1. Home
  2. ख़बरें

बुलंदशहर के 5 FPO डायरेक्टरों ने ICAR-IIMR में लिया मिलेट्स उत्पादन और प्रसंस्करण का प्रशिक्षण

बुलंदशहर के पांच FPO डायरेक्टरों ने हैदराबाद स्थित ICAR-IIMR में पांच दिवसीय प्रशिक्षण लिया. इसमें मिलेट्स के उत्पादन, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन की जानकारी दी गई. इसका उद्देश्य किसानों को श्रीअन्न की खेती के लिए प्रोत्साहित करना, आमदनी बढ़ाना और सरकारी प्रयासों को जमीनी स्तर पर मजबूत करना है.

KJ Staff
Rakesh Sirohi ICAR-IIMR millet training
Progressive Farmer Rakesh Sirohi

उत्तर प्रदेश में श्रीअन्न यानी मिलेट्स की खेती को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. इसी कड़ी में बुलंदशहर जिले के पांच किसान उत्पादक संगठनों (FPO) के डायरेक्टरों ने हैदराबाद स्थित ICAR-Indian Institute of Millets Research (IIMR) में पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिस्सा लिया. इस प्रशिक्षण का उद्देश्य FPO के पदाधिकारियों को मिलेट्स के उत्पादन, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन की आधुनिक तकनीकों से अवगत कराना था, ताकि वे अपने क्षेत्र के किसानों को श्रीअन्न की खेती के लिए बेहतर तरीके से प्रोत्साहित कर सकें.

यह प्रशिक्षण उत्तर प्रदेश सरकार की उपकार संस्था के सहयोग से आयोजित किया गया. कार्यक्रम में बुलंदशहर जनपद के पांच FPO से जुड़े डायरेक्टरों ने भाग लिया. प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मिलेट्स की खेती से लेकर तैयार उत्पादों के प्रसंस्करण और बाजार तक पहुंचाने से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं.

मिलेट्स उत्पादन से लेकर मूल्य संवर्धन तक की जानकारी

प्रशिक्षण कार्यक्रम में मिलेट्स की विभिन्न फसलों के उत्पादन की तकनीक, बेहतर कृषि प्रबंधन, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन पर विशेष जोर दिया गया. किसानों के लिए मिलेट्स को केवल अनाज के रूप में बेचने के बजाय उससे विभिन्न मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार कर बेहतर आमदनी हासिल करने की संभावनाओं के बारे में भी जानकारी दी गई.

FPO डायरेक्टरों के लिए इस तरह का प्रशिक्षण इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे अपने संगठन से जुड़े किसानों तक नई तकनीकों और वैज्ञानिक जानकारी को पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं. प्रशिक्षण से प्राप्त जानकारी के आधार पर वे किसानों को मिलेट्स की खेती, उत्पादन लागत कम करने, गुणवत्तापूर्ण उत्पादन और बाजार की मांग के अनुसार फसल तैयार करने के लिए मार्गदर्शन दे सकेंगे.

बुलंदशहर में मिलेट्स की खेती की अच्छी संभावनाएं

बुलंदशहर में श्रीअन्न की खेती को बढ़ावा देने के लिए प्राकृतिक परिस्थितियां भी अनुकूल मानी जा रही हैं. जिले की मिट्टी और जलवायु कई तरह की मिलेट्स फसलों के लिए उपयुक्त हो सकती है. ऐसे में किसानों को पारंपरिक फसलों के साथ श्रीअन्न की खेती के विकल्प से जोड़ने की दिशा में FPO महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.

मिलेट्स को कम पानी में उगने वाली फसलों में गिना जाता है और बदलती जलवायु परिस्थितियों के बीच इन फसलों की उपयोगिता पर भी लगातार जोर दिया जा रहा है. इसके अलावा श्रीअन्न को पोषण के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जाता है. यही कारण है कि देश में मिलेट्स के उत्पादन और खपत को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं.

इन पांच FPO ने लिया प्रशिक्षण

बुलंदशहर जिले से प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होने वाले पांच किसान उत्पादक संगठनों में शामिल हैं-

  1. अभयदान एग्रो फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी

  2. समक बायो एनर्जी फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी

  3. पुष्परस हनी फेड फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी

  4. नागर बंधु बायो फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी

  5. जैव ऊर्जा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी

इन FPO के डायरेक्टरों ने पांच दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान मिलेट्स से जुड़े विभिन्न पहलुओं को समझा. प्रशिक्षण के बाद अब उनसे उम्मीद की जा रही है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में किसानों के बीच श्रीअन्न की खेती को बढ़ावा देने और इसके बेहतर उत्पादन एवं प्रसंस्करण की जानकारी पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे.

किसानों की आमदनी बढ़ाने में मददगार हो सकता है मिलेट्स

मिलेट्स की खेती को बढ़ावा देने के साथ-साथ इसके प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन पर ध्यान देना किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है. यदि किसान या FPO स्थानीय स्तर पर मिलेट्स से तैयार उत्पादों की प्रोसेसिंग और पैकेजिंग कर बाजार तक पहुंच बनाते हैं, तो उन्हें केवल कच्चा अनाज बेचने की तुलना में बेहतर मूल्य प्राप्त करने के अवसर मिल सकते हैं.

इस प्रशिक्षण से FPO डायरेक्टरों को उत्पादन से लेकर मूल्य संवर्धन और बाजार की संभावनाओं को समझने में मदद मिली है. आने वाले समय में यदि इस ज्ञान को गांव स्तर तक पहुंचाया जाता है और किसानों को वैज्ञानिक तकनीक के साथ मिलेट्स की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, तो बुलंदशहर में श्रीअन्न का रकबा बढ़ाने के साथ किसानों के लिए रोजगार और आमदनी के नए अवसर भी तैयार हो सकते हैं.

English Summary: Bulandshahr UP five FPO directors ICAR-IIMR millet training Published on: 07 September 2026, 03:09 PM IST

Like this article?

Hey! I am KJ Staff. Did you liked this article and have suggestions to improve this article? Mail me your suggestions and feedback.

Share your comments

हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें. कृषि से संबंधित देशभर की सभी लेटेस्ट ख़बरें मेल पर पढ़ने के लिए हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें.

Subscribe Newsletters

Latest feeds

More News