राष्ट्रीय बागवानी अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान (एनएचआरडीएफ), नई दिल्ली द्वारा 13 से 17 जुलाई, 2026 तक प्रधान कार्यालय में " मशरूम उत्पादन तकनीक एवं सस्योत्तर प्रबंधन" विषय पर पाँच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया. इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में दिल्ली, बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, उत्तराखंड तथा उत्तर प्रदेश से कुल 27 प्रशिक्षुओं ने भाग लिया .
कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ. पी. के. गुप्ता, निदेशक, एनएचआरडीएफ द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में किया गया. उद्घाटन सत्र का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन, सरस्वती वंदना तथा एनएचआरडीएफ गीत के साथ हुआ. श्री सुधीर कुमार, सहायक निदेशक ने एनएचआरडीएफ की अनुसंधान, विस्तार, प्रशिक्षण एवं प्रौद्योगिकी प्रसार संबंधी गतिविधियों का संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत किया.
प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य खाद्य, पोषण एवं आर्थिक सुरक्षा के लिए मशरूम उत्पादन को एक सतत एवं लाभकारी उद्यम के रूप में बढ़ावा देना था. प्रशिक्षुओं को मशरूम उत्पादन की वैज्ञानिक खेती, धान एवं गेहूँ के भूसे जैसे कृषि अवशेषों के उपयोग तथा पराली जलाने के पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों के बारे में प्रशिक्षण दिया गया. कार्यक्रम में मशरूम प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, विपणन के अवसर तथा मशरूम उद्यम स्थापित करने हेतु विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं प्रोत्साहनों की भी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई.
एस. सी. तिवारी, सहायक निदेशक एवं प्रशिक्षण समन्वयक द्वारा तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनमें बटन, ऑयस्टर (ढींगरी), मिल्की एवं शिटाके मशरूम की खेती, उत्पादन तकनीक, रोग एवं कीट प्रबंधन, स्पॉन प्रबंधन, कटाई उपरांत प्रबंधन तथा व्यावसायिक उत्पादन पद्धतियों पर विस्तार से जानकारी दी गई. व्यावहारिक प्रशिक्षण के अंतर्गत प्रतिभागियों ने डॉ. अजय यादव के साथ एचएआईसी मशरूम अनुसंधान एवं विकास केंद्र, मुरथल तथा आर.के. मशरूम फार्म, मुरथल, हरियाणा का भ्रमण कर व्यावसायिक मशरूम उत्पादन प्रणाली का प्रत्यक्ष अवलोकन किया.
समापन समारोह के दौरान एनएचआरडीएफ के माननीय अध्यक्ष, डॉ. बिजेन्दर सिंह का स्वागत डॉ. पी. के. गुप्ता, निदेशक, एनएचआरडीएफ द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर किया गया. इस अवसर पर एनएचआरडीएफ के अधिकारी एवं प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे. अपने संबोधन में माननीय अध्यक्ष ने मशरूम उत्पादन को सतत आय एवं रोजगार सृजन करने वाला एक लाभकारी कृषि उद्यम बताया. उन्होंने प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन इकाइयाँ स्थापित करने तथा प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान का प्रसार किसानों एवं ग्रामीण युवाओं तक करने के लिए प्रेरित किया. इस अवसर पर उन्होंने एनएचआरडीएफ द्वारा प्रकाशित पुस्तक "भारत में मशरूम की खेती" का भी विमोचन किया, जो मशरूम उत्पादकों, उद्यमियों एवं विस्तार कार्यकर्ताओं के लिए एक व्यापक मार्गदर्शिका है.
कार्यक्रम में व्यावहारिक अनुभव साझा करते हुए सफल व्यावसायिक मशरूम उद्यमी नेहा शर्मा ने लाभकारी मशरूम उत्पादन इकाई की स्थापना एवं संचालन से जुड़े अपने अनुभव प्रतिभागियों के साथ साझा किए. उन्होंने अपने उद्यम की स्थापना तथा तकनीकी समस्याओं के समाधान में एनएचआरडीएफ द्वारा समय-समय पर प्रदान किए गए सतत तकनीकी मार्गदर्शन एवं सहयोग की सराहना की.
प्रशिक्षुओं ने मशरूम उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन एवं विपणन पर प्राप्त व्यापक प्रशिक्षण तथा व्यावहारिक अनुभव के लिए कार्यक्रम की सराहना की. उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से उनके तकनीकी ज्ञान एवं उद्यमिता कौशल में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई, जिससे वे सफल मशरूम उत्पादन उद्यम स्थापित करने में सक्षम होंगे.
इस अवसर पर डॉ. बिजेन्दर सिंह, माननीय अध्यक्ष, एनएचआरडीएफ ने प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन करने वाले सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए.
समापन समारोह में डॉ. रजनीश मिश्रा, संयुक्त निदेशक; मनोज कुमार श्रीवास्तव, सलाहकार; राहुल डबास, वित्त सलाहकार एवं मुख्य लेखा अधिकारी; संजय सिंह, वरिष्ठ सलाहकार; डॉ. एस. के. तिवारी, सहायक निदेशक; एस. सी. तिवारी, सहायक निदेशक; सुधीर कुमार, सहायक निदेशक; डॉ. गुरदीप रत्तू, वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी; जे. पी. शर्मा, वरिष्ठ प्रशासनिक सहायक तथा गौरव फुलारा, प्रशासनिक सहायक उपस्थित रहे.
कार्यक्रम का समापन मनोज कुमार श्रीवास्तव, सलाहकार द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ. उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन में माननीय अध्यक्ष, निदेशक, अधिकारियों एवं प्रतिभागियों के बहुमूल्य सहयोग एवं योगदान के लिए सभी के प्रति आभार व्यक्त किया. प्रशिक्षण कार्यक्रम की सफलतापूर्वक पूर्णता के उपलक्ष्य में सभी अधिकारियों एवं प्रतिभागियों के साथ सामूहिक छायाचित्र भी लिया गया.
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