देश के किसान अब सिर्फ खेती तक ही सीमित नहीं रह गए है उनको तलाश रहती है, ऐसे बिजनेस की जिससे कम लागत में तबातोड़ मुनाफा मिल सकें. ऐसे में किसान अगर मधुमक्खी पालन करते हैं, तो दोगुना आय अर्जित कर सकते हैं. साथ ही हरियाणा सरकार इस बिजनेस पर दे रही है 85% तक सब्सिडी की भारी छूट. बता दे कि मधुमक्खी पालन से शहद उत्पादन से फसल की पैदावार में भी बढ़ोतरी होती है और सरकार की इस सुविधा की मदद से अभी किसान इस करोबार की शुरुआत कम निवेश के साथ कर तगड़ी आमदनी अर्जित कर सकते हैं.
मधुमक्खी पालन किसानों के लिए क्यों लाभकारी है?
आज के समय में अगर किसान मधुमक्खी पालन करता है, तो वह डबल मुनाफा कमा सकता है, क्योंकि बाजारों में शहद की 12 महीने मांग रहती है. इसका इस्तेमाल खाने की चिजों से लेकर दवाइयों तक में उपयोग होता है, जो इसकी मांग को बढ़ाता है. अगर किसान इस लाभकारी बिजनेस को अपनाते हैं, तो वह कम निवेश में अच्छा उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं.
इसके अलावा, किसानोंं को इस बिजनेस का सबसे बड़ा फायदा यह होगा की वह शहद उत्पादन के साथ अपनी फसल से भी अच्छी उपज प्राप्त कर सकते हैं. यानी यह बिजनेस किसानों को डबल मुनाफा दिला सकता है.
कितना मिलेगा अनुदान?
हरियाणा सरकार द्वारा शुरु की गई यह योजना किसानों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है. अगर आप इस योजना में इच्छुक है, तो इस सरकारी योजना के तहत भारी अनुदान प्राप्त कर सकते हैं-
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एक मधुमक्खी बॉक्स (₹2,250) पर लगभग ₹1,700 की सब्सिडी मिलती है.
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8 फ्रेम कॉलोनी (₹2,000) पर भी करीब ₹1,700 का अनुदान दिया जाता है.
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किसान अधिकतम 50 बॉक्स और 50 कॉलोनियों तक लाभ ले सकते हैं.
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उपकरणों पर ₹11,000-₹14,250 तक की सब्सिडी मिलती है, जिससे लागत काफी कम हो जाती है.
कम निवेश में कैसे शुरु करें मधुमक्खी पालन?
मधुमक्खी पालन एक ऐसा बिजनेस है, जिसे किसान भाई बेहद ही कम निवेश में शुरु करल सकते हैं. अगर किसान 10 बक्सों से ही मधुमक्खी पालन की शुरुआत करता है, तो वह कुछ ही महीनों में शहद का अच्छा-खासा उत्पादन प्राप्त कर सकता है. साथ ही मार्किट में ऐसे शहद की डिमांड अधिक रहती है. जो शुद्ध हो और बिना मिलावट के तैयार किया गया हो, जिसके बाजारों में भी अच्छे दाम मिल जाते हैं और मुनाफे की संभावना बढ़ जाती है.
कैसे मिलेगी सब्सिडी?
अगर आप भी मधुमक्खी पालन करना चाहते हैं और इस योजना में आवेदन करने का विचार बना रहे हैं, तो आप अपने जिले के उद्यान विभाग से संपर्क कर सकते हैं और योजना का फायदा उठा सकते हैं, लेकिन आवेदन के दौरान इन जरुरी दस्तावेजों को तैयार रखें, जिनमें हैं- आधार कार्ड या पहचान पत्र, जमीन से संबंधित डॉक्यूमेंट, बैंक खाता विवरण और पासपोर्ट साइज फोटो. अप्लाई करने बाद विभाग वेरिफिकेशन करेंगा और इसके बाद आपके खाते में अनुदान राशि सीधे भेज दी जाएगी.
लेखक: रवीना सिंह
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