शहद बचा सकता है कई बिमारियों से

अक्सर हम जब किसी  की मधुर वाणी सुनते हैं तो उसको कहते हैं की शहद से भी मीठा बोलता है. लेकिन जिस शहद का हम अक्सर उदहारण देते हैं उसमें इतने गुण है कि यदि इसका नियमित प्रयोग किया जाए तो दवाईयां खाने से आसानी से बचा जा सकता है. कई तरीके के रोगों को में यह बहुत फायदेमंद है.  शहद के फायदे और औषधीय गुणों को न केवल आयुर्वेद में बल्कि अन्य चिकित्सक पद्धतियों में भी सराहा गया गया है . आयुर्वेद में तो इसकी तुलना अमृत से की गयी है जो अब वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित भी हो गया है .

शहद में विटामिन ए, बी, सी, सोडियम, फास्फोरस, आयोडीन, आयरन, कैल्शियम, कॉपर, मैगनीशियम, पोटैशियम जैसे खनिजो और अन्य पोषक तत्वों भंडार है . इसलिए शहद के इस्तेमाल करने के अनुरूप वह शरीर पर अलग अलग प्रभाव डालता है . यहाँ हम आपको शहद के कुछ ऐसे फायदों के विषय में बता रहे हैं जो कि बहुत सी बिमारियों में लाभकारी है.

शहद के फायदे

शहद के सेवन से खून में हिमोग्लोबिन का स्तर बढाता है .

शहद शरीर में रक्त संचरण को बढ़ाता है .

शहद चीनी के मुकाबले एक बढ़िया विकल्प है क्योंकि शहद के रासायनिक तत्वों में सिंपल शुगर होती है जिसमे ग्लूकोस की मात्रा कम होती है और मिठास चीनी जितनी ही होती है .

शहद अपनी एंटीऑक्सीडेंट क्षमता के कारण एक अच्छा एंटीबैक्टीरियल और एंटीसेप्टिक होता है जिससे संक्रमण और घावो को ठीक होने में मदद मिलती है .

शहद अपनी अम्लीय संरचना के कारण पेट की बिमारियों जैसे कब्ज, पेट फूलने और गैस में लाभकारी होता है.

दालचीनी और शहद के लाभ

मानसिक तनाव और गठिया के दर्द में दालचीनी और शहद बराबर मात्र में मिलाकर पीने से आराम मिलता है .

शहद और मोटापा: मोटापे को कम करने के लिए भी दालचीनी और शहद काफी फायदेमंद होता है . सुबह खाली पेट आधा चमम्च दालचीनी का पाउडर और एक चमम्च शहद मिलाकर पिए .

दालचीनी में इन्सुलिन बढाने वाले तत्व होते है इसलिए मधुमेह के रोगियों के लिए शहद और दालचीनी वाला यह नुस्खा काफी उपयोगी होता है अगर वो मोटापे की समस्या से भी जूझ रहे हो तो .

खाँसी में शहद के फायदे (एक नींबू पानी में उबालें फिर निकालकर काँच के गिलास में निचोड़ें. इसमें एक 30 ml ग्लिसरीन और 90 ml शहद मिलाकर अच्छी तरह से मिलाएं . इसकी एक एक चम्मच चार बार लेने से खाँसी बन्द हो जाती है.

12 ग्राम शहद दिन में तीन बार लेने से कफ़ निकल जाता है, और खाँसी ठीक हो जाती है. काली मिर्च और शहद मिलकर पीने से खांसी और कफ से निजात मिलती है .

पेट के रोगों जैसे –कम भूख लगना, कब्ज अपच आदि को दूर करने के लिए तीन चम्मच पिसा हुआ आंवला रात को एक गिलास पानी में भिगो दें. सुबह: उसे छानकर चार चम्मच शहद मिलाकर पियें.

थकावट:  शहद के प्रयोग से शक्ति, स्फूर्ति और स्नायु को शक्ति मिलती है. समुद्र में काम करने वाले जिनको बहुत समय तक पानी में रहना पड़ता है, वे शहद से यह शक्ति प्राप्त कर सकते हैं. शहद का सबसे बड़ा गुण थकावट दूर करना है. शक्कर से पाचन अंग खराब होते हैं, पेट में गैस पैदा होती है लेकिन शहद गैस बनने से रोकता है. यह मानसिक और शारीरिक शक्ति को बढ़ाता है. आप सारे कामकाज करने के बाद रात को या जब भी थकावट हो तो दो चम्मच शहद आधे गिलास गर्म पानी में नीबू का रस निचोड़कर पी लें, सारी थकावट दूर हो जायेगी और पुन: ताजगी महसूस करने लगेंगे.

मधुमेह : में मीठा खाने की तीव्र इच्छा होने पर शक्कर के स्थान पर बहुत कम मात्रा में शहद लेने से चीनी की तुलना में कम नुकसान होगा .

हृदय शक्तिवर्धक : शहद हृदय को शक्ति देने के लिए विश्व की समस्त औषधियों से सर्वोतम है. जहाँ यह रोगग्रस्त हृदय को शक्ति देता है वहाँ स्वस्थ हृदय को मजबूत और शक्तिशाली बनाता है. शहद की एक चम्मच गर्म पानी में डालकर पियें. एक चम्मच शहद प्रतिदिन लेने से हृदय सबल बनता है. एक चम्मच शहद में 100 कैलोरी होती है.

हृदय के लिए अन्य उपाय -अनार के ताजे जूस में शहद मिलाकर खाली पेट पियें इससे दिल की कार्य क्षमता बढती है .

साँस की तकलीफ : जिनके फेफड़ों में कफ की वजह से साँस लेने में कठिनाई होती है उनको दो चम्मच प्याज़ का रस या एक प्याज को पीसकर, इसे दो चम्मच शहद में मिलाकर देना चाहिए . दमा और फेफड़े के रोग शहद का सेवन करने से दूर होते हैं. शहद फेफड़ों को बल देता है, खाँसी, गले की खुश्की तथा स्नायु कष्ट दूर करता है. छाती में कफ की खराश जैसी आवाज दूर होती है. केवल शहद भी ले सकते हैं.

पीलिया : प्रतिदिन तीन बार एक-एक चम्मच शहद को पानी के गिलास में मिलाकर पीने से लाभ होता है.

घावों के लिए शहद के फायदे -(1) शहद की पट्टी बाँधने से आराम होता है. (2) एक भाग पीला मोम, चार भाग शहद की मरहम से पट्टी बाँधे. मोम को गर्म करके उसमे शहद मिलायें. एंटीबायोटिक मरहम बन जायेगा. जो घाव ठीक नहीं होते वे इससे ठीक हो जाते हैं.

जले हुए अंगों पर शहद का लेप करने से जलन कम होती है, घाव होने पर भी जब तक ठीक न हो, शहद लगाते रहें. घाव ठीक होने पर जले हुए के सफेद दाग बने रहते हैं. इन पर शहद लगाकर पट्टी बाँधते रहें. दाग मिट जायेंगे.

गठिया : गठिया ग्रस्त लोगों को लम्बे समय तक शहद बहुतायत में खाना चाहिए. इससे बहुत लाभ होता है. जोड़ों का दर्द कम होता है.

 (आँखों के लिए शहद शहद के फायदे ) काले मोतियाबिन्द से बचाव: प्रतिदिन एक बूंद शहद डालने से लोग इस रोग से बच सकते हैं. उन्होंने बताया कि इतना ही नहीं, जिन लोगों के मोतियाबिन्द हो गया हो यदि वे प्रारम्भिक अवस्था में तीन-चार , सप्ताह तक शहद का उपयोग करें तो उन्हें निश्चित रूप से लाभ होगा.

आधे सिर में दर्द : यदि सिर दर्द सूर्योदय से शुरू हो, जैसे-जैसे सूर्य ढलने लगे, सिरदर्द बन्द हो जाए, ऐसे आधे सिर के दर्द में जिस ओर सिर में दर्द हो रहा हो उसके विपरीत दिशा वाले दूसरे नाक के नथुने में एक बूंद शहद डाल दें, दर्द में आराम हो जाएगा. रोजाना भोजन के समय दो चम्मच शहद लेते रहने से दर्द नहीं होता. कभी दर्द हो भी जाए तो उसी समय दो चम्मच शहद ले लेने से ठीक हो जाता है.  इस तरीके से इस पप्राकृतिक उत्पाद से आसानी से मानव शरीर को स्वस्थ रखा जा सकता है.

 

Comments