पटना के दशरथ मांझी सभागार में वैशाल पाटलिपुत्र दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड (सुधा डेयरी) द्वारा 'जन कल्याण कोष सह योजना' का भव्य उद्घाटन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में पीड़ित पशुपालक परिवारों के बीच कुल ₹30 लाख की सहायता राशि का वितरण किया गया। यह योजना दुग्ध संघ के सदस्य किसानों और उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शीर्षत कपिल अशोक (सचिव, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग, बिहार सरकार सह अध्यक्ष, कॉम्फेड) ने दीप प्रज्वलित कर समारोह का विधिवत उद्घाटन किया। उन्होंने इस प्रयास की सराहना करते हुए निर्देश दिया कि इस जन कल्याण योजना को कॉम्फेड के माध्यम से बिहार के सभी दुग्ध संघों में जल्द से जल्द लागू किया जाए। विशिष्ट अतिथि कॉम्फेड के प्रबंध निदेशक समीर सौरभ ने किसानों के स्वावलंबन पर जोर देते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के परिश्रमी किसान ही 'सुधा' ब्रांड की असली ताकत हैं।
योजना के वित्तीय विवरण की जानकारी देते हुए वैशाल पाटलिपुत्र दुग्ध संघ के अध्यक्ष संजय कुमार ने बताया कि इस ऐतिहासिक अवसर पर लाभार्थियों को सीधे आर्थिक सहायता दी गई है। अप्रैल-मई माह के दौरान 18 दिवंगत दुग्ध उत्पादकों और अध्यक्षों के परिवारों को ₹18 लाख की सहायता दी गई, जिसमें असामयिक मृत्यु पर ₹1 लाख तक का प्रावधान है। इसके अलावा, इसी अवधि में 48 मृत या चोरी हुए दुधारू पशुओं के लिए पशुपालकों को ₹12 लाख की सहायता प्रदान की गई, जिसमें प्रति पशु ₹25,000 तक की मदद शामिल है।
संघ के प्रबंध निदेशक रूपेश राज ने कहा कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं बल्कि किसान परिवारों के प्रति एक श्रद्धांजलि है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संकट की घड़ी में पूरा दुग्ध संघ परिवार किसानों के साथ खड़ा है।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के प्रतिनिधि पदम वीर सिंह सहित पटना, सारण और वैशाली जिले के विभिन्न दुग्ध समितियों के अध्यक्ष, सचिव और किसान उपस्थित थे।
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