खरीफ और ग्रीष्म सीजन में मूंग की खेती करने वाले किसानों के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान IARI पूसा द्वारा विकसित उन्नत किस्में बेहतर उत्पादन और रोग प्रतिरोधक क्षमता के कारण तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं. बदलते मौसम, बढ़ते रोगों और कम अवधि में तैयार होने वाली फसलों की बढ़ती मांग को देखते हुए IARI ने ऐसी किस्में विकसित की हैं जो किसानों को अधिक उत्पादन के साथ बेहतर लाभ दिलाने में सक्षम हैं. आइए जानते हैं IARI की तीन प्रमुख मूंग किस्मों के बारे में-
1. पूसा 1641
पूसा 1641 किस्म कम अवधि में तैयार होने वाली रोग प्रतिरोधी किस्मों में से एक किस्म है जो राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (दिल्ली) के लिए विकसित की गई है और वसंत ऋतु में सिंचित परिस्थितियों के लिए यह किस्म उपयुक्त मानी जाती है. साथ ही अगर किसान इस किस्म का चुनाव करते हैं तो वह इस किस्म से 63 दिनों में 13.1 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक प्राप्त कर सकते हैं.
खासियत- इस किस्म की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह उत्तरी भारत के क्षेत्रों में फैलने वाले मूंग येलो मोजेक वायरस (MYMV) के प्रति प्रतिरोधी है, जिससे फसल को रोगों से होने वाले नुकसान में कमी आती है. इसके अलावा, इस किस्म में बुवाई के लगभग 36 दिन बाद 50 प्रतिशत पुष्पन हो जाता है. इसलिए यह किस्म जल्दी तैयार होने और बेहतर गुणवत्ता के कारण यह किसानों के लिए एक लाभकारी विकल्प मानी जाती है.
2. पीएमडी-9
पीएमडी-9 मूंग कई प्रमुख रोगों से सुरक्षा देने वाली नई किस्म है, जिसे विशेष रूप से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (दिल्ली) के लिए तैयार किया गया है. साथ ही यह ग्रीष्म ऋतु में सिंचित खेती के लिए उपयुक्त है. किसान भाई अगर इस किस्म की पैदावार करते हैं तो वह इससे लगभग 61 दिनों में 10.8 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उपज प्राप्त कर सकते हैं.
खासियत- पीएमडी-9 की सबसे बड़ी खासियत इसकी बहु-रोग प्रतिरोधक क्षमता है. यह मूंग येलो मोजेक वायरस (MYMV), लीफ कर्ल वायरस, एन्थ्रेक्नोज, वेब ब्लाइट और उड़द लीफ क्रिंकल रोग के प्रति प्रतिरोधी है. साथ ही, यह सूखे की स्थिति में मध्यम स्तर तक सहनशील भी है, जिससे मौसम की अनिश्चित परिस्थितियों में भी किसानों को बेहतर उत्पादन मिलने की संभावना रहती है.
3. पीएमडी-10
आईएआरआई द्वारा वर्ष 2024 में विकसित पीएमडी-10 भी ग्रीष्म ऋतु के लिए एक उन्नत मूंग किस्म है. यह किस्म किसानों के लिए सही विकल्प साबित हो सकती है. किसान इस किस्म से लगभग 60 दिनों में 11.1 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं.
खासियत- पीएमडी-10 इसलिए खास है क्योंकि इसमें में भी MYMV, लीफ कर्ल वायरस, एन्थ्रेक्नोज, वेब ब्लाइट और मूंग लीफ क्रिंकल रोग के प्रति प्रतिरोधक क्षमता मौजूद है. इसके अलावा, यह किस्म सूखे की स्थिति में मध्यम सहनशील है.
लेखक: रवीना सिंह
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