18 मई 2026 को उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जनपद की तहसील रामनगर अंतर्गत ग्राम विपत्रा में एक भव्य किसान गोष्ठी का सफल आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में क्षेत्र के लगभग 100 प्रगतिशील किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. विशेष बात यह रही कि इनमें 28 ऐसे किसान भी शामिल थे जो पहले से ही ज़ायडेक्स कंपनी के ज़ायटॉनिक उत्पादों का प्रयोग कर रहे हैं और अपने अनुभव अन्य किसानों के साथ साझा कर रहे थे.
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक एवं टिकाऊ कृषि तकनीकों से जोड़ना तथा खेती की लागत कम करते हुए उत्पादन बढ़ाने के उपायों की जानकारी देना था. गोष्ठी के दौरान किसानों ने नई तकनीकों, मिट्टी सुधार, जल संरक्षण और फसल उत्पादन वृद्धि जैसे विषयों पर गहरी रुचि दिखाई. कार्यक्रम में किसानों की सक्रिय सहभागिता ने यह स्पष्ट कर दिया कि क्षेत्र के किसान अब वैज्ञानिक एवं उन्नत खेती की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं.
कार्यक्रम का शुभारंभ एवं किसानों की सहभागिता
किसान गोष्ठी का आयोजन सौहार्दपूर्ण वातावरण में किया गया, जहां किसानों का स्वागत करते हुए उन्हें आधुनिक कृषि के महत्व के बारे में बताया गया. कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने खेती से जुड़ी अपनी समस्याओं एवं अनुभवों को साझा किया. किसानों के बीच चर्चा का मुख्य केंद्र वर्तमान समय में बढ़ती खेती लागत, सिंचाई की समस्या और मिट्टी की घटती उर्वरता रही.
गोष्ठी के दौरान किसानों ने आधुनिक जैविक एवं टिकाऊ खेती पद्धतियों के प्रति गहरी रुचि दिखाई. कार्यक्रम में यह भी देखा गया कि युवा किसान नई तकनीकों को अपनाने के लिए अधिक उत्साहित नजर आए. किसानों ने खुलकर सवाल पूछे और उत्पादों के उपयोग से संबंधित जानकारी प्राप्त की.
ज़ायडेक्स कंपनी एवं एग्रो डिवीजन की जानकारी
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित सुन्जीत वर्मा द्वारा किसानों को ज़ायडेक्स कंपनी के एग्रो डिवीजन और कंपनी के विजन के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई. उन्होंने बताया कि कंपनी केवल कृषि क्षेत्र में ही नहीं बल्कि अन्य कई क्षेत्रों में भी कार्य कर रही है और किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार नई तकनीकों पर काम कर रही है.
उन्होंने किसानों को बताया कि ज़ायटॉनिक तकनीक का उद्देश्य खेती को अधिक लाभकारी बनाना है. कंपनी का फोकस मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने, जल की बचत करने और किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन दिलाने पर है. किसानों को यह भी समझाया गया कि आने वाले समय में टिकाऊ खेती ही भविष्य की सबसे बड़ी आवश्यकता होगी.
प्रमुख फसलों में ज़ायटॉनिक उत्पादों के लाभ
गोष्ठी के दौरान क्षेत्र की प्रमुख फसलें जैसे मक्का (Maize), मिर्च (Chilli), मेंथा (Mentha) और गन्ना (Sugarcane) में ज़ायटॉनिक उत्पादों के उपयोग पर विशेष चर्चा की गई. किसानों को बताया गया कि इन उत्पादों का बेसल डोज एवं मेन फील्ड में सही तरीके से प्रयोग करने से सिंचाई की आवश्यकता कम होती है तथा मिट्टी की संरचना में सुधार आता है.
विशेषज्ञों ने समझाया कि ज़ायटॉनिक तकनीक फसल की जड़ों को मजबूत बनाती है, जिससे पौधों की बढ़वार बेहतर होती है और उत्पादन में वृद्धि होती है. किसानों को यह भी बताया गया कि इन उत्पादों के प्रयोग से फसल तनाव कम होता है और पौधे प्रतिकूल परिस्थितियों में भी बेहतर प्रदर्शन करते हैं.
किसानों को दी गई प्रमुख उत्पादों की जानकारी
कार्यक्रम में किसानों को ज़ायटॉनिक एम, ज़ायटॉनिक नर्सरी किट, ज़ायटॉनिक जिंक, ज़ायटॉनिक एनपीके, ज़ायटॉनिक के, ज़ायटॉनिक एक्टिव, ज़ायटॉनिक सुरक्षा, ज़ायटॉनिक नीम, ज़ायटॉनिक बायोबूस्टर तथा ज़ायटॉनिक प्रोम प्लस जैसे प्रमुख उत्पादों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई.
विशेषज्ञों ने किसानों को इन उत्पादों की उपयोग विधि, मात्रा एवं सही समय के बारे में समझाया. किसानों को बताया गया कि उत्पादों का संतुलित उपयोग फसल की गुणवत्ता सुधारने के साथ-साथ उत्पादन बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. इसके अलावा किसानों को ज़ायटॉनिक गोधन के माध्यम से गोबर की खाद तैयार करने की विधि भी सिखाई गई, जिससे प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिल सके.
ग्लास डेमो के माध्यम से तकनीक की सरल व्याख्या
कार्यक्रम का सबसे आकर्षक हिस्सा ग्लास डेमो रहा, जिसमें किसानों को ज़ायटॉनिक टेक्नोलॉजी को सरल एवं प्रभावी तरीके से समझाया गया. इस डेमो के माध्यम से पानी की गुणवत्ता, पीएच संतुलन और पोषक तत्वों की उपलब्धता के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई.
किसानों को यह भी बताया गया कि ज़ायटॉनिक एक्टिव को कीटनाशक, फंजीसाइड, हर्बिसाइड एवं अन्य टॉनिक के साथ मिलाकर प्रयोग किया जा सकता है, जिससे दवाओं की प्रभावशीलता बढ़ती है. धान की फसल को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई और किसानों को आने वाले सीजन के लिए उपयोगी सुझाव दिए गए.
ग्लास डेमो ने किसानों के बीच उत्पादों के प्रति विश्वास बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और किसानों ने तकनीक को व्यवहारिक रूप से समझा.
किसानों में दिखा उत्साह और सकारात्मक प्रतिक्रिया
पूरे कार्यक्रम के दौरान किसानों की सहभागिता अत्यंत सराहनीय रही. किसानों ने उत्पादों एवं तकनीक के प्रति सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की और आधुनिक खेती को अपनाने की इच्छा जताई. गोष्ठी के अंत में लगभग 32 किसानों ने ज़ायटॉनिक उत्पादों का उपयोग शुरू करने की सहमति दी.
कार्यक्रम ने किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें टिकाऊ खेती की दिशा में प्रेरित किया. इस सफल आयोजन ने यह साबित कर दिया कि यदि किसानों को सही जानकारी और मार्गदर्शन मिले तो वे नई तकनीकों को अपनाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.
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