आजकल हड्डियों में दर्द, जल्दी थकान या कैल्शियम की कमी हर व्यक्ति में देखने को मिल जाती है और यह समस्या अक्सर 40 की उम्र होने पर ही अधिकतर देखने को मिलती है. ऐसे में इस परेशानी से निजात पाने के लिए रोजाना दूध का सेवन करना शुरु कर देते हैं, लेकिन क्या आपको पता है दूध के अलावा, अगर आप कैल्शियम और पोषक तत्वों से भरपूर इन टॉप 3 फूड्स का सेवन करते हैं, तो कैल्शियम की कमी को कर सकते हैं पूरा.
1. तिल
तिल भारतीय रसोई में आसानी से मिलने वाला खाद्य पदार्थ है. सफेद तिल को कैल्शियम सहित कई पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत माना जाता है. यही वजह है कि इसे हड्डियों की सेहत के लिए उपयोगी डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है और इसको डाइट में आप इसे पीसकर चटनी में मिलाया जा सकता है. इसके अलावा तिल के लड्डू या तिल वाली सब्जियां भी डाइट में शामिल की जा सकती हैं. हालांकि, तिल को संतुलित मात्रा में ही खाना चाहिए. केवल किसी एक खाद्य पदार्थ पर निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग पोषक तत्वों वाले खाद्य पदार्थों को डाइट में शामिल करना बेहतर होता है.
2. रागी
रागी यानी फिंगर मिलेट को कैल्शियम से भरपूर अनाजों में गिना जाता है. यह उन लोगों के लिए खास विकल्प हो सकता है जो अपनी डाइट में डेयरी के अलावा पौधों से मिलने वाले कैल्शियम स्रोतों को शामिल करना चाहते हैं. रागी से रोटी, डोसा, चीला, दलिया और कई तरह के दूसरे व्यंजन बनाए जा सकते हैं. इसे पूरी तरह गेहूं की जगह लेने के बजाय अपनी नियमित डाइट में अलग-अलग रूपों में शामिल किया जा सकता है.
3. मोरिंगा
सहजन की पत्तियों को मोरिंगा के नाम से भी जाना जाता है. मोरिंगा की पत्तियां और पाउडर आजकल हेल्दी डाइट में काफी लोकप्रिय हैं. इनमें कैल्शियम के अलावा कई विटामिन और मिनरल्स पाए जाते हैं. ऐसे में अगर आप मोरिंगा की पत्तियों को सब्जी, दाल या सूप में इस्तेमाल कर सकते हैं और शरीर में कैल्शियम की कमी को पूरा कर सकते हैं.
नोट: किसी भी एक फूड को हड्डियों की कमजोरी का इलाज या दूध से निश्चित रूप से “बेहतर” मानना सही नहीं है. कैल्शियम की जरूरत उम्र, लिंग और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार अलग-अलग हो सकती है. लगातार हड्डियों में दर्द, कमजोरी या कैल्शियम की कमी की आशंका होने पर डॉक्टर या योग्य न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह लें.
लेखक: रवीना सिंह
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