राजस्थान के किसान खजूर की खेती बड़े पैमाने पर करते हैं और इस समय देशभर में मानसून दस्तक दे चुका है, जिससे राज्य के किसानों के लिए बड़ी परेशानी खड़ी हो सकती है, क्योंकि इस मौसम में खजूर की खेती की बढ़वार होती है और ऐसे में बारिश का पानी अगर फल तक पहुंच जाता है, तो खजूर की फसल खराब होने की संभावनाएं बढ़ जाती है. ऐसे में राज्य के किसान भाई इन देसी तकनीक को अपनाकर भारी नुकसान से बच सकते हैं-
वाटर-प्रूफ पॉलिथीन या तिरपाल का उपयोग
अगर आपने खजूर की खेती की है और आप इस मानसून के मौसम में आप इस बात को लेकर चिंतित है कि बारिश में फसल के फलों की सुरक्षा कैसे करेंगे, तो ऐसे में आप बिल्कुल भी न घबराएं. इस मानसून की बारिश से फलों को बचाने के लिए आप इस देसी तकनीक का सहारा लेकर फल की रक्षा कर सकते हैं, जो कुछ इस तरह से हैं-
अगर खजूर के पेड़ों पर फल लटक रहे हैं, तो इस दौरान किसान उन फलों का बारिश से बचाव करने के लिए गुच्छों को वाटर-प्रूफ पॉलिथीन या तिरपाल से ढक सकते हैं. ऐसे में खजूर की फसल सुरक्षित रहेगी और बारिश का पानी फलों तक नहीं पहुंच सकेंगा और फसल खराब होने से बच जाएगी.
खेतों में जलभराव हो जाए तो क्या करें?
अगर आप खजूर की खेती कर रहे हैं तो इस बात को अच्छे से समझ लीजिए की खजूर एक शुष्क और गर्म जलवायु का पौधा है. ऐसे में अगर इस फसल की जड़ों में पानी पहुंच जाता है, तो जड़ें गलना शुरु हो जाती है. ऐसे में किसान खेतों में जलभराव जैसी समस्या से निवारण पाने के लिए खेत के चारों ओर नालियां बनाकर बारिश के पानी की तुरंत निकासी सुनिश्चित कर बचाव कर सकते हैं.
खजूर की फसल में कीट नियंत्रण कैसे करें?
खजूर एक ऐसी फसल है जिसमें नमी और उमस के कारण कीट लगने की अधिक संभावना बन जाती है. ऐसे में खजूर में ब्लैक हेडेड कैटरपिलर (Black headed caterpillar) और फंगल रोगों का खतरा बढ़ जाता है. अगर इस दौरान अगर आपको सूखी या रोगग्रस्त पत्तिया दिखाई दे तो उनको जल्द ही काट दे और साथ ही लक्षण दिखने पर नीम आधारित कीटनाशक या फिर कृषि विभाग द्वारा अनुशंसित दवाओं का समय रहते छिड़काव कर दें.
खजूर की तुड़ाई कब करें?
खजूर की फसल की तुड़ाई अलग-अलग अवस्थाओं में की जाती है, जो अगस्त से दिसंबर के बीच में होती है. साथ ही अगर आपको लग रहा है कि फल अपनी सही अवस्था मुलायम या फिर सूखा इसी बीच इस फल की तुड़ाई करें. साथ ही अगर फसलों पर मानसून की बारिश का खतरा मंडराता दिखे तो जल्द ही फसल की तुड़ाई कर दें.
लेखक: रवीना सिंह
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