भारत की प्रमुख कृषि-इनपुट कंपनियों में से एक Dhanuka Agritech Limited ने धान की फसल को राइस लीफ और नेक ब्लास्ट रोग से बचाने के लिए “Polin” नामक नई पीढ़ी का फफूंदनाशी पेश किया है. इसे जापान की Nippon Soda Co. Ltd. (NISSO) के साथ कंपनी के रणनीतिक तकनीकी सहयोग के तहत विकसित किया गया है.
KINIPROL Technology से युक्त Polin, FRAC 52 के अंतर्गत वर्गीकृत एक नए DHODHI मोड ऑफ एक्शन को पेश करता है. इसके फॉर्मुलेशन में ट्रांसलैमिनार और सिस्टमिक मोबिलिटी दोनों विशेषताएं हैं. यह पौधे के ऊतकों में प्रवेश कर बिना स्प्रे किए गए पत्तियों के हिस्सों और नई निकलने वाली पौध वृद्धि को सुरक्षा प्रदान करता है.
Polin का उपयोग 100 मिलीलीटर प्रति एकड़ की निर्धारित मात्रा में 200 लीटर पानी के साथ किया जाता है. फसल की महत्वपूर्ण वृद्धि अवस्थाओं के दौरान संक्रमण के शुरुआती लक्षण दिखाई देने पर इसका प्रयोग करने से यह लंबे समय तक प्रभावी नियंत्रण प्रदान करता है.
सुरक्षा की अवधि बढ़ाने के कारण यह समाधान कुल स्प्रे की संख्या को कम करने में मदद करता है. इससे धान किसानों के लिए श्रम और रसायनों पर होने वाला खर्च सीधे तौर पर कम हो सकता है.
Polin को कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में लॉन्च किया गया है. इन राज्यों में Dhanuka ने धान किसानों के बीच Leaf और Neck Blast के प्रभावी प्रबंधन को लेकर जागरूकता अभियान भी शुरू किए हैं.
Polin की शुरुआत पर Dhanuka Agritech Limited के प्रबंध निदेशक राहुल धानुका ने कहा, “Polin के माध्यम से हम राइस ब्लास्ट के नियंत्रण के लिए पूरी तरह से नए मोड ऑफ एक्शन वाली पेटेंटेड जापानी केमिस्ट्री उपलब्ध करा रहे हैं. यह किसानों को ब्लास्ट से स्वस्थ दानों तक अधिक गहरी और लंबे समय तक सुरक्षा प्रदान करता है, जिससे बार-बार होने वाले स्प्रे का खर्च कम होता है. हमारा मानना है कि जब किसान फसल के स्वास्थ्य में निवेश करता है, तो इस्तेमाल की जाने वाली केमिस्ट्री को पूरी तरह भरोसेमंद परिणाम देने चाहिए.”
धानुका ने आगे कहा कि कंपनी आने वाले महीनों में किसानों की मदद के लिए और अधिक समाधान लॉन्च करेगी.
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