उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों की आय और कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के विकास के लिए विशेष कदम उठाया है. राज्य के कृषि विभाग ने कृषि यंत्र निर्माता कंपनियों के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और इम्पैनलमेंट प्रक्रिया शुरू कर दी है. इस पहल के तहत पात्र कंपनियां सरकारी अनुदान योजनाओं के अंतर्गत किसानों को सब्सिडी पर कृषि यंत्र उपलब्ध करा सकेंगी.
कृषि यंत्रों पर होगा एंबॉस्ड सीरियल नंबर
कृषि विभाग ने किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण नियम लागू किया है. जिन कृषि यंत्रों पर ₹10,000 से अधिक का अनुदान दिया जाएगा, उन पर उभरा हुआ (Embossed) या लेजर कट सीरियल नंबर अंकित होना अनिवार्य होगा.
विभाग द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार सीरियल नंबर एरियल बोल्ड फॉन्ट में और 25 मिमी आकार का होना चाहिए. इस व्यवस्था से प्रत्येक मशीन की पहचान सुनिश्चित होगी और फर्जी या डुप्लीकेट यंत्रों की बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा.
स्वनिर्मित कृषि यंत्रों को ही मिलेगी अनुमति
कृषि विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल उन्हीं कृषि यंत्रों को इम्पैनलमेंट प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा, जिनकी टेस्टिंग रिपोर्ट संबंधित निर्माता कंपनी के नाम पर उपलब्ध होगी. यानी की दूसरी कंपनियों के उत्पादों को री-ब्रांड करके बेचने वाली इकाइयों को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा. इससे वास्तविक निर्माताओं को बढ़ावा मिलेगा और गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सकेगा.
बैंक गारंटी की राशि कितनी होगी?
कृषि विभाग ने कृषि यंत्रों के मूल्य के आधार पर बैंक गारंटी की राशि निर्धारित की है, जो कुछ इस प्रकार है-
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₹3 लाख तक मूल्य वाले यंत्र के लिए प्रति मॉडल ₹1 लाख की बैंक गारंटी.
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₹3 लाख से ₹10 लाख तक मूल्य वाले यंत्र के लिए ₹2 लाख की बैंक गारंटी.
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₹10 लाख से अधिक मूल्य वाले यंत्र के लिए ₹3 लाख की बैंक गारंटी.
यदि कोई कंपनी चार या उससे अधिक कृषि यंत्रों का इम्पैनलमेंट कराती है, तो उसके लिए ₹4 लाख, ₹8 लाख और ₹12 लाख तक की बैंक गारंटी निर्धारित की गई है.
कैसे योजना में आवेदन करें?
अगर आप इस सरकारी योजना में इच्छुक है तो आपको बता दे कि कृषि विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, 29 मई 2026 से ऑनलाइन पोर्टल upyantratracking.in पर आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. किसान इस आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर सरकारी योजना का फायदा उठा सकते हैं.
लेखक: रवीना सिंह
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