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अंकुरित आलू खाने से पहले हो जाएं सावधान! जानिए कब है सुरक्षित और कब पहुंचा सकता है नुकसान

Potatoes Storage Tips: घरों में बारह महीनें आलू का सेवन किया जाता है यानी की इस सब्जी को लोग पकौड़े बनाने से लेकर भाजी तक कई डिश में इसकों डालते हैं, लेकिन गर्मी के मौसम में अक्सर आलू में अंकुर निकल आते हैं और लोगों के मन में यह सवाल आता है कि ऐसे आलू को खाना चहिए या फेंक देना. आगे इस लेख में जानें इस सवाल का जवाब..

KJ Staff
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अंकुरित आलू खाने से पहले हो जाएं सावधान (Image Source-AI generate)

भारतीय रसोई में मुख्य रुप से आलू का सबसे अधिक मात्रा में उपयोग किया जाता है. चाहे सब्जी बनानी हो, पराठा तैयार करना हो या फिर स्नैक्स, आलू का उपयोग हर घर में और लगभग हर सब्जी में उपयोग किया जाता है, लेकिन अक्सर देखा जाता है घरों में कुछ दिनों तक रखने पर आलू में अंकुर निकलने लगते हैं या उसका रंग हरा होने लगता है. ऐसे में लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि क्या अंकुरित आलू खाना सुरक्षित है या उसे तुरंत फेंक देना चाहिए?

साथ ही विशेषज्ञों के अनुसार अंकुरित आलू को लेकर सही जानकारी होना बेहद जरूरी है, क्योंकि कुछ परिस्थितियों में इसका सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक भी साबित हो सकता है.

क्यों निकलते हैं आलू में अंकुर?

आलू वास्तव में पौधे का भूमिगत तना (ट्यूबर) होता है, जिसमें नए पौधे विकसित होने की क्षमता मौजूद रहती है. जब आलू को लंबे समय तक रखा जाता है और उसे अनुकूल वातावरण मिल जाता है, तब उसकी सतह पर मौजूद “आंखों” से अंकुर निकलने लगते हैं. आलू में अंकुर निकलना एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, लेकिन यह इस बात का भी संकेत हो सकता है कि उसे सही तरीके से स्टोर नहीं किया गया है. अधिक गर्मी, नमी और रोशनी आलू के अंकुरित होने की प्रक्रिया को तेज कर देती है.

गलत स्टोरेज है सबसे बड़ी वजह

घरों में अक्सर आलू को रसोई के किसी कोने में या खुली जगह पर रख दिया जाता है, जहां उसे पर्याप्त रोशनी और गर्मी मिलती रहती है. यही कारण है कि कुछ ही दिनों में आलू का रंग बदलने लगता है और उसमें अंकुर दिखाई देने लगते हैं. वहीं, विशेषज्ञ बताते हैं कि आलू को हमेशा ठंडी, सूखी और अंधेरी जगह पर रखना चाहिए. अधिक नमी वाले स्थान पर रखने से आलू जल्दी खराब हो सकता है, जबकि धूप या रोशनी के संपर्क में आने से उसका रंग हरा होने लगता है.

हरा आलू क्यों होता है खतरनाक?

जब आलू लंबे समय तक रोशनी में रहता है तो उसमें क्लोरोफिल बनने लगता है, जिससे उसका रंग हरा दिखाई देने लगता है. हालांकि क्लोरोफिल स्वयं नुकसानदायक नहीं होता, लेकिन यह संकेत देता है कि आलू में सोलनिन (Solanine) नामक प्राकृतिक विषैले तत्व का स्तर बढ़ सकता है.

सोलनिन अधिक मात्रा में शरीर में पहुंचने पर कई स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है. इसके सेवन से मतली, उल्टी, पेट दर्द, दस्त, सिरदर्द और चक्कर आने जैसी परेशानियां हो सकती हैं. गंभीर मामलों में यह तंत्रिका तंत्र को भी प्रभावित कर सकता है.

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(Image Source-AI generate)

क्या अंकुरित आलू खाया जा सकता है?

यदि आलू में केवल छोटे-छोटे अंकुर निकले हैं और उसका रंग सामान्य है, वह सख्त है तथा उसमें सड़न नहीं आई है, तो उसे सावधानी के साथ इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके लिए अंकुर वाले हिस्से और उसके आसपास का भाग अच्छी तरह काटकर निकाल देना चाहिए.

लेकिन यदि आलू बहुत ज्यादा हरा हो गया है, नरम पड़ चुका है या उसमें बड़े और कई अंकुर निकल आए हैं, तो उसे खाने से बचना चाहिए. ऐसे आलू में सोलनिन का स्तर बढ़ने की संभावना अधिक होती है.

आलू को लंबे समय तक ताजा रखने के आसान उपाय

यदि आप चाहते हैं कि आलू लंबे समय तक ताजा बना रहे और उसमें अंकुर न निकलें, तो कुछ आसान उपाय अपनाए जा सकते हैं.

  •  आलू को ठंडी, सूखी और अंधेरी जगह पर रखें.

  •  प्लास्टिक बैग में बंद करके रखने से बचें.

  •  हवादार टोकरी या जूट के बैग का उपयोग करें.

  •  आलू को सीधे सूर्य की रोशनी से दूर रखें.

  •  आलू और प्याज को एक साथ स्टोर न करें.

  •  समय-समय पर आलू की जांच करते रहें और खराब आलू को अलग कर दें.

लेखक: रवीना सिंह

English Summary: Sprouted Potatoes Safe to Eat or Discard know Storage Tips guide Published on: 25 June 2026, 06:09 PM IST

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