कटहल को अक्सर लोग एक स्वादिष्ट फल या फिर सब्जी के रुप में जानते हैं, लेकिन शायद वह यह नहीं जानते है कि इसे आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में इसे एक बहुउपयोगी औषधीय वृक्ष माना गया है और इसकी सबसे खास बात यह है कि केवल फल ही नहीं इसके बीज , पत्तियां और छाल भी कई पोषक तत्वों और जैव सक्रिय (Bioactive) यौगिकों से भरपूर मानी जाती हैं.
कटहल में कौन-से पोषक तत्व पाएं जाते हैं?
कटहल में कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, विटामिन-सी, विटामिन-ए, पोटैशियम, मैग्नीशियम और कई प्रकार के एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं. यही कारण है कि इसे ऊर्जा देने वाले फलों में गिना जाता है. गर्मियों और बरसात के मौसम में मिलने वाला यह फल शरीर को आवश्यक पोषण देने के साथ कई स्वास्थ्य लाभ भी प्रदान कर सकता है.
पाचन तंत्र को रखता है स्वस्थ
अगर आपको पाचन तंत्र की समस्या है तो कटहल आपके लिए किसी जड़ी बूटी से कम नहीं इसमें में अच्छी मात्रा में डाइटरी फाइबर पाया जाता है, जो पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में मदद करता है. फाइबर कब्ज की समस्या को कम करने, आंतों की कार्यक्षमता सुधारने और पेट को लंबे समय तक भरा रखने में सहायक होता है. यही वजह है कि इसे पाचन के लिए लाभकारी फल माना जाता है.
हृदय स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद
हृदय समस्या होना आज के समय में आम बात हो गई है. ऐसे में कटहल में मौजूद पोटैशियम रक्तचाप को संतुलित रखने में मदद करता है. संतुलित रक्तचाप हृदय संबंधी समस्याओं के जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. इसके अलावा इसमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट शरीर में ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करने में मदद कर सकते हैं.
कटहल की पत्तियां भी कम नहीं
आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा में कटहल की पत्तियों का उपयोग लंबे समय से किया जाता रहा है. इनमें एंटीबैक्टीरियल और सूजनरोधी गुण पाए जाने की बात कही जाती है. पारंपरिक रूप से इनका उपयोग घाव, फोड़े-फुंसी और त्वचा संबंधी समस्याओं में किया जाता रहा है. यानी की कटहल सिर्फ एक फल या सब्जी ही नहीं यह एक औषधी है.
सेवन करते समय रखें ये सावधानियां
हालांकि कटहल पोषक तत्वों से भरपूर है, लेकिन इसका अधिक मात्रा में सेवन कुछ लोगों के लिए परेशानी पैदा कर सकता है. मधुमेह, किडनी रोग या किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को डॉक्टर की सलाह के बिना इसका औषधीय उपयोग नहीं करना चाहिए. यदि किसी व्यक्ति को किसी फल से एलर्जी है तो कटहल खाने से पहले भी चिकित्सकीय सलाह लेना उचित रहेगा.
लेखक: रवीना सिंह
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