यूपी समेत भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है और ऐसे में देश के किसान भाइयों को यह चिंता सता रही है कि ये मानसून की बारिश कई उनकी फसलों को खराब न कर दें. ऐसे में किसानों की चिंता का हल है प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना ( PMFY) जिसके तहत फसल अगर प्राकृतिक आपदाओं, कीट प्रकोप और अन्य जोखिमों की स्थिति के कारण खराब होती है, तो सरकार इसका मुआवजा प्रदान करेंगी. कैसे आगे जानें.
फसल बीमा योजना में इस तारीख तक करें आवेदन
केंद्र सरकार द्वारा शुरु की गई कल्याणकारी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना ( PMFY) किसानों के लिए काफी लाभकारी बन चुकी है, जिससे किसानों की फसल नुकसान की चिंता खत्म हो गई है. यानी की इस योजना में बीमा कराने के बाद फसल नुकसान की भरपाई की जाती है. अगर आप भी इस सरकारी योजना में इच्छुक है तो 1 जुलाई से 31 जुलाई तक अपनी आवेदन प्रक्रिया पूरी करें.
योजना के लिए जरुरी दस्तावेज क्या होंगे?
अगर आप भी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना ( PMFBY ) में बीमा कराना चाहते हैं तो इन दस्तावेजों को तैयार रखें जिनमें है- आधार कार्ड या अन्य वैध पहचान पत्र, बैंक पासबुक, बैंक खाता संख्या एवं IFSC कोड, मोबाइल नंबर, भूमि रिकॉर्ड (खसरा/खतौनी), बोई गई फसल का विवरण आदि.
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में कैसे अप्लाई करें?
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का फायदा उठाने के लिए किसान अपनी फसल का बीमा कराने के लिए ऑनलाइन पोर्टल https://www.pmfby.gov.in/ , या CSC केंद्र, बैंक शाखा या के माध्यम से आसानी से इस सरकारी योजना में शामिल हो सकते हैं. साथ ही केंद्र सरकार ने किसानों के लिए डिजिटल प्रक्रिया इसलिए रखी है, ताकि किसान घर बैठे आसानी से योजना में अप्लाई कर सकें.
आवेदन के बाद किसकी सहायता लें?
अगर आप इस सरकारी योजना में फसल बीमा के लिए आवेदन कर देते हैं तो. इस बात का विशेष रुप से ख्याल रखें कि समय-समय पर पोर्टल पर आवेदन की स्थिति को चेक करते रहें और फसल को प्राकृतिक आपदा, ओलावृष्टि, बाढ़ या अन्य कोई नुकसान पहुंचता है, तो जल्द ही कृषि रक्षक पोर्टल एवं हेल्पलाइन 14447 पर सूचना दें, ताकि समय पर ही आपको योजना का लाभ मिल सकें.
लेखक: रवीना सिंह
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