मिडिल ईस्ट तनाव होने के कारण भारत में महंगाई का ग्राफ ऊपर की ओर बढ़ता जा रहा है. हाल ही में 15 मई को पेट्रोल-डीजल के दाम में बढ़ोतरी की गई थी, दोनों ही ईंधनों की कीमतों में तीन रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया गया था. इसी बीच फिर पेट्रोल-डीजल को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है कि तेल कंपनियों ने फिर एक बार 5 दिनों के भीतर ही पेट्रोल-डीजल की कीमत में बढ़ोतरी कर दी है, जिसका फ्रक आम आदमी की जेब पर पड़ने वाला है.
तेल कीमत बढ़ोतरी का असर किन लोगों पर पड़ेगा?
तेल कीमत में बढ़ोतरी का असर पूरे देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा, जिनमें नौकरीपेशा लोग, ऑटो, रिक्शा और ऐप-बेस्ड कैब चालकों,छोटे व्यापारी और डिलीवरी सेवाएं के रोजाना खर्च पर सीधा प्रभाव पड़ेगा. बता दे कि जब से ईरान जंग की शुरुआत हुई है तब से अबतक तेल के रेट्स में 50 फीसदी से ज्यादा इजाफा देखने को मिल चुका है. यानी साफ है ईरान तनाव के बीच लोगों को महंगाई की मार झेलनी पड़ सकती है.
CNG भी नहीं बची सस्ती
अभी तक पेट्रोल-डीजल के दामों में इजाफा हुआ था, लेकिन अभी हाल ही में CNG की कीमतों में भी बढ़ोतरी की गई है. बता दे कि दिल्ली-एनसीआर में CNG की कीमत में 1 रुपये प्रति किलोग्राम का इजाफा हुआ है, जो इस तरह से हैं-
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दिल्ली: ₹80.09 प्रति किलो
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नोएडा: ₹88.70 प्रति किलो
इन महानगरों में पेट्रोल-डीजल नए दाम क्या है?
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शहर |
पेट्रोल (रुपये प्रति लीटर) |
डीजल(रुपये प्रति लीटर) |
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दिल्ली |
₹98.64 |
₹91.58 |
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मुंबई |
₹107.59 |
₹94.08 |
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कोलकाता |
₹109.70 |
₹96.07 |
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चेन्नई |
₹104.49 |
₹96.11 |
क्यों बढ़ रहे हैं दाम?
ईंधन कीमतों में इस उछाल के पीछे कई बड़े कारण हैं, जिनमें हैं-
1. पश्चिम एशिया में तनाव
ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक तनाव के चलते कच्चे तेल की सप्लाई पर असर पड़ा है.
2. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार बनी हुई हैं.
3.रुपये की कमजोरी
डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया गिरकर 96.23 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है, जिससे आयात महंगा हो गया है.
लेखक: रवीना सिंह
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