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अच्छी खबर: कृषि मंत्रालय के इस आंकड़े को देखकर खुशी से फूले नहीं समा रहे हैं किसान भाई, जरा जानें पूरा माजरा

सचिन कुमार
सचिन कुमार

Crops Sowing

यूं तो कृषि मंत्रालय बेशुमार आंकड़े जारी करती रहती है. इन आंकड़ों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होती है. एक किसान के लिए इन आंकड़ों का अपना एक खास महत्व होता है, चूंकि वे इनके सहारे अपने भावी भविष्य की योजना तैयार करते हैं. अभी हाल ही में कृषि मंत्रालय ने एक ऐसा ही आंकड़ा जारी किया है, जो इस समय खासा सुर्खियों में बना हुआ है, जिस किसी भी किसान भाई की इन आंकड़ों पर नजर जा रही है, वो खुशी से ल फऊलफूले नहीं समा रहे हैं. यह महज एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह उन सभी किसान भाइयों के लिए एक उम्मीद की किरण है, जो कल तक अवसादग्रस्त थे, तो चलिए जरां इन आंकड़ों पर डालते हैं, एक नजर...!

कृषि मंत्रालय द्वारा जारी किए गए इन आंकड़ों से यह साफ जाहिर हो रहा है कि गर्मी के मौसम में उगाने वाले फसलों के बुवाई में काफी इजाफा हुआ है. आंकड़ों पर नजर डाले, तो 28 मई तक 80.48 लाख हेक्टेयर बुवाई हुई है. विगत वर्ष इस माह तक 66.44 लाख हेक्टेयर तक फसलों की बुवाई हुई थी. विगत वर्ष की तुलना में इस वर्ष 21 फीसद फसलों की बुवाई अधिक हुई है. वहीं, इस बार दलहन की 10.64 लाख हेक्टेयर से लगभग 67.48 प्रतिशत बढ़कर 17.82 लाख हेक्टेयर हो गई है. उधर, पंजाब और हरियाण के किसानों ने भी गर्मी के दौरान फसलों की बुवाई में अच्छा खासा इजाफा किया है. वो भी ऐसे वक्त में जब इन सूबों के अधिकांश किसान सड़कों पर कृषि  कानूनों के खिलाफ आंदोलनरत हैं.

बता दें कि अभी हाल ही में एक ऐसा भी आंकड़ा भी जारी किया गया था, जिससे यह साफ जाहिर हो रहा था कि इस बार अधिकांश किसानों द्वारा आंदोलन में शामिल होने के बावजूद भी फसलों की बुवाई पर किसी भी प्रकार का कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ा है.

दरअसल, इस बात की संभावना जताई जा रही थी कि इस बार किसान भाई आंदोलन में बढ़चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं, ऐसी स्थिति में फसलों के उत्पादन पर नकारात्मक असर पड़ सकता है, लेकिन राहत की बात यह रही कि ऐसा कुछ भी नहीं हुआ. 

English Summary: Good News for Farmer

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