अगर आप भी आलू खाने के बेहद शौकीन है और स्नैक्स या फास्ट फूड, जैसे व्यंजन अक्सर बनाते हैं, तो यह खबर आपके लिए ही है. आजकल बाजारों में हर चीज में मिलावट की जा रही फल, तेल, मसाले और अब यहां तक की हरी सब्जियों में भी मिलावट देखने को मिल रही है जैसे आलू जो भारतीय रसोई की शान है. इसके बिना हर सब्जी अधूरी. ऐसे में आलू में मिलावट लोगों के स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव डाल सकता है. ऐसे में सही आलू की परख करना यहां जानें.
आइए इन टॉप 3 तरीकों से जानें असली-नकली आलू की पहचान-
1. रंग देखकर करें पहचान
आलू खरीदते समय सबसे पहले उसके रंग पर ध्यान दें. सामान्य आलू का रंग प्राकृतिक होता है और वह जरूरत से ज्यादा चमकदार नहीं दिखता. यदि आलू असामान्य रूप से बहुत लाल, पीला या अत्यधिक चमकदार दिखाई दे, तो सावधानी बरतें और घर लाकर आलू को हल्के हाथ से रगड़कर देखें. यदि हाथों पर रंग उतरने लगे, तो यह संकेत हो सकता है कि आलू पर कृत्रिम रंग या किसी प्रकार का रसायन लगाया गया है. ऐसे आलू खरीदने से बचना बेहतर होगा.
2. छिलके की मोटाई भी बताती है सच्चाई
ताजा आलू का छिलका पतला और मुलायम होता है. इसे नाखून से हल्का खुरचने पर आसानी से हटाया जा सकता है. यदि आलू का छिलका बहुत मोटा, सख्त या असामान्य रूप से चमकदार हो और आसानी से न निकले, तो उसे ध्यान से जांचें.
हालांकि मोटा छिलका हमेशा मिलावट का प्रमाण नहीं होता, लेकिन यह पुराने आलू या अनुचित तरीके से प्रोसेस किए गए आलू का संकेत हो सकता है. ऐसे में खरीदारी से पहले अन्य संकेतों की भी जांच करना जरूरी है.
आलू को काटकर जरूर देखें
यदि संभव हो तो घर पहुंचने के बाद आलू को बीच से काटकर देखें. अच्छी गुणवत्ता वाले आलू का अंदरूनी हिस्सा समान रंग का होता है और उसमें काले धब्बे, सड़न या रंग का बड़ा अंतर नहीं दिखाई देता.
अगर बाहर का रंग और अंदर का गूदा बिल्कुल अलग दिखाई दे, या अंदर काले, हरे या भूरे धब्बे नजर आएं, तो ऐसे आलू खाने से बचना चाहिए. यह खराब गुणवत्ता, लंबे समय तक भंडारण या अन्य समस्या का संकेत हो सकता है.
लेखक: रवीना सिंह
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