरण करना होता है. वहीं ऑफलाइन आवेदन के लिए जिला कृषि अधिकारी या कृषि विभाग के कार्यालय में निर्धारित आवेदन पत्र जमा करना पड़ता है.
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इसके अलावा, आवेदन के साथ सभी जरूरी दस्तावेज, अधिकृत कंपनी का प्रमाण पत्र तथा निर्धारित शुल्क जमा करना होता है. इसके बाद कृषि विभाग के अधिकारी दुकान और गोदाम का निरीक्षण करते हैं. सभी मानकों के अनुरूप पाए जाने पर निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद लाइसेंस जारी कर दिया जाता है.
कितना निवेश करना होगा?
इस व्यवसाय में शुरुआती निवेश इस बात पर निर्भर करता है कि दुकान का आकार कितना बड़ा है और शुरुआती स्टॉक कितना रखा जा रहा है. सामान्य तौर पर किसान 1.5 लाख रुपये से 3 लाख रुपये के बीच इस व्यवसाय की शुरुआत कर सकते हैं और इस बिजनेस से अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.
लेखक: रवीना सिंह
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